मंगलवार, 5 मार्च 2019

मघ्यप्रदेश में उद्घाटन और शिलान्यास पर सियासी संग्राम

भोपाल के बाद अब ग्वालियर में सियासत, करना पड़ा हल्का बल प्रयोग 
लोकसभा चुनाव की घोषणा होने के पूर्व मध्यप्रदेश में इन दिनों शिलान्यास और लोकार्पण का मौसम है. राजनेता ताबड़तोड़ तरीके से शिलान्यासों और लोकार्पण में जुटे हैं. इस होड़ में उन निर्माणों का भी पुन: शिलान्यास किया जा रहा है जिनके पहले ही शिलान्यास हो चुके हैं. लोकसभा चुनाव ही घोषणा के पूर्व ज्यादा से ज्यादा शिलान्यास और लोकार्पण करने की आपाधापी में सत्ताधारी दल ही नहीं, बल्कि प्रतिपक्ष में बैठी भाजपा भी शरीक है. ग्वालियर में सांसद अनूप मिश्रा के नेतृत्व में किए गए विरोध के चलते पुलिस को भाजपा कार्यकर्ताओं पर हल्का बल प्रयोग करना पड़ा. इसके बाद भी जब ये कार्यकर्ता नहीं माने तो उन्हें वाटर केनन के सहारे वहां से हटाना पड़ा.
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में विवेकानंद थीम पार्क का पूर्व सहकारिता राज्य मंत्री और भाजपा विधायक विश्वास सारंग के द्वारा किए गए जबरन लोकार्पण से जुड़ा विवाद अभी थमा ही नहीं था कि आज ग्वालियर में सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के द्वारा 1000 बिस्तरों वाले अस्पताल के शिलान्यास से जुड़ा विवाद उठ खड़ा हुआ. सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आज ग्वालियर में कई निर्माणों का शिलान्यास और लोकार्पण किया, लेकिन ग्वालियर में 1000 बिस्तरों वाले अस्पताल के शिलान्यास के मामले ने तूल पकड़ लिया. दरअसल इस अस्पताल का शिलान्यास 2009 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और भाजपा नेता व सांसद अनूप मिश्रा के आतिथ्य में हो चुका था, लेकिन लंबा अरसा गुजर जाने के बाद भी अस्पताल का निर्माण प्रारंभ नहीं हो सका. इसी के चलते आज सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इसका पुन: शिलान्यास कर दिया. इस शिलान्यास को लेकर भाजपा पिछले 3 दिनों से ग्वालियर में आंदोलन खड़ा कर रही थी. आज जब सिंधिया लगभग आधा दर्जन मंत्रियों के साथ शिलान्यास स्थल पर पहुंचे तो भाजपा ने उनका जमकर विरोध किया. भाजपा कार्यकर्ताओं के विरोध को लेकर पुलिस को वाटर केनन के साथ-साथ हल्का बल भी प्रयोग करना पड़ा. पुलिस ने इसके बाद सांसद अनूप मिश्रा सहित करीब 500 लोगों को गिरफ्तार किया है.  इसको लेकर भाजपा ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान उनके कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की गई. इस पर जिला प्रशासन ने कहा कि हमारे पास पूरे घटनाक्रम की वीडियो रिकार्डिंग है. उसको देखकर आगे की कार्रवाई की जाएगी. इसके बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कहा कि भाजपा नेताओं का विरोध समझ से परे है, उन्हें समझना चाहिए कि वे अब सत्ता में नहीं हैं.सिंधिया  ने कहा कि 2009  के पहले  2005  में  अस्पताल  के  निर्माण  के लिए  शिलान्यास  हो चूका है ,पर  अब  तक  एक  भी  ईंट  नहीं  लगी.
ग्वालियर में शिलान्यास को लेकर हुए विवाद के पूर्व मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री विश्वास सारंग के द्वारा विवेकानंद थीम पार्क के जबरन उद्घाटन का मामला भी अभी थमा नहीं है. भाजपा विधायक विश्वास सारंग ने आज फिर दोहराया कि इस पार्क का निर्माण उनके कार्यकाल के दौरान हुआ था. इसके कारण उद्घाटन उन्हीं को करना चाहिए था. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता लोकसभा चुनाव को देखकर जल्दबाजी में बहुत से काम कर रहे हैं. यह राजनीतिक दृष्टि से और न ही परंपरा के हिसाब से ठीक है.
खुलकर उतरें सरकार के खिलाफ मैदान में
नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने सभी विधायकों को पत्र लिखकर कहा है कि वे लोकार्पण, शिलान्यास को लेकर खुलकर सरकार के खिलाफ मैदान में उतरें. उन्होंने कहा कि सभी विधायक और जनप्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहें और उनके क्षेत्रों में उनके द्वारा कराए  गए विकास कार्यों का खुलकर लोकार्पण करें और आगे कराए जाने वाले विकास कार्यों का खुलकर भूमिपूजन भी करें. ऐसा करना उनका क्षेत्राधिकार है और उन्हें करना भी चाहिए. नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि क्षेत्रों में होने वाले विकास कार्यों के भूमिपूजन या लोकार्पण में यदि उनके साथ भी पूर्व मंत्री विश्वास सारंग की तरह का व्यवहार किया जाता है तो हम सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे. भार्गव ने पूर्व मंत्री सारंग पर दर्ज कराई गई एफआईआर का भी विरोध किया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार क्षेत्रीय विधायकों के साथ दुर्व्यवहार कर रही है.

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