बुधवार, 20 मार्च 2019

चौंकाने वाले नाम देंगे नाथ-अमित शाह

अमित शाह 
 कमजोर नहीं जिताऊ प्रत्याशी पर ही भाजपा-कांग्रेस का जोर
मध्यप्रदेश में इस बार का लोकसभा चुनाव बीते लोकसभा चुनावों की भांति कुछ अलग तरह का रहेगा. भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल किसी भी सीट पर कमजोर प्रत्याशी नहीं देना चाहते हैं. अमित शाह और कमलनाथ दोनों को अपने सर्वे पर भरोसा है, वे सर्वे के मुताबिक की प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया को अंजाम देंगे. यही वजह है कि प्रदेश चुनाव समितियां और पदाधिकारियों के द्वारा दिए गए नामों को दिल्ली तो भेज दिया गया, मगर अंतिम निर्णय इन दोनों ही नेताओं की राय पर ही होगा. 
कमलनाथ 
भारतीय जनता पार्टी लोकसभा चुनाव में इस बार कांग्रेस की गढ़ वाली छिंदवाड़ा, गुना और रतलाम-झाबुआ संसदीय क्षेत्रों पर कमजोर प्रत्याशी उतारने के मूड में नजर नहीं आ रही है. अमित शाह ने साफ कर दिया है कि इस बार किसी को भी कमजोर प्रत्याशी नहीं मिलेगा. सभी 29 सीटों पर भाजपा जिताऊ प्रत्याशी ही मैदान में उतारेगी. यही वजह है कि लोकसभा चुनाव प्रभारी स्वतंत्रदेव सिंह छिंदवाड़ा और सह प्रभारी सतीश उपाध्याय गुना संसदीय क्षेत्र में जमावट में जुटे हैं. इसके अलावा रतलाम-झाबुआ संसदीय सीट पर अरुण जैन के अलावा खुद अमित शाह निगाह टिकाए हुए हैं. भाजपा की ओर से नामों का पैनल जरुर भेज दिया गया, मगर अंतिम फैसले में चौंकाने वाले नाम आने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है. शाह ने अपनी टीम पर भी इस बार पूरा भरोसा जताया है. प्रत्याशी चयन में वे प्रदेश के नेताओं से चर्चा तो कर रहे हैं, मगर प्रत्याशी कौन होगा, इसका संकेत खुद नेताओं को भी नहीं दिया जा रहा है. शाह ने प्रदेश संगठन को साफ कह दिया है कि भाजपा के प्रभाव वाली सीटों पर कमजोरी न हो साथ ही कांग्रेस की गढ़ मानी जाने वाली सीटों पर पूरी ताकत लगाई जाए.  शाह द्वारा कराए गए सर्वे के आधार पर ही भाजपा प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया को अंजाम देगी. 
नाथ की नजरें महानगरों पर


प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और मुख्यमंत्री कमलनाथ पर इस बार प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया निर्भर है. वे ही प्रदेश में प्रत्याशी चयन को लेकर केन्द्रीय नेताओं को फीडबेक दे रहे हैं. नाथ शुरु से ही कह चुके हैं कि वे इस बार भाजपा की गढ़ मानी जाने वाली सीटों पर दिग्गज नेताओं को मैदान में उतारेंगे. इसके चलते उन्होंने नामों का चयन भी अपने सर्वे के आधार पर किया है. नाथ सर्वे के आधार पर ही प्रदेश के सभी 29 संसदीय सीटों पर प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया को अंजाम देंगे. नाथ का पूरा जोर जबलपुर, भोपाल, इंदौर और ग्वालियर जैसे महानगर है. यहां पर वे इस बार चौंकाने वाले और जिताऊ चेहरों को मैदान में उतारने की तैयारी कर चुके हैं. 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें