रविवार, 31 मार्च 2019

शिवराज पर फिर भरोसा, रुठों को मनाने की सौंपी जिम्मेदारी

धार,छिंदवाड़ा के नेताओं से बात करने के बाद अर्गल को मनाने के तेज किए प्रयास
मध्यप्रदेश भाजपा ने एक बार फिर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर भरोसा जताया है और उन्हें रुठे टिकट से कटे सांसदों और दावेदारों को मनाने की जिम्मेदारी सौंपी है. शिवराज लगातार नाराज चल रहे टिकट के दावेदारों और टिकट कटने से नाराज चल रहे  वर्तमान सांसदों से संपर्क कर उन्हें मनाने का प्रयास करने में जुट गए हैं.
 विधानसभा चुनाव में भाजपा को मिली हार के बाद से हार का ठिकरा भाजपा नेताओं द्वारा पूरी तरह से पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंंह चौहान पर फोड़ा गया था, इसके बाद उन्हें केन्द्रीय नेतृत्व ने भी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाकर दिल्ली बुला लिया. शिवराज सिंह चौहान का प्रदेश में कद घटने को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थी, लेकिन लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा द्वारा जारी की गई प्रत्याशियों की सूची में वर्तमान सांसदों के टिकट कटने और दावेदारों को टिकट न मिलने से जो नाराजगी दिखाई दी, उससे एक बार फिर प्रदेश और केन्द्रीय नेतृत्व चिंतित हुआ और नाराज चल रहे नेताओं को मनाने की जिम्मेदारी भी शिवराज को दी. शिवराज सिंह चौहान ने इसके लिए शनिवार से सक्रियता भी दिखानी तेज कर दी. उन्होंने शनिवार को धार और छिंदवाड़ा जिले के नेताओं को राजधानी भोपाल बुलाया और चर्चा की. इन दोनों ही स्थानों पर भाजपा अभी तक प्रत्याशी चयन नहीं कर पाई है. धार में वर्तमान सांसद सावित्री को लेकर विवाद है, तो छिंदवाड़ा के नेता स्थानीय प्रत्याशी की मांग उठा रहे थे. इन दोनों ही स्थानों के नेताओं से शिवराज ने संपर्क किया. छिंदवाड़ा के भाजपा नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता भारतीय गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के मनमोहन शाह बट्टी को टिकट दिए जाने की चर्चा के बाद से नाराज चल रहे थे. इन नेताओं की नाराजगी को दूर करने का प्रयास शिवराज सिंह चौहान ने किया. सूत्रों की माने तो छिंदवाड़ा में भाजपा को जिताऊ प्रत्याशी नहीं मिल रहा है. संभावना इस बात की जताई जा रही है कि भाजपा फिर से चंद्रभानसिंह पर दांव लगा सकती है.
चौहान आज भिंड पहुंचे थे. भिंड में वर्तमान सांसद डा. भागीरथ प्रसाद का टिकट काटकर संध्या राय को भाजपा ने प्रत्याशी बनाया है. इसके बाद से यहां पर पांच बार के सांसद रहे अशोक अर्गल नाराज चल रहे हैं. वे लगातार सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के संपर्क में हैं. माना जा रहा है कि अर्गल कांग्रेस का दामन थाम सकते हैं, इस बात की चर्चा जब तेज हुई तो शिवराज सिंह ने उन्हें भी मनाने का प्रयास किया.
ज्ञानसिंह से की चर्चा, दिया आश्वासन
शहडोल से टिकट न मिलने से नारज चल रहे वर्तमान सांसद ज्ञानसिंह ने जब निर्दलीय रुप में चुनाव लड़ने की बात कह दी तो भाजपा नेताओं की चिंता और बढ़ गई. इसके बाद शिवराज सिंह चौहान ने ज्ञानसिंह से संपर्क किया और बातचीत की. उन्होंने ज्ञानसिंह को पुनर्विचार करने की बात कही. साथ ही कहा कि वे उनकी बात केन्द्रीय नेतृत्व तक पहुंचाने का काम करेंगे. इसके अलावा ज्ञानसिंह के पुत्र विधायक शिवनारायण सिंह को से भी उन्होंने चर्चा कर पिता को समझाने का प्रयास किया. वहीं संगठन भी शिवनारायण पर इस बात को लेकर दबाव बना रहा है कि वे अपने पिता ज्ञानसिंह को मना लें.
स्वतंत्रदेव, सतीश कुमार फोन पर करा रहे बात
भाजपा के चुनाव प्रभारी स्वतंत्रदेव सिंंह मालवा, महाकौशल में और सह प्रभारी सतीश उपाध्याय विंध्य में रुठों को मनाने का काम कर रहे हैं. जब इन दोनों नेताओं के सामने समझाइश के बाद भी नाराज नेताओं की नाराजगी दूर  नहीं होती तो ये शिवराजसिंह चौहान को फोन कर उनसे सीधी बात नाराज नेताओं से कर रहे हैं. जब स्वतंत्रदेव सिंह और सतीश कुमार की समझाइश पर नाराज नेता नहीं मानने की बातें भाजपा संगठन को मिली तो उन्होंने शिवराज पर भरोसा जताते हुए यह काम उन्हें सौंपा है.

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें