मंगलवार, 12 मार्च 2019

पिछली तारीखों में किए तबादले, निरस्त किए जाएं

 भारतीय जनता पार्टी ने निर्वाचन आयोग से प्रदेश सरकार द्वारा आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत की है. पार्टी ने अपनी शिकायत में विभिन्न मुद्दों का हवाला देते हुए प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई किए जाने की मांग भी की है. शिकायत में कहा गया है कि प्रदेश सरकार पिछली तारीखों में तबादले और नियुक्तियां कर रही है, जिसे तत्काल रोका जाना चाहिए.
भारतीय जनता पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय पहुंचा और पार्टी की ओर से लिखित शिकायत प्रस्तुत की. प्रतिनिधि मंडल द्वारा प्रस्तुत की गई लिखित शिकायत में कहा गया है कि शनिवार-रविवार को शासकीय अवकाश होने के बावजूद वल्लभ भवन में मध्य रात्रि तक स्थानांतरणों की सूची तैयार कर आदेश जारी किए गए. इन आदेशों में पुरानी तारीखें अंकित कर जावक रजिस्टर में 7 दिन पुराना डिस्पेच क्रमांक अंकित किया गया. चूंकि आचार संहिता प्रभावी हो चुकी है, इसलिए इन तबादलों को निरस्त किया जाए, क्योंकि ये तबादले निर्वाचन प्रक्रिया को प्रभावित करने की मंशा से किए गए है. आवश्यक होने पर निर्वाचन आयोग की अनुमति से तबादले किए जाएं.
शिकायत में कहा गया है कि मुख्यमंत्री  कमलनाथ के नाम से जयकिसान फसल ऋण माफी योजना से संबंधित एक मैसेज किसानों को जानबूझकर किया जा रहा है. इसमें कर्जमाफी की बात कही जा रही है, जो चुनाव प्रचार का ही एक स्वरूप है. इस तरह का चुनाव प्रचार आचार संहिता लागू कहोने के बाद नहीं किया जा सकता, इसलिए तत्काल कार्रवाई करते हुए इस मैसेज का प्रसारण रोका जाए. इसके साथ ही प्रदेश सरकार द्वारा ऋण माफी पत्र जारी किए जा रहे हैं, जिनमें एक ओर राज्य शासन का प्रतीक चिन्ह है और दूसरी तरफ मुख्यमंत्री  कमलनाथ  का फोटो और हस्ताक्षर हैं. ऐसे ऋण पत्र भी आदर्श आचार संहिता का खुल्ला उल्लंघन है. शिकायती पत्र में बैंकों में फसल ऋण माफी की राशि के स्थानांतरण तथा निकासी पर रोक लगाने की मांग भी की गई है. पार्टी ने कहा है कि इस संबंध में सहकारी बैंकों से यह जानकारी ली जाए कि 7 मार्च, को शाम 5 बजे तक बैंक में कितनी राशि जमा थी और कितनी निकाली गई थी, ताकि आगे कोई गड़बड़ी न हो पाए. 
पार्टी ने अपनी शिकायत में कहा है कि मध्यप्रदेश के मंडला, जबलपुर, रतलाम, राजगढ़, ग्वालियर, गुना आदि विशेष महत्वपूर्ण संसदीय क्षेत्र हैं, लेकिन सरकार ने इन जिलों में प्रमोटी अथवा जूनियर आईएएस अधिकारियों को कलेक्टर नियुक्त किया है. चूंकि ये सभी क्षेत्र संवेदनशील लोकसभा क्षेत्र हैं, इसलिए यहां के कलेक्टरों के स्थानांतरण आदेश कब हुये, किस दिनांक को उन्होंने पदभार ग्रहण किया जैसे बिंदुओं का परीक्षण कर आयोग इन जिलों में वरिष्ठ आई.ए.एस अधिकारियों की पदस्थापना सुनिश्चित करे.

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