कांग्रेस ने कहा बेड़नियां नचाने वाले कर रहे विरोध
मध्यप्रदेश में आईफा अवार्ड समारोह की तारीख घोषित होते ही राजनीति भी तेज हो गई. भाजपा ने इस समारोह को लेकर कांग्रेस पर हमला किया है. भाजपा नेताओं ने कहा कि जब सरकार की माली हालत ठीक नहीं है, तो करोड़ों खर्च कर इस समारोह का आयोजन क्यों किया जा रहा है. वहीं कांग्रेस भी भाजपा नेताओं द्वारा उठाए जा रहे सवालों का करारा जवाब दे रहे हैं. राज्य के सहकारिता मंत्री डा. गोविंद सिंह ने तो यहां तक कह दिया कि बेड़नियां नचाने वाले समारोह का विरोध कर रहे हैं.
प्रदेश सरकार 27 और 29 मार्च को इंदौर के डेली कालेज में आईफा अवार्ड समारोह का आयोजन करने जा रही है, लेकिन इस समारोह से पहले ही अब राजनीति शुरू हो चुकी है. पूर्व मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा ने फिल्म इंडस्ट्री के सबसे बड़े अवार्ड समारोह को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए हैं. भाजपा का मानना है कि जब मध्यप्रदेश सरकार खजाना खाली है, तो फिर इतने पैसों की बर्बादी क्यों की जा रही है. मिश्रा ने मुख्यमंत्री कमलनाथ पर निशाना साधते हुए कहा कि हुजूर आपका हाथ तो अतिथि विद्वानों के सर पर होना चाहिए था, प्रदेश के कर्ज से दबे गरीब किसानों के सिर पर होना चाहिए था, बेरोजगार नौजवानों के सिर पर होना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. आपके द्वारा आईफा पर करोड़ों रुपए बर्बाद किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि जब प्रदेश की हालत ठीक नहीं है, तो फिर इस तरह के आयोजन का क्या मतलब है. जब आपके पास पैसा होता, तब आप इस तरह के आयोजन में खर्च कर देते. उन्होंने कहा कि जब आपके पास पैसा आए, तब आप आईफा पर पैसे खर्च करें, लेकिन अभी ऐसी क्या आवश्यकता आ गई कि आप इतना पैसा इस अवार्ड फंक्शन पर खर्च कर रहे हैं. भाजपा के वरिष्ठ नेता मिश्रा ने कहा कि या तो खजाना खाली करने का विचार उनके मन में आ चुका है या फिर सरकार को अब प्रदेश का खजाना खाली है, इस प्रकार की बातें बोलना बंद कर देना चाहिए, क्योंकि सरकार को अब दोनों में से एक चीज तो बंद करनी ही होगी.
जनता का दर्द नहीं दिखा रहा सरकार को
भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आईफा अवार्ड समारोह को लेकर राज्य की कांग्रेस सरकार पर करारा हमला करते हुए कहा कि उसे प्रदेश की जनता की नहीं आईफा अवार्ड के आयोजन की चिंता है. चौहान ने अपने ट्वीट के साथ डाली एक पोस्ट के जरिए प्रदेश सरकार पर हमला किया. उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार आईफा 2020 में व्यस्त हैं. फिल्मी सितारों के ग्लैमर में मदहोश है, इसे आम जनता का दर्द दिखाई नहीं दे रहा है. गाड़ियां फूंकी जा रही हैं, गुंडों की पौ बारह है. चारों तरफ त्राहि-त्राहि मची है, लेकिन सरकार कुंभकरणी निद्रा में सो रही, आखिर कब तक सोती रहेगी.
आईफा का आयोजन प्रदेश के विकास के लिए
भाजपा नेताओं के आरोपों पर राज्य के सहकारिता मंत्री डा. गोविंद सिंह ने कहा कि गोपाल भार्गव ने जो कहा है वह भाजपा की संस्कृति है, लेकिन वो भार्गव से पूछना चाहते हैं कि आप जब संस्कृति के नाम पर बेड़निया नचा सकते हैं तो आईफा का विरोध क्यों कर रहे हैं, जबकि आईफा का आयोजन तो प्रदेश के विकास के लिए कराया जा रहा है. नेता प्रतिपक्ष अपनी इस सोच को अपने घर तक ही सीमित रखें. सिंह ने कहा कि आईफा अवार्ड मुख्यमंत्री कमलनाथ की बड़ी सोच है, इस आयोजन के जरिए प्रदेश में फिल्मों को बढ़ावा मिलेगा तो प्रदेश के कलाकारों को भी अपना हुनर दिखाने का मौका मिलेगा. प्रदेश के विकास के लिए आईफा का आयोजन किया जा रहा है क्योंकि बीजेपी ने 15 सालों के शासन में प्रदेश के लिए जो खाली खजाना छोड़ा था, उसे भरने के लिए इस तरह के आयोजन बहुत जरुरी हैं. गौरतलब है कि नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा था कि ये अवार्ड समारोह निकम्मेपन, नाकारापन और वादाखिलाफी का जश्न है.
