बुधवार, 27 मार्च 2019

मोबाइल नहीं तो वेतन नहीं, कर्मचारियों ने विरोध भी किया तेज

आयुक्त कोष एवं लेखा ने समस्त कोषालय अधिकारियों को निर्देश जारी किए है कि प्रदेश के कर्मचारियों का मार्च माह का वेतन जिसका भुगतान अप्रैल में किया जाना है का आहरण तब ही किया जाए, जब कर्मचारियों का मोबाइल नंबर आईएफएमआईएस के कर्मचारी विवरण में दर्ज हो जाएं.
आयुक्त कोष एवं लेखा के इस फरमान से प्रदेश के हजारों कर्मचारियों का वेतन अटक जाएगा, क्योंकि अनेक विभागों के आहरण एवं संवितरण अधिकारियों ने अपने कर्मचारियों के मोबाईल नंबर एवं इमेल कर्मचारी विवरण में दर्ज नही किये है. मध्यप्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के महामंत्री लक्ष्मीनारायण शर्मा ने इस तुगलकी फरमान का विरोध कर कर्मचारियों के वेतन न रोके जाने की मांग की है.
 महामंत्री शर्मा ने बताया कि लगभग 40 प्रतिशत कर्मचारियों के मोबाइल नंबर एवं ईमेल की प्रविष्टी आईएफएमआईएस के कर्मचारी विवरण में दर्ज नहीं है, इस कारण लगभग एक लाख से ज्यादा कर्मचारी अप्रैल माह में वेतन से वंचित रह जाएंगे और उनहें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ेगा. शर्मा ने बताया कि आई एफ एम आई एस के साफ्टवेयर में अनेक खामिया है जिस कारण से कर्मचारियों के मोबाइल नंबर एवं ईमेल की प्रविष्टी नही हो पा रही है.  शर्मा ने बताया कि आयुक्त कोष एवं लेखा ने कर्मचारियों को सीधे ही मोबाइल नंबर एवं इ मेल की प्रविष्टी करने के निर्देश भी दिए है पर साफ्टवेयर की खामियों के चलते ऐसा करना संभव नहीं हैं. शर्मा ने आयुक्त कोष लेखा को ज्ञापन प्रेषित कर अनुरोध किया है कि कर्मचारियों के वेतन का न रोका जायें तथा सभी आहरण एवं संवितरण अधिकारियों को निर्देशित किया जायें कि वे मोबाइल नंबर एवं ईमेल की प्रविष्टी अभियान चला कर करें.

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