मध्यप्रदेश की पूर्व मंत्री और भाजपा की वरिष्ठ नेता कुसुम महदेले ने दिल्ली में भाजपा की हार के बाद दिल्ली भाजपा अध्यक्ष को लेकर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा कि अगर दिल्ली वासी भाजपा कार्यकर्ता अध्यक्ष होता तो दिल्ली भाजपा की होती. पूर्व मंत्री के इस बयान के बाद भाजपा में हड़कंप मच गया है. वहीं कांग्रेस नेता नरेन्द्र सलूजा ने तंज कसते हुए कहा है कि हार के साथ ही भाजपा में अंतर्कलह शुरु हो गई है.
दिल्ली में केजरीवाल सरकार बनने के साथ ही भाजपा को लेकर कांग्रेस द्वारा करारा प्रहार किया जा रहा है. वहीं अब राज्य की पूर्व मंत्री और वरिष्ठ नेता कुसुम महदेले द्वारा किए गए ट्वीट के बाद भाजपा में हड़कंप मच गया है. दिल्ली में हार के बाद पूर्व मंत्री ने ट्वीट कर कहा है कि कोई दिल्ली वासी क्या प्रदेश अध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी दिल्ली बनने की योग्यता नहीं रखता ? कोई दिल्लीवासी भाजपा कार्यकर्ता अध्यक्ष बनता तो शायद आज दिल्ली भाजपा के पास होती. उन्होंने एक अन्य ट्वीट कर भाजपा की राजनीति पर सवाल खड़े किए हैं, उन्होंने लिखा है कि तीन तलाक, कश्मीर, धारा 370, राम मंदिर, सीएए दिल्ली को कुछ भी पसंद नहीं आया.
पूर्व मंत्री के इस ट्वीट पर भाजपा में हड़कंप मच गया है. वहीं कांग्रेस नेता इसे लेकर भाजपा पर तंज कसने लगे हैं. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के मीडिया समन्वयक नरेन्द्र सलूजा ने कहा कि कल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर उमा भारती ने तंज कसा था और आज कुसुम मेहदेले का ट्वीट कर भाजपा संगठन पर तंज कसा है. कुल मिलाकर भाजपा में अंतर कलह शुरू हो गई है. उन्होंने कहा कि भाजपा में तानाशाही से निर्णय थोपे जाते हैं, जिसको लेकर भाजपा में ही गहरा असंतोष है. जनता ने बता दिया है कि विकास ही चुनाव में मुख्य मुद्दा है. देश को बांटने वाले किसी मुद्दे को जनता स्वीकार नहीं करेगी.
पूर्व मंत्री के इस ट्वीट पर प्रदेश भाजपा के मीडिया के प्रभारी लोकेन्द्र पाराशर ने सफाई दी है. उन्होंने कहा कि भाजपा की वरिष्ठ नेता कुसुम महदेले उम्र दराज नेता है, लेकिन मुझे जानकारी है कि वो अपने ट्वीट खुद नहीं करती हैं. जो उनका ट्वीटर हैंडल संभालते हैं, उसने क्या लिखा है, उस पर कुसुमजी भी ध्यान देंगी और पार्टी भी ध्यान देगी.

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