हर स्थिति की बनी रणनीति, विधायकों को पक्ष में लाने की भी तैयारी
भोपाल। रविवार तीन दिसंबर को विधानसभा चुनाव को लेकर होने वाली मतगणना के नतीजों के लिए भाजपा और कांग्रेस हर स्थिति के लिए तैयार है। दोनों ही दल सरकार बनाने के दावों के बीच बहुमत ना मिलने की स्थिति में किस रणनीति पर काम करना है, उसे लेकर भी तैयार है। दोनों ही दलों के नेताओं ने मोर्चा संभाला है। परिणाम आने के बाद प्रमाण पत्र लेकर जीतने वाले विधायकों को दोनों ही दलों ने भोपाल पहुंचने के मौखिक निर्देश भी दे दिए हैं।
विधानसभा चुनाव के लिए 17 नवंबर को हुए मतदान की मतगणना कल रविवार तीन दिसंबर को होनी है। मतगणना के पहले आज दोनों ही दलों ने जिलों मतगणना स्थल पर तैनात रहने वाले कार्यकर्ता और पदाधिकारियों के अलावा प्रत्याशियों से भी चर्चा की। इसके अलावा राजधानी स्थित दोनों ही दलों के प्रदेश कार्यालयों में भी पदाधिकारी बैठकों में सक्रिय रहे। दोनों ही दलों के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ और वीडी शर्मा अपनी-अपनी टीम के साथ मतगणना के दौरान प्रदेश कार्यालयों में उपस्थित रहेंगे। इन दोनों नेताओं के साथ उनकी लीगल टीम भी उपस्थित रहेगी। सूत्रों की माने तो दोनों ही दलों ने जीतने वाले विधायकों को निर्देश दिया है कि वे जीत का प्रमाण पत्र लेकर भोपाल पहुंचे। इसमें विलंब ना करें। परिणाम के बाद दोनों ही दल अपनी अगली रणनीति पर काम करते नजर आएंगे। फिलहाल दोनों ही दल अपनी सरकार बनाने के लिए बेताब नजर आ रहे हैं। भाजपा जहां बहुमत के साथ जीत का दावा कर रही है तो कांग्रेस भी इसी
तरह का दावा करते नजर आ रही है। वहीं दोनों ही दलों ने बहुमत ना मिलने की स्थिति में किस रणनीति पर काम करना है, इस पर भी मंथन कर तैयारी कर ली है। माना जा रहा है कि बहुमत ना मिलने की स्थिति में दोनों ही दल अपने जीते हुए उम्मीदवारों को भोपाल बुलाकर प्रदेश से बाहर किसी सुरक्षित स्थान पर लेकर जा सकते हैं। सूत्रों की माने तो कांग्रेस ने कर्नाटक और भाजपा ने गुजरात या फिर अपनी सरकार वाले राज्य में विजयी उम्मीदवारों को भेजने की रणनीति तय की है।
दिग्विजय भी हुए सक्रिय
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह वैसे तो मतदान के बाद से सक्रियता दिखा रहे हैं। वे अलग-अलग जिलों का दौरा भी कर चुके हैं। इसके अलावा उन्हें निर्दलीय उम्मीदवार जो जीतकर विधानसभा पहुंचेंगे उन्हें साधने की जिम्मेदारी कांग्रेस ने दी है। इसे लेकर वे लगातार ऐेसे निर्दलीय विधायकों से संपर्क में हैं। बताया जा रहा है कि मुकाबला करीबी होने के हालातों में निर्दलीय और अन्य दलों के उम्मीदवारों से संपर्क बनाने और उन्हें अपने साथ लाने की जिम्मेदारी दिग्विजय सिंह की टीम को दी गई है। वहीं मतगणना से पहले प्रदेश प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला भी भोपाल पहुंच गए हैं और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के निवास पर बैठक भी की।
मतगणना प्रक्रिया पर रखूंगा पूरी नजरः कमलनाथ
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने ट्वीट करते हुए आज फिर कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि यह उत्साह और आत्मविश्वास का समय है। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया करीब डेढ़ महीने पहले प्रारंभ हुई थी और कल 3 दिसंबर को मतगणना के साथ यह संपन्न हो जाएगी। आपने हर चरण पर मन, वचन और कर्म से पार्टी और लोकतंत्र की जो सेवा की है, वह अतुलनीय है। उन्होंने कहा कि कल इसी एकाग्रता और समर्पण से मतगणना की प्रक्रिया भी हम सबको मिलकर संपन्न करानी है। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यालय में मैं स्वयं उपस्थित रहकर मतगणना की प्रक्रिया पर पूरी नजर रखूंगा और आप सबके सतत संपर्क में रहूंगा। 3 दिसंबर को मध्य प्रदेश में नया प्रभात होगा।
