शिवराज के बाद गोपाल के निशाने पर मुख्य सचिवनेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने प्रदेश के मुख्य सचिव एस. आर. मोहंती पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि अधिकारी नेताओं की चाटुकारिता कर रहे हैं. शासकीय कार्यालय, कांग्रेस कार्यालय में बदल गए हैं. भार्गव ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर मुख्य सचिव द्वारा की गई टिप्पणी सर्विस मैनुअल के हिसाब से ठीक नहीं है.
नेता प्रतिपक्ष ने यह बात आज मीडिया से करते हुए कही. उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार में अधिकारियों को खुली छूट मिल रही है. नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्य सचिव द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री के खिलाफ दिया गया बयान सर्विस मैनुअल के खिलाफ है. अधिकारी अपना आचरण सुधारें. मध्यप्रदेश में इस तरह की संस्कृति नहीं है कि अधिकारी नेताओं के खिलाफ बयान दें. अधिकारी केवल नेताओं की चाटुकारिता करने में लगे हुए हैं, ताकि इन्हें रिटायरमेंट के बाद अच्छे मलाईदार पद मिल सकें और इनका जीवन आसानी से कट सके.
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में मंत्रालय को भी घोषित रूप से कांग्रेस कार्यालय बना देना चाहिए क्योंकि अघोषित रूप से तो सरकारी दफ्तर और मंत्रालय कांग्रेस कार्यालय बन ही चुके हैं. प्रदेश के मुख्य सचिव एसआर मोहंती ने एक बयान देते हुए कहा था कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पीपीपी मोड की समझ ही नहीं थी. उन्हें मालूम ही नहीं था कि पीपीपी मोड क्या होता है. मुख्य सचिव के इस बयान के बाद ही सियासत गरमा गई है.
गौरतलब है कि मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्य सचिव एसआर मोहंती पर पोषण आहार के मामले में सरकार के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया था, जिस पर मुख्य सचिव ने भी शिवराज सिंह चौहान पर निशाना साधा है.
छोटे अधिकारियों का मनोबल गिरा रहे मुख्यमंत्री
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा कि थप्पड़ कांड की दोषी महिला कलेक्टर को बचाकर सरकार और मुख्यमंत्री कमलनाथ छोटे अधिकारियों का मनोबल गिरा रहे हैं. जब एक बार जांच में आरोप सिद्ध हो गए हैं तो फिर जांच वरिष्ठ अफसरों से क्यों कराई गई? दोषी कलेक्टर को बचाने के लिए ही वरिष्ठ अफसरों को जांच का जिम्मा सौंपा गया था और इन अफसरों ने अपना काम कर दिखाया. भार्गव ने कहा कि कमलनाथ सरकार ने एक दोषी आईएएस अधिकारी को बचाने के लिए पुलिस द्वारा की गई जांच को ही गलत ठहरा दिया है. ये मामला बेहद गंभीर है और इस मामले को मैं विधानसभा में भी उठाऊंगा.
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