भाजपा के वरिष्ठ नेता रघुनंदन शर्मा एक बार फिर पार्टी को कटघरे में खड़ा कर दिया है. लंबे समय से नाराज चल रहे शर्मा ने कहा कि भाजपा के वरिष्ठ नेता तो अब पार्टी के लिए स्वर्गवासी हो गए हैं. हम स्वर्ग में रहकर भी पार्टी की 29 में से 29 सीटों पर भाजपा के विजय की कामना कर रहे हैं.भाजपा में वरिष्ठ नेता लगातार अपनी उपेक्षा को लेकर खफा होते नजर आ रहे हैं. पहले पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर इसे लेकर बयान देते रहे, मगर केन्द्रीय नेतृत्व की नाराजगी के बाद वे फिलहाल शांत हैं, गौर के अलावा विधानसभा चुनाव के वक्त से सरताज सिंह और रामकृष्ण कुसमरिया नाराज चल रहे थे, दोनों ने अब कांग्रेस का दामन थाम लिया है. पूर्व सांसद और वरिष्ठ नेता रघुनंदन शर्मा भी लंबे समय से अपनी उपेक्षा को लेकर नाराज है. वे कई बार पार्टी में इसे लेकर अपनी बात भी रख चुके हैं. अब शर्मा ने फिर से पार्टी पर हमला बोला है.
शर्मा का एक वीडियो इन दिनों वायरल हुआ,जिसमें उन्होंने जो बयान दिया उससे भाजपा कटघरे में खड़ी नजर आ रही है. टिकट वितरण को लेकर पार्टी के अंदर चल रही उथल-पुथल को लेकर रघुनंदन शर्मा ने कहा कि कहा कि उनके जैसे नेता कुछ नेता, भाजपा के नेताओं के लिए स्वर्गवासी हो गए हैं. जो कि स्वर्ग से दृष्टा के रूप में सब देख रहे हैं. पार्टी भले ही उन्हें स्वर्गवासी माने पर वो स्वर्ग से भी दृष्टा के रूप में यही कामना करते हैं कि मध्यप्रदेश में भाजपा 29 में से 29 सीटें जीते. उन्होंने कहा कि 'भाजपा में वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं की हालत घर की खूंटी में टंगे उन पुराने कपड़ों की तरह हो गई है, जिनका इस्तेमाल केवल प्रदर्शन और दिखावा है, जबकि उनकी कोई कद्र नहीं होती, लेकिन हमारी हालत तो उससे भी गई गुजरी है. हमारे साथ तो ऐसा व्यवहार किया जा रहा है, जैसे हम स्वर्गवासी हो गए हैं.'
उल्लेखनीय है कि यह कोई पहली बार नहीं हुआ है कि रघुनंदन शर्मा ने पार्टी को कटघरे में खड़ा किया, उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को मुंगावली और कोलारस विधानसभा उपचुनाव में भाजपा की हार की वजह ठहराया था.इसके बाद शर्मा ने विधानसभा चुनाव मिली हार पर भी शिवराज सिंह को ही जिम्मेदार बताया था.
दिग्विजय ने मारी अपने पैर पर कुल्हाड़ी
कांग्रेस की तरफ से दिग्विजय सिंह को भोपाल से प्रत्याशी घोषित किए जाने पर रघुनंदन शर्मा ने कहा कि 'कांग्रेस ने भोपाल से दिग्विजय सिंह को टिकट देकर अपने ही पैरों पर कुल्हाड़ी मार ली है. भोपाल लोकसभा सीट से दिग्विजय सिंह सबसे कमजोर प्रत्याशी हैं. भोपाल में राष्ट्रवादी ताकतें सबसे ज्यादा मजबूत और प्रबल हैं. भोपाल का जनमानस राष्ट्रवाद बनाम आतकंवाद का समर्थन करने वालों के सख्त खिलाफ है. अपने आप को हिंदू और राष्ट्रभक्त साबित करने में लगे दिग्विजय सिंह जीवन भर आतंकवाद की पीठ थपथपाते रहे हैं और अब खुद को हिंदू साबित करने का दिखावा कर रहे हैं.'
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