सोमवार, 1 अप्रैल 2019

मनरेगा में मजदूरी बढ़ाने की मांग

राज्य के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री कमलेश्वर पटेल ने आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर मनरेगा में मजदूरी बढ़ाने की मांग की है.
पटेल ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा मनरेगा दर में मध्यप्रदेश के संदर्भ में मात्र 2 रुपए की बढ़ोत्तरी की गई है. पूर्व के 174 रुपए प्रतिदिन के स्थान पर अब दैनिक मजदूरी 176 रुपए हो जाएगी, जो कि आज 1 अप्रैल से प्रभावशील हुई है. मंत्री ने कहा कि आज महंगाई के इस दौर में यह बढ़ोत्तरी अपर्याप्त है. एक ओर तो केन्द्र सरकार द्वारा समय पर मनरेगा मजदूरी की राशि राज्य के लिहाज से नहीं की जाती, जिससे सतत रुप से करोड़ों रुपए की मजदूरी एक समय पर भुगतान के लिए लंबित रहती है. दूसरी ओर महंगाई की उच्च दर के बावजूद मजदूरी में मात्र 2 रुपए की बढ़ोत्तरी की जाना पर्याप्त नहीं है.
 प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में मंत्री ने कहा कि इससे स्पष्ट होता है कि केन्द्र सरकार की मंशा इस कार्यक्रम को इसकी मूल भावना के साथ चलाने की प्रतीत  नहीं होती है तथा प्रधानमंत्री आपके द्वारा लोकसभा में यह बयान दिया गया था कि मनरेगा योजना गढ्ढे खोदने और भरने की योजना है तथा ये सरकार चाहती है कि लोग गढ्ढे खोदते व भरते रहे हैं. पटेल ने लिखा हमारी सरकार इसका ढ़ोल पीटती रहेगी, ताकि मनरेगा योजना पूर्ववर्ती यूपीए सरकार की विफलता का स्मारक साबित होगा.
पटेल ने लिखा कि मनरेगा मजदूरी की राशि रिलीज करने में लगातार अनावश्यक विलंब होना और दैनिक मजूदरी दर में नाम मात्र की वृद्धि करना यह साबित कर रहा है कि केन्द्र सरकार कांग्रेस शासित राज्यों के साथ उपेक्षित व्यवहार कर रही है. पटेल ने पत्र के जरिए मांग की है कि राज्य में कृषि मजदूरी की दर के अनुरुप ही मनरेगा की मजदूरी दर निर्धारित की जाए तभी मजदूरों को राहत मिल सकेगी.

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