बुधवार, 4 अक्टूबर 2023

यादव के चुनाव ना लड़ने के बयान पर गर्माई सियासत

भाजपा ने कहा हार के डर से भाग रहे प्रत्याशी

भोपाल। मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव के पहले कांग्रेस नेताओं द्वा
रा चुनाव ना लड़ने की बात कहने को लेकर राजनीति गर्मा गई है। पहले विवेक तन्खा और बाद में अरूण यादव ने यह घोशणा की ि कवे चुनाव नहीं लड़ेंगे। इसे लेकर भाजपा हमलावर हो गई। भाजपा ने कहा कि कांग्रेस नेता चुनाव में हार के डर से भाग रहे हैं।

प्रदेश कांग्रेस ने अभी प्रत्याशियों की एक भी सूची जारी नहीं की है। इसके पहले ही सांसद विवेक तन्खा और पूर्व सांसद अरूण यादव ने यह घोशणा कर दी ि कवे चुनाव नहीं लड़ेंगे। तन्खा ने मंगलवार को यह घोशणा की, जबकि यादव ने आज बुधवार को चुनाव ना लड़ने की बात कही। यादव ने इसके पीछे कोई कारण नहीं बताया, लेकिन इसे लेकर अब सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस नेत्री शोभा ओझा ने कहा कि चुनाव लड़ना व्यक्ति की इच्छा पर निर्भर करता है। फिर वो चाहे विधानसभा हो या लोकसभा चुनाव हो। कांग्रेस का छोटे से छोटा कार्यकर्ता भी चुनाव लड़ने में सक्षम है। भारतीय जनता पार्टी परेशान और विचलित है। बीजेपी केंद्रीय मंत्री और सांसदों को विधानसभा का टिकट दे रही है। जिससे कई नेता नाराज है तो कई घुटन महसूस कर रहे हैं। हमें जरूरत नहीं कि राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा या अरुण यादव जैसे वरिष्ठ नेताओं को चुनावी मैदान में उतारे। हमारा हर कार्यकर्ता चुनाव में पार्टी में जीत दिलाने के लिए तैयार है।कांग्रेस नेत्री शोभा ओझा ने कहा कि चुनाव लड़ना व्यक्ति की इच्छा पर निर्भर करता है। फिर वो चाहे विधानसभा हो या लोकसभा चुनाव हो। कांग्रेस का छोटे से छोटा कार्यकर्ता भी चुनाव लड़ने में सक्षम है। भारतीय जनता पार्टी परेशान और विचलित है। बीजेपी केंद्रीय मंत्री और सांसदों को विधानसभा का टिकट दे रही है। जिससे कई नेता नाराज है तो कई घुटन महसूस कर रहे हैं। हमें जरूरत नहीं कि राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा या अरुण यादव जैसे वरिष्ठ नेताओं को चुनावी मैदान में उतारे। हमारा हर कार्यकर्ता चुनाव में पार्टी में जीत दिलाने के लिए तैयार है।
कांग्रेस नेत्री शोभा ओझा ने कहा कि चुनाव लड़ना व्यक्ति की इच्छा पर निर्भर करता है। फिर वो चाहे विधानसभा हो या लोकसभा चुनाव हो। कांग्रेस का छोटे से छोटा कार्यकर्ता भी चुनाव लड़ने में सक्षम है। भाजपा परेशान और विचलित है। भाजपा केंद्रीय मंत्री और सांसदों को विधानसभा का टिकट दे रही है। जिससे कई नेता नाराज है तो कई घुटन महसूस कर रहे हैं। हमें जरूरत नहीं कि राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा या अरुण यादव जैसे वरिष्ठ नेताओं को चुनावी मैदान में उतारे। हमारा हर कार्यकर्ता चुनाव में पार्टी में जीत दिलाने के लिए तैयार है।
वहीं भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस के दिग्गज तो पहले ही मैदान छोड़कर भागने लगे हैं। अभी तो चुनाव की तारीखों का ऐलान भी नहीं हुआ है। अपनी अप्रत्याशित हार से डर कर पहले ही कांग्रेस नेता भाग रहे हैं। उन्हें पता है कि जब चुनावी मैदान में जाएंगे तो जनता साथ नहीं देगी।
गौरतलब है कि अरुण यादव दो बार के सांसद रह चुके हैं। वे केंद्रीय मंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भी रहे है। साल 2018 के चुनाव के उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ बुधनी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था। जिसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।

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