एक ने कहा पार्टी छोड़ दूंगा, दूसरे ने कहा अब राजा की ही सुनूंगा
मध्यप्रदेश कांग्रेस में इन दिनों सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है. वरिष्ठ नेताओं के बीच छिड़ी जंग के चलते अब विधायकों ने भी तेवर दिखाने शुरु कर दिए हैं. मंत्री न बनने का मलाल अब फूंट पड़ा है. एक विधायक ने एनपीआर को मुद्दा बनाकर पार्टी छोड़ने की धमकी तक दे डाली है, तो दूसरे ने साफ कहा कि अब राजा (दिग्विजय सिंह) जो कहेंगे वे वहीं मानेंगे, किसी और की कोई बात नहीं मानेंगे.
राज्य में मुख्यमंत्री कमलनाथ इन दिनों अपनों से ही घिरते नजर आ हैं. वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया जहां लगातार जनता की लड़ाई सड़क पर उतरकर लड़ने की बात कह रहे हैं, वहीं अब विधायकों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने एनपीआर को लेकर मोर्चा खोला है. उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री कमलनाथ का रुख एनपीआर को लेकर सकारात्मक नहीं रहता है तो वे पार्टी छोड़ देंगे. मसूद लगातार सीएए और एनपीआर के विरोध में राजधानी में धरना, प्रदर्शन करते आ रहे हैं. वे एनपीआर को लेकर राजधानी में एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित करने वाले हैं. इस कार्यक्रम के दौरान वे मुख्यमंत्री कमलनाथ को एनपीआर को लेकर ज्ञापन देंगे. अगर इस ज्ञापन में उनके द्वारा रखी मांगों पर मुख्यमंत्री का रुख सकारात्मक रहा तो ठीक नहीं तो मसूद ने साफ कहा है कि वे पार्टी से इस्तीफा दे देंगे.
मेरे दुख से होगा बड़ा विस्फोट
कांग्रेस विधायक एंदल सिंह कंसाना ने अपनी ही पार्टी को धमकी दे डाली है. कंसाना ने कांग्रेस को धमकी भरे लहजे में कहा कि अगर उन्हें मंत्री नहीं बनाया तो उपचुनाव में होगा पार्टी को बड़ा नुकसान झेलना होगा. कंसाना ने जौरा विधानसभा उपचुनाव में नुकसान होने की धमकी देते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव के पहले मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मुझे मंत्री बनाने का वादा किया था, मगर वादा पूरा नहीं किया. वादा तोड़कर कांग्रेस ने मुरैना की जनता का अपमान किया है. कंसाना ने कहा कि मेरे दुख से बड़ा विस्फोट होगा. उन्होंने कहा कि मुरैना जिले में कांग्रेस के 6-6 विधायक है, मगर मंत्री पद के लिए किसी एक को भी अवसर नहीं दिया गया. कंसाना ने कहा कि अब वे किसी नेता और वरिष्ठ नेता की बात नहीं सुनेंगे, सिर्फ वे अब राजा (दिग्विजय सिंह) की बात ही मानेंगे. राजा जो कहेंगे, वे उनकी बात मानेंगे.
मध्यप्रदेश कांग्रेस में इन दिनों सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है. वरिष्ठ नेताओं के बीच छिड़ी जंग के चलते अब विधायकों ने भी तेवर दिखाने शुरु कर दिए हैं. मंत्री न बनने का मलाल अब फूंट पड़ा है. एक विधायक ने एनपीआर को मुद्दा बनाकर पार्टी छोड़ने की धमकी तक दे डाली है, तो दूसरे ने साफ कहा कि अब राजा (दिग्विजय सिंह) जो कहेंगे वे वहीं मानेंगे, किसी और की कोई बात नहीं मानेंगे.
राज्य में मुख्यमंत्री कमलनाथ इन दिनों अपनों से ही घिरते नजर आ हैं. वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया जहां लगातार जनता की लड़ाई सड़क पर उतरकर लड़ने की बात कह रहे हैं, वहीं अब विधायकों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने एनपीआर को लेकर मोर्चा खोला है. उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री कमलनाथ का रुख एनपीआर को लेकर सकारात्मक नहीं रहता है तो वे पार्टी छोड़ देंगे. मसूद लगातार सीएए और एनपीआर के विरोध में राजधानी में धरना, प्रदर्शन करते आ रहे हैं. वे एनपीआर को लेकर राजधानी में एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित करने वाले हैं. इस कार्यक्रम के दौरान वे मुख्यमंत्री कमलनाथ को एनपीआर को लेकर ज्ञापन देंगे. अगर इस ज्ञापन में उनके द्वारा रखी मांगों पर मुख्यमंत्री का रुख सकारात्मक रहा तो ठीक नहीं तो मसूद ने साफ कहा है कि वे पार्टी से इस्तीफा दे देंगे.
मेरे दुख से होगा बड़ा विस्फोट
कांग्रेस विधायक एंदल सिंह कंसाना ने अपनी ही पार्टी को धमकी दे डाली है. कंसाना ने कांग्रेस को धमकी भरे लहजे में कहा कि अगर उन्हें मंत्री नहीं बनाया तो उपचुनाव में होगा पार्टी को बड़ा नुकसान झेलना होगा. कंसाना ने जौरा विधानसभा उपचुनाव में नुकसान होने की धमकी देते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव के पहले मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मुझे मंत्री बनाने का वादा किया था, मगर वादा पूरा नहीं किया. वादा तोड़कर कांग्रेस ने मुरैना की जनता का अपमान किया है. कंसाना ने कहा कि मेरे दुख से बड़ा विस्फोट होगा. उन्होंने कहा कि मुरैना जिले में कांग्रेस के 6-6 विधायक है, मगर मंत्री पद के लिए किसी एक को भी अवसर नहीं दिया गया. कंसाना ने कहा कि अब वे किसी नेता और वरिष्ठ नेता की बात नहीं सुनेंगे, सिर्फ वे अब राजा (दिग्विजय सिंह) की बात ही मानेंगे. राजा जो कहेंगे, वे उनकी बात मानेंगे.
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