मंगलवार, 10 अक्टूबर 2023

भाजपा के 67 विधायकों की बढ़ने लगी चिंता

भाजपा की चौथी सूची का इंतजार 


भोपाल। भाजपा ने प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए चार सूचियां जारी कर 136 सीटों पर प्रत्याशी तय कर दिए हैं। ष्शेश रही 94 सीटों पर उम्मीदवारों का चयन होना है। इन सीटों में नौ मंत्रियों सहित 67 वर्तमान विधायक हैं, इनकी िंचता टिकट को लेकर बढ़ने लगी है। हालांकि चौथी सूची में भाजपा ने कोंई चौंकाने वाला फैसला नहीं लिया है, मगर वर्तमान विधायकों को टिकट को लेकर अब चिंता बढ़ रही है। 

भाजपा ने विधानसभा चुनाव को लेकर अब तक चार सूचियां जारी कर 136 विधायक तय कर दिए है। चौथी सूची के पहले जिन नामों पर संशय हो रहा था, सूची जारी होने के बाद अधिकांश नामों पर भाजपा ने मोहर लगातर वर्तमान विधायकों को चुनाव मैदान में उतार भी दिया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के अलावा दो दर्जन मंत्रियों को भी प्रत्याशी बनाया गया है। भाजपा की इस सूची के जारी होने के बाद अब नौ मंत्रियों सहित 67 वर्तमान विधायकों की चिंता बढ़ रही है। खासकर इनमें वे नाम ष्शामिल हैं, जिन्हें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और संगठन पदाधिकारी कई बार बुलाकर परफार्मेंस सुधारने की बात कह चुके हैं। बताया जा रहा है कि इनमें से कईयों के नाम संगठन काट सकता है। हालांकि अभी संगठन ने इसे लेकर कोई बात नहीं की है। संगठन की ओर से यही कहा जा रहा है कि दिल्ली नेतृत्व ने जो भी टिकट दिए हैं, वे जीतने वाले प्रत्याशी को ही दिए गए हैं। सर्वे और जीत का आधार ही पार्टी ने प्रत्याशी चयन के लिए अपनाया है।

इन मंत्रियों के लिए खड़ा हुआ संकट

भाजपा ने अपने नौ मंत्रियों सुरेश धाकड़, राम खिलावन पटेल, बृजेंद्र सिंह यादव, ओपीएस भदौरिया, महेंद्र सिंह सिसौदिया, उषा ठाकुर, इंदरसिंह परमार, गौरीशंकर बिसेन और यशोधरा राजे सिंधिया के नाम अभी तय नहीं किए हैं। यशोधरा राजे सिंधिया पहले ही पत्र लिखकर चुनाव ना लड़ने की बात कह चुकी है। वहीं गौरीशंकर बिसेन अपनी पुत्री मौसम को टिकट दिलाना चाह रहे है। इनके अलावा सात मंत्रियों के सामने अब टिकट का संकट खड़ा हुआ है। इनमें सबसे ज्यादा उशा ठाकुर के नाम को लेकर चर्चा है। बताया जा रहा है कि उशा ठाकुर इस बार क्षेत्र बदलकर चुनाव मैदान में उतरना चाहती है। अगर ऐसा हुआ तो इंदौर तीन के वर्तमान विधायक आकाश विजयवर्गीय का टिकट कट सकता है। आकाश, कैलाश विजयवर्गीय के बेटे हैं। इस लिहाज से भाजपा परिवारवाद के चलते आकाश का नाम काट सकती है। 


कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें