पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज कैबिनेट बैठक में सरकार द्वारा सीएए को निरस्त करने का संकल्प पारित करने का विरोध किया है. उन्होंने कहा कि सीएए को लागू होकर रहेगा, इसे कोई ताकत नहीं रोक सकती.पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पलटवार करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री बनने के लिए संविधान के प्रति सच्ची और निष्ठा रखने की शपथ ली जाती है. ये कानून संसद ने बनाया है. उन्होंने कहा कि आप कहते हैं कि कानून वापस ले लो. आप क्या चाहते हैं कि पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान से प्रताड़ित होकर आए वहां के अल्पसंख्यकों को भारत की नागरिकता नहीं दें? पूर्व मुख्यमंत्री चौहान ने मुख्यमंत्री से पूछा कि क्या महक जैसी बिटिया उठती रहें, धर्मांतरण होता रहे, उनका घर जलता रहे, वहां उनकी संपत्ति पर कब्जा किया जाता रहे? आपको उनकी बेटियों का दु:ख-दर्द दिखाई नहीं देता? आप इतने असंवेदनशील हो गए हैं? सीएए तो लागू होकर रहेगा कमलनाथ जी, दुनिया की कोई ताकत इसे नहीं रोक सकती.
हास्यास्प है प्रस्ताव
मध्यप्रदेश सरकार की कैबिनेट द्वारा सीएए के खिलाफ प्रस्ताव लाने पर नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव विरोध जताया है. नेता प्रतिपक्ष भार्गव ने सीएए के खिलाफ प्रस्ताव लाने पर कहा कि ये प्रस्ताव बिल्कुल हास्यास्पद है, इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा. सीएए लागू करना देश की सरकार का काम, मध्यप्रदेश सरकार का ये प्रस्ताव ऐसा काम जिसका अर्थ नहीं है. भार्गव ने कहा कि अगर राज्य ऐसा करें तो केंद्र का सारा फैसला राज्य ही करने लगें.
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