मध्यप्रदेश में लोकसभा चुनाव को लेकर बने बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी के गठबंधन में टकराव की स्थिति निर्मित हो गई है. सपा के खाते में गठबंधन के तहत दी गई बालाघाट संसदीय सीट पर अब बसपा अपना प्रत्याशी मैदान में उतारना चाह रही है, जिसके चलते विवाद की स्थिति बन गई है और मामला मायावती और अखिलेश तक जा पहुंचा है. बसपा अब मंडला सीट सपा को देना चाहती है.
राज्य में बसपा और सपा ने गठबंधन कर सभी 29 स्थानों पर प्रत्याशी मैदान में उतारने का फैसला लिया था. इस फैसले के तहत सपा को टीकमगढ़, खजुराहो और बालाघाट संसदीय क्षेत्र में अपने प्रत्याशी मैदान में उतारने हैं. सपा ने अभी टीकमगढ़ में ही प्रत्याशी की घोषणा की ही थी कि बालाघाट संसदीय क्षेत्र को लेकर विवाद उठ गया. बसपा के प्रदेश पदाधिकारी बालाघाट में अपना प्रत्याशी मैदान में उतारना चाहते हैं. इसके लिए प्रदेश बसपा अध्यक्ष डी.पी. चौधरी ने मायावती को एक पत्र भी लिख दिया है. उन्होंने पत्र के जरिए प्रदेश के पदाधिकारियों की इच्छा से मायावती को अवगत करा दिया है. चौधरी ने बताया कि उन्होंने लखनऊ में बसपा प्रमुख को प्रदेश पदाधिकारियों की इच्छा से अवगत करा दिया है. अब फैसला उन्हें लेना है. उन्होंने बताया कि बसपा पदाधिकारी बालाघाट के स्थान पर मंडला सीट सपा को देना चाहते हैं. वहीं बसपा के इस कदम से सपा के नेता चिंतित हो गए हैं. सपा के अघोषित प्रत्याशी कंकर मुंजारे जो की चुनाव के लिए एक माह से संसदीय क्षेत्र में सक्रिय हैं, ने इस पर नाराजगी जताई है. तो निर्दलीय लड़ूंगा चुनाव: कंकर
समाजवादी पार्टी से टिकट मिलने की उम्मीद लगाए बैठे पूर्व सांसद कंकर मुंजारे बसपा के इस कदम से नाराज हैं. उनका कहना है कि जब दो वरिष्ठ नेताओं के बीच बात हो गई है और फैसला हो गया तो एनवक्त पर इस तरह का विवाद क्यों खड़ा किया जा रहा है. उन्होंने समाजवादी पार्टी के नेतृत्व को चेतावनी भी दे दी है कि अगर अब समझौता कर बसपा के पक्ष में यह सीट दी जाती है तो वे निर्दलीय के रुप में यहां से चुनाव लड़ेंगे.
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