गुरुवार, 7 मार्च 2019

स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल होगी गोंडी भाषा

मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार आने के बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आदिवासियों के लिए प्रदेश के जिलो में गोंडी भाषा को स्कूल पाठ्यक्रम में शामिल करने की घोषणा की है.
 देश के सबसे बड़े आदिवासी समूहों में से एक गोंड आदिवासियों के अलग-अलग इलाकों में फैले होने के कारण इनकी भाषा भी एक नहीं है, यहां तक कि एक ही राज्य में गोंड आदिवासियों की भाषा एक-दूसरे से एक दम भिन्न है. वहीं 9 अगस्त को को अंतर्राष्ट्रीय आदिवासी दिवस मनाया जाएगा और आदिवासी दिवस पर प्रदेश में शासकीय अवकाश. मुख्यमंत्री ने देश की सबसे प्राचीन भाषाओं में से एक गोंडी भाषा को जीवंत रखते हुए बढ़ावा देने के लिये अनुसूचित-जनजाति बहुल जिलों में गोंडी भाषा को प्राथमिक शिक्षा पाठ्यक्रम में शामिल करने का निर्णय लिया है. उन्होंने कहा है कि गोंडी भाषा बोलने वालों की संख्या में तेजी से हो रही कमी चिंता का विषय है. इस भाषा को विलुप्त होने से बचाना जरूरी है.
मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रदेश में आदिवासी समुदाय की समस्याओं के निराकरण के लिए 9 अगस्त को अंतरराष्ट्रीय आदिवासी दिवस मनाया जाएगा. इस दिन प्रदेश में शासकीय अवकाश घोषित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा दुनिया के विभिन्न देशों में रहने वाले आदिवासी समुदायों की समस्याओं के निराकरण के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आदिवासी दिवस मनाने का निर्णय लिया गया है. इसी तारतम्य में मध्यप्रदेश में यह दिन आदिवासी समुदाय की समस्याओं के निराकरण के लिए समर्पित रहेगा.

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