मध्यप्रदेश में आईफा अवार्ड समारोह की तारीख घोषित होते ही राजनीति भी तेज हो गई. भाजपा ने इस समारोह को लेकर कांग्रेस पर हमला किया है. भाजपा नेताओं ने कहा कि जब सरकार की माली हालत ठीक नहीं है, तो करोड़ों खर्च कर इस समारोह का आयोजन क्यों किया जा रहा है. वहीं कांग्रेस भी भाजपा नेताओं द्वारा उठाए जा रहे सवालों का करारा जवाब दे रहे हैं. राज्य के सहकारिता मंत्री डा. गोविंद सिंह ने तो यहां तक कह दिया कि बेड़नियां नचाने वाले समारोह का विरोध कर रहे हैं.
प्रदेश सरकार 27 और 29 मार्च को इंदौर के डेली कालेज में आईफा अवार्ड समारोह का आयोजन करने जा रही है, लेकिन इस समारोह से पहले ही अब राजनीति शुरू हो चुकी है. पूर्व मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा ने फिल्म इंडस्ट्री के सबसे बड़े अवार्ड समारोह को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए हैं. भाजपा का मानना है कि जब मध्यप्रदेश सरकार खजाना खाली है, तो फिर इतने पैसों की बर्बादी क्यों की जा रही है. मिश्रा ने मुख्यमंत्री कमलनाथ पर निशाना साधते हुए कहा कि हुजूर आपका हाथ तो अतिथि विद्वानों के सर पर होना चाहिए था, प्रदेश के कर्ज से दबे गरीब किसानों के सिर पर होना चाहिए था, बेरोजगार नौजवानों के सिर पर होना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. आपके द्वारा आईफा पर करोड़ों रुपए बर्बाद किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि जब प्रदेश की हालत ठीक नहीं है, तो फिर इस तरह के आयोजन का क्या मतलब है. जब आपके पास पैसा होता, तब आप इस तरह के आयोजन में खर्च कर देते. उन्होंने कहा कि जब आपके पास पैसा आए, तब आप आईफा पर पैसे खर्च करें, लेकिन अभी ऐसी क्या आवश्यकता आ गई कि आप इतना पैसा इस अवार्ड फंक्शन पर खर्च कर रहे हैं. भाजपा के वरिष्ठ नेता मिश्रा ने कहा कि या तो खजाना खाली करने का विचार उनके मन में आ चुका है या फिर सरकार को अब प्रदेश का खजाना खाली है, इस प्रकार की बातें बोलना बंद कर देना चाहिए, क्योंकि सरकार को अब दोनों में से एक चीज तो बंद करनी ही होगी.
जनता का दर्द नहीं दिखा रहा सरकार को
भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आईफा अवार्ड समारोह को लेकर राज्य की कांग्रेस सरकार पर करारा हमला करते हुए कहा कि उसे प्रदेश की जनता की नहीं आईफा अवार्ड के आयोजन की चिंता है. चौहान ने अपने ट्वीट के साथ डाली एक पोस्ट के जरिए प्रदेश सरकार पर हमला किया. उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार आईफा 2020 में व्यस्त हैं. फिल्मी सितारों के ग्लैमर में मदहोश है, इसे आम जनता का दर्द दिखाई नहीं दे रहा है. गाड़ियां फूंकी जा रही हैं, गुंडों की पौ बारह है. चारों तरफ त्राहि-त्राहि मची है, लेकिन सरकार कुंभकरणी निद्रा में सो रही, आखिर कब तक सोती रहेगी.
आईफा का आयोजन प्रदेश के विकास के लिए
भाजपा नेताओं के आरोपों पर राज्य के सहकारिता मंत्री डा. गोविंद सिंह ने कहा कि गोपाल भार्गव ने जो कहा है वह भाजपा की संस्कृति है, लेकिन वो भार्गव से पूछना चाहते हैं कि आप जब संस्कृति के नाम पर बेड़निया नचा सकते हैं तो आईफा का विरोध क्यों कर रहे हैं, जबकि आईफा का आयोजन तो प्रदेश के विकास के लिए कराया जा रहा है. नेता प्रतिपक्ष अपनी इस सोच को अपने घर तक ही सीमित रखें. सिंह ने कहा कि आईफा अवार्ड मुख्यमंत्री कमलनाथ की बड़ी सोच है, इस आयोजन के जरिए प्रदेश में फिल्मों को बढ़ावा मिलेगा तो प्रदेश के कलाकारों को भी अपना हुनर दिखाने का मौका मिलेगा. प्रदेश के विकास के लिए आईफा का आयोजन किया जा रहा है क्योंकि बीजेपी ने 15 सालों के शासन में प्रदेश के लिए जो खाली खजाना छोड़ा था, उसे भरने के लिए इस तरह के आयोजन बहुत जरुरी हैं. गौरतलब है कि नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा था कि ये अवार्ड समारोह निकम्मेपन, नाकारापन और वादाखिलाफी का जश्न है.
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