क्यों परेशान हो रही भाजपा
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ अपने निवास पर मीडिया से कहा कि भाजपा के पास अगर पर्याप्त सीटें हैं तो वो क्यों परेशान हो रही है। क्यों निर्दलीय और अन्य पार्टियों के उम्मीदवारों पर नजर रखे हुए है। नाथ ने आगे कहा कि कल इसी टाइम लंबी चर्चा करेंगे। आज कुछ बोलने की आवश्यकता नहीं है। वहीं एग्जिट पोल को लेकर उन्होंने कहा कि मुझे कोई पोल से मतलब नहीं है, मतदाताओं पर भरोसा है। वहीं निर्दलीय प्रत्याशियों से बात करने को लेकर कमलनाथ ने कहा कि इसकी कोई आवश्यकता नहीं है।
बहुमत से सरकार बना रही भाजपा
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज फिर दावा किया है कि प्रदेश में बहुमत के साथ भाजपा सरकार बना रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति जनता का प्रेम और विश्वास, केन्द्र एवं प्रदेश सरकार की योजनाओं से प्रदेश में विकास हुआ है। जनता का विश्वास और समर्थन भाजपा को मिला है। इससे स्पष्ट है कि प्रदेश में भाजपा की बहुमत के साथ सरकार बन रही है, प्रदेश में एक बार फिर कमल खिल रहा है।
बसपा को रुझानों का इंतजार
बहुजन समाज पार्टी भी मतगणना के रूझानों का इंतजार कर रही है। बसपा पदाधिकारियों का कहना है कि मतगणना के दौरान दोपहर तक स्थिति साफ हो जाने के बाद ही अगली रणनीति तय होगी। प्रदेश प्रभारी और रामजी गौतम भी मतगणना के लिए भोपाल पहुंच रहे हैं। बसपा नेताओं का कहना है कि जहां पर बसपा मजबूत स्थिति में नजर आएगी और दोनों दलों भाजपा और कांग्रेस की स्थिति को देखते हुए दोपहर के बाद अगले कदम को लेकर रणनीति तय की जाएगी। फिलहाल हम परिणाम का इंतजार कर रहे हैं।
विधानसभा चुनाव के लिए 17 नवंबर को हुए मतदान की मतगणना कल रविवार तीन दिसंबर को होनी है। मतगणना के पहले आज दोनों ही दलों ने जिलों मतगणना स्थल पर तैनात रहने वाले कार्यकर्ता और पदाधिकारियों के अलावा प्रत्याशियों से भी चर्चा की। इसके अलावा राजधानी स्थित दोनों ही दलों के प्रदेश कार्यालयों में भी पदाधिकारी बैठकों में सक्रिय रहे। दोनों ही दलों के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ और वीडी शर्मा अपनी-अपनी टीम के साथ मतगणना के दौरान प्रदेश कार्यालयों में उपस्थित रहेंगे। इन दोनों नेताओं के साथ उनकी लीगल टीम भी उपस्थित रहेगी। सूत्रों की माने तो दोनों ही दलों ने जीतने वाले विधायकों को निर्देश दिया है कि वे जीत का प्रमाण पत्र लेकर भोपाल पहुंचे। इसमें विलंब ना करें। परिणाम के बाद दोनों ही दल अपनी अगली रणनीति पर काम करते नजर आएंगे। फिलहाल दोनों ही दल अपनी सरकार बनाने के लिए बेताब नजर आ रहे हैं। भाजपा जहां बहुमत के साथ जीत का दावा कर रही है तो कांग्रेस भी इसी
तरह का दावा करते नजर आ रही है। वहीं दोनों ही दलों ने बहुमत ना मिलने की स्थिति में किस रणनीति पर काम करना है, इस पर भी मंथन कर तैयारी कर ली है। माना जा रहा है कि बहुमत ना मिलने की स्थिति में दोनों ही दल अपने जीते हुए उम्मीदवारों को भोपाल बुलाकर प्रदेश से बाहर किसी सुरक्षित स्थान पर लेकर जा सकते हैं। सूत्रों की माने तो कांग्रेस ने कर्नाटक और भाजपा ने गुजरात या फिर अपनी सरकार वाले राज्य में विजयी उम्मीदवारों को भेजने की रणनीति तय की है।
