भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश चुनाव समिति की बैठक में आज राज्य की 25 सीटों पर जद्दोजहद होती रही, वहीं 4 सीटों के लिए सिंगल नाम केन्द्रीय चुनाव समिति को भेजे जाने की बात सामने आ रही है. कई सीटों पर संगठन नए चेहरों पर भी दाव लगाने का मन बना चुका है.प्रदेश भाजपा कार्यालय में आज सुबह शुरु हुई प्रदेश चुनाव समिति की बैठक में शामिल होने के लिए प्रदेश भाजपा के प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे आज सुबह ही विमान से भोपाल पहुंचे थे. सहस्त्रबुद्धे के साथ अनिल जैन और केन्द्रीय मंत्री थावरचंद गहलोद भी दिल्ली से आए थे. बैठक में प्रदेश चुनाव प्रभारी स्वतंत्रदेव सिंह, अनिल जैन भी शामिल हुए. बैठक में सभी 29 संसदीय क्षेत्रों पर चर्चा हुई, दावेदारों के नाम पर मंथन किया गया. हालांकि 4 संसदीय क्षेत्रों जबलपुर, इंदौर, सतना और खंडवा को लेकर ज्यादा मंथन नहीं किया गया. बताया जाता है कि यहां पर पार्टी पूर्व सांसदों पर ही विचार कर रही है. इसके अलावा 25 संसदीय क्षेत्रों में किसी एक नाम पर फैसला नहीं हुआ है. इन सभी पर पार्टी ने पैनल बनाए हैं. पार्टी द्वारा आज बैठक में तय किए नामों को लेकर दोपहर बाद बैठक समाप्त होने पर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और अनिल जैन दिल्ली के लिए रवाना हो गए. यहां पर केन्द्रीय चुनाव समिति के सामने इन नामों को रखा जाएगा. अब प्रदेश के सभी 29 संसदीय क्षेत्रों में प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया को केन्द्रीय चनुाव समिति की अपनी हरी झंडी देगी.
टिकट कटाने भी पहुंचे थे दावेदार
भाजपा कार्यालय में प्रदेश चुनाव समिति की बैठक के दौरान कार्यालय परिसर में कुछ वर्तमान सांसदों का विरोध करते हुए टिकट के दावेदारों ने अपनी दावेदारी भी जताई. राजगढ़ संसदीय क्षेत्र के सांसद रोडमल नागर का विरोध वहां के कार्यकर्ताओं ने किया और हंगामा करते रहे. इसी तरह टीकमगढ़ संसदीय सीट से केन्द्रीय मंत्री वीरेन्द्र कुमार खटीक का विरोध भी पूर्व विधायक रामदयाल प्रजापति ने किया. वे खटीक का विरोध पहले भी कर चुके हैं. रामदयाल प्रजापति के अलावा पूर्व विधायक ललिता यादव, विधायक हरीशंकर खटीक भी केन्द्रीय मंत्री का विरोध जता रहे हैं. इसके अलावा बालाघाट के सांसद बोधसिंह भगत का भी विरोध पूर्व मंत्री गौरीशंकर बिसेन के समर्थकों ने किया.
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