रविवार, 9 फ़रवरी 2020

मॉब लिंचिंग की घटनाओं को भाजपा के मत्थे न मढ़े सरकार

शिवराज सिंह चौहान 

मध्यप्रदेश के धार जिले के मनावर तहसील के बोरलाई गांव में हुई मॉब लिंचिंग की घटना को लेकर भाजपा और कांग्रेस नेता आमने-सामने आ गए हैं. इस मामले पर आज राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कमलनाथ सरकार पर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि सरकार मॉब लिंचिंग की प्रदेश में हो रही घटनाओं को लेकर भाजपा के मत्थे न मढ़ें, बल्कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई करे. उन्होंने आरोपियों पर हो रही कार्रवाई पर कमलनाथ सरकार पर सवाल खड़े किए हैं.
धार जिले में घटी मॉब लिंचिंग की घटना को लेकर आज पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य की कमलनाथ सरकार पर हमला बोला और कहा कि इस घटना में अब तक आरोपियों की गई कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं. पूर्व मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर कहा कि धार में मॉब लिंचिंग की घटना में सरपंच रमेश जूनापानी को फंसाया गया है, जबकि उसने बचाने की कोशिश की थी.  हम चाहते हैं कि अपराधियों को पहचानकर कड़ी से कड़ी सजा दी जाए, लेकिन निर्दोष व्यक्ति को केवल इस कारण से कि वह भाजपा से जुड़ा हुआ है, उसको परेशान न किया जाए. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि धार की मॉब लिंचिंग की घटना इकलौती घटना नहीं है, बल्कि कांग्रेस सरकार लगातार इस पर काम कर रही है कि घटना कोई भी हो, उसमें भाजपा का नाम लेकर अपनी गलती से पल्ला झाड़ ले.  उन्होंने कहा कि मेरा आग्रह है कि निर्दोषों को तंग न करें, लेकिन दोषियों को किसी भी कीमत पर न छोड़ा जाए.
डीजीपी के समर्थन में उतरे शिवराज
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पुलिस महानिदेशक वीके सिंह का समर्थन करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार कर्तव्य परायण डीजीपी वीके सिंह को हटाने का प्रयास कर रही है और दूसरी ओर लोकतंत्र का अपमान करने वाले कलेक्टर को बनाए रखना चाहती है. सरकार को इसको अहम का प्रश्न नहीं बनाना चाहिए. सरकार को सत्य और न्याय के पाले में होना चाहिए, न कि झूठ व अन्याय के. उन्होंने कहा कि कहा कि कमलनाथ सरकार में मंत्री डॉ. गोविंद सिंह ने डीजीपी वीके सिंह की कार्यशैली का समर्थन किया है. जिसका हम स्वागत करते हैं. वे एक वरिष्ठ और अनुभवी नेता हैं, कमलनाथ सरकार तथा कांग्रेस के अन्य नेताओं को उनसे नैतिकता की सीख अवश्य लेनी चाहिए.

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