दिग्विजय भी हुए सक्रिय
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह वैसे तो मतदान के बाद से सक्रियता दिखा रहे हैं। वे अलग-अलग जिलों का दौरा भी कर चुके हैं। इसके अलावा उन्हें निर्दलीय उम्मीदवार जो जीतकर विधानसभा पहुंचेंगे उन्हें साधने की जिम्मेदारी कांग्रेस ने दी है। इसे लेकर वे लगातार ऐेसे निर्दलीय विधायकों से संपर्क में हैं। बताया जा रहा है कि मुकाबला करीबी होने के हालातों में निर्दलीय और अन्य दलों के उम्मीदवारों से संपर्क बनाने और उन्हें अपने साथ लाने की जिम्मेदारी दिग्विजय सिंह की टीम को दी गई है। वहीं मतगणना से पहले प्रदेश प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला भी भोपाल पहुंच गए हैं और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के निवास पर बैठक भी की।
मतगणना प्रक्रिया पर रखूंगा पूरी नजरः कमलनाथ
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने ट्वीट करते हुए आज फिर कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि यह उत्साह और आत्मविश्वास का समय है। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया करीब डेढ़ महीने पहले प्रारंभ हुई थी और कल 3 दिसंबर को मतगणना के साथ यह संपन्न हो जाएगी। आपने हर चरण पर मन, वचन और कर्म से पार्टी और लोकतंत्र की जो सेवा की है, वह अतुलनीय है। उन्होंने कहा कि कल इसी एकाग्रता और समर्पण से मतगणना की प्रक्रिया भी हम सबको मिलकर संपन्न करानी है। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यालय में मैं स्वयं उपस्थित रहकर मतगणना की प्रक्रिया पर पूरी नजर रखूंगा और आप सबके सतत संपर्क में रहूंगा। 3 दिसंबर को मध्य प्रदेश में नया प्रभात होगा।
क्यों परेशान हो रही भाजपा
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ अपने निवास पर मीडिया से कहा कि भाजपा के पास अगर पर्याप्त सीटें हैं तो वो क्यों परेशान हो रही है। क्यों निर्दलीय और अन्य पार्टियों के उम्मीदवारों पर नजर रखे हुए है। नाथ ने आगे कहा कि कल इसी टाइम लंबी चर्चा करेंगे। आज कुछ बोलने की आवश्यकता नहीं है। वहीं एग्जिट पोल को लेकर उन्होंने कहा कि मुझे कोई पोल से मतलब नहीं है, मतदाताओं पर भरोसा है। वहीं निर्दलीय प्रत्याशियों से बात करने को लेकर कमलनाथ ने कहा कि इसकी कोई आवश्यकता नहीं है।
बहुमत से सरकार बना रही भाजपा
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज फिर दावा किया है कि प्रदेश में बहुमत के साथ भाजपा सरकार बना रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति जनता का प्रेम और विश्वास, केन्द्र एवं प्रदेश सरकार की योजनाओं से प्रदेश में विकास हुआ है। जनता का विश्वास और समर्थन भाजपा को मिला है। इससे स्पष्ट है कि प्रदेश में भाजपा की बहुमत के साथ सरकार बन रही है, प्रदेश में एक बार फिर कमल खिल रहा है।
बसपा को रुझानों का इंतजार
बहुजन समाज पार्टी भी मतगणना के रूझानों का इंतजार कर रही है। बसपा पदाधिकारियों का कहना है कि मतगणना के दौरान दोपहर तक स्थिति साफ हो जाने के बाद ही अगली रणनीति तय होगी। प्रदेश प्रभारी और रामजी गौतम भी मतगणना के लिए भोपाल पहुंच रहे हैं। बसपा नेताओं का कहना है कि जहां पर बसपा मजबूत स्थिति में नजर आएगी और दोनों दलों भाजपा और कांग्रेस की स्थिति को देखते हुए दोपहर के बाद अगले कदम को लेकर रणनीति तय की जाएगी। फिलहाल हम परिणाम का इंतजार कर रहे हैं।


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