बुधवार, 6 मार्च 2019

मंत्रालय से नहीं पंचायतों से चलती है सरकार : कमलनाथ

मुख्यमंत्री  कमलनाथ ने कहा है कि सरकार मंत्रालय से नहीं, पंचायतों से चलती है. पंचायत व्यवस्था योजनाओं और कार्यक्रम के क्रियान्वयन की धुरी है. अच्छी योजनाओं का क्रियांवयन भी अच्छा होना चाहिए, अन्यथा वे सफल नहीं होगी. उन्होंने कहा कि योजनाओं को ज्यादा से ज्यादा प्रभावी बनाने के लिए योजनाओं के क्रियांवयन की प्रक्रिया की समीक्षा  की जाएगी.
मुख्यमंत्री ने  जिला एवं जनपद-पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों से कहा कि वे वर्तमान समय के संदर्भ में योजनाओं के क्रियान्वयन के तौर-तरीकों की समीक्षा कर अपने सुझाव दें. सरकार के सहभागी नहीं, सहयोगी बनें. 
मुख्यमंत्री कमलनाथ  प्रशासन अकादमी में जिला एवं जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे. मुख्यमंत्री  ने कहा कि हमारे देश और प्रदेश की अर्थ-व्यवस्था गांव से जुड़ी है. इसलिए फोकस ग्रामीण क्षेत्र पर है. पंचायत राज इसकी धुरी है. सरकार की योजनाओं का सफलतापूर्वक क्रियांवयन करने की जिम्मेदारी जिला जनपद पंचायत के सीईओ और पंचायत सचिव की है. उन्होंने कहा कि कई योजनाएं ऐसी हैं, जो पन्द्रह से बीस साल पहले बनीं. उनका क्रियांवयन आज वैसा ही नहीं हो सकता है. उसमें परिवर्तन करने की आवश्यकता होगी. उन्होंने मनरेगा और प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि वे इन योजनाओं के निर्माण से स्वत: जुड़े हैं. यूपