भारतीय जनता पार्टी ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायतें की है. पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय पहुंचा और लिखित शिकायतें सौंपी. प्रतिनिधिमंडल में वरिष्ठ नेता शांतिलाल लोढ़ा, एस.एस. उप्पल, रवि कोचर शामिल थे. भाजपा के प्रतिनिधिमंडल ने अपनी शिकायत में कहा है कि शासन द्वारा आयोग की अनुमति के बिना तहसील एवं नायाब तहसीलदारों के तबादले किए है. इस संबंध में आयोग ने एक समाचार पत्र की प्रति भी आयोग को सौंपी है, जिसमें उक्त संबंध में हरदा जिले में हुए तबादलों का समाचार प्रकाशित किया गया है.
भाजपा द्वारा की गई एक अन्य शिकायत में कहा गया है कि मध्यप्रदेश के अंदर अधिकारियों के स्थानांतरण की प्रक्रिया इस समय मे चल रही है. 52 पुलिस अधीक्षकों में से तीन चौथाई पुलिस अधीक्षकों के स्थानांतरण एक जिले से दूसरे जिले में केवल कांग्रेस पार्टी को समर्थन दिलाने के उदद्ेश्य से किये गये है और कतिपय पुलिस अधीक्षकों के द्वारा राजनैतिक उद्देश्य पूर्ति न करने के कारण उनके पुन: दूसरे स्थान पर स्थानांतरण किए गए. वैसे भी यह नियम निर्धारित है कि अति-आवश्यक होने के कारण ही तृतीय श्रेणी व चर्तुथ श्रेणी के तबादले किये जाते है लेकिन मध्यप्रदेश शासन द्वारा इन्हे भी नही छोड़ा गया.
आबकारी नीति पर निर्देश दें
भाजपा द्वारा की गई शिकायत में कहा गया है कि आबकारी नीति के बारे में मुख्य चुनाव आयोग स्वीकृति प्रदान की है लेकिन इसके क्रियान्वयन के बारे में आयोग के निर्देश मौन है इस संबंध में आयोग ने कोई स्पष्ट रूप से आदेश जारी नही किये है. आबकारी नीति अनुसार शराब की कोई भी दुकान चाहे वह देशी मदिरा की हो या फिर अंग्रेजी शराब की दुकान हो, बिना नीलामी के किसी को भी आवंटित नही की जा सकती है,अंग्रेजी शराबों की दुकान प्रतिवर्ष की भांति मार्च मार्च में नीलाम की जाती है, यदि शासन चाहता तो फरवरी माह में उक्त दुकाने नीलाम कर सकता था लेकिन इस समय दुकाने नीलाम ना कर देशी दुकानों को बिना नीलामी के अंग्रेजी दुकाने चालाने की अनुमति नियम, नीति और विधि के विरूद्ध है. इसके साथ ही मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय खंड पीठ इन्दौर ने इस संबंध में रोकादेश (स्थगन ) भी जारी किया गया है. अत: बीना नीलामी के अंग्रेजी मदिरा की दुकाने देशी शराब ठेकोदारों को देने का आदेश निरस्त किया जाए.
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