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| कमलनाथ |
संघ प्रमुख मोहन भागवत द्वारा राजधानी प्रवास के दौरान प्रचारकों के साथ बैठक में आदिवासियों को लेकर 2021 की जनगणना में हिन्दू बताने के लिए अभियान चलाए जाने की रणनीति बनाने को लेकर सियासत गर्मा गई है. मुख्यमंत्री कमलनाथ ने तो इसे लेकर संघ को चेतावनी भी दे डाली है कि अगर इस तरह का कोई अभियान चलाया गया तो सरकार वैधानिक कार्रवाई करेगी.
हाल ही में संघ प्रमुख मोहन भागवत राजधानी प्रवास पर रहे. चार दिनों तक प्रचारकों के अलावा अनुषांगिक संगठनों के पदाधिकारियों के साथ हुई उनकी बैठकों में संघ द्वारा भविष्य में चलाए जाने वाले अभियानों को लेकर रणनीति तय की गई. इस बैठक में संघ प्रमुख द्वारा 2021 की जनगणना में आदिवासियों की धार्मिक पहचान को हिंदू बताने के लिए अभियान चलाने की भी बात कही गई. संघ प्रमुख ने प्रचारकों से कहा कि कहा कि 2021 की जनगणना में आदिवासियों की धार्मिक पहचान को हिंदू के तौर पर दर्ज कराने के लिए अभियान चलाया जाए. साथ ही आदिवासियों को प्रेरित किया जाए कि वो धर्म के कालम में हिंदू
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| मोहन भागवत |
संघ प्रमुख द्वारा इस तरह के अभियान चलाने जाने की बात जब सामने आई तो प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने संघ को चेतावनी दे डाली. उन्होंने कहा कि संघ का आदिवासी को हिंदू धर्म बताने के लिए प्रेरित करना ठीक नहीं है. आदिवासियों को धार्मिक पहचान बताने के लिए मजबूर करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. आदिवासी को हिंदू घोषित करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता है. मुख्यमंत्री ने कहा कि एनआरसी लागू करने में विफल संघ, अब अपने खतरनाक मंसूबों को दूसरे रास्तों पर लागू करने में लगा है. इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि आरएसएस ने अभियान चलाया तो वैधानिक कार्रवाई की जाएगी. मुख्यमंत्री के इस आशय का पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो भाजपा नेता खफा हो गए.
भाजपा ने मुख्यमंत्री की चेतावनी पर जताई आपत्ति
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा कि मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि यदि आरएसएस ने आदिवासियों को उनकी अनादिकाल की मान्यताओं के खिलाफ कोई काम किया तो वे वैधानिक कार्रवाई करेंगे. भार्गव ने कहा कि आदिवासी आदिकाल से सनातन संस्कृति हिन्दू धर्म का अभिन्न अंग रहा है. यह प्रमाणित करने की आवश्यकता नहीं है. गरीब वनवासी शबरी के झूठे बेर भगवान राम ने खाए थे. त्रेता युग हो या द्वापर युग और सभी युगों में हमें देखने को मिलता है कि हमारे सनातन धर्म को सबसे अधिक पोषित और पल्लवित करने का काम वनवासी वर्ग ने किया है. भार्गव ने कहा कि आदिवासी भाईयों के मूलधारा में लौटने का मुख्यमंत्री कमलनाथ जिस तरीके से विरोध कर रहे है, वह निदंनीय है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कमलनाथ सनातन धर्म की परंपरा का अनुसरण करे और अध्ययन करे और उसके बाद ही कुछ बयान जारी करें. कमलनाथ छिंदवाड़ा सहित आदिवासी अंचलों में धर्मांतरण को बढ़ावा देने का जो काम कर रहे है, उसे कतई बर्दाश्त नही किया जाएगा. वहीं भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी लोकेंद्र पाराशर का कहना है कि यदि संघ आदिवासियों को हिंदू धर्म के साथ जोड़ने के लिए जनजागरुकता अभियान चलाता है तो उसमें कोई बुराई नहीं है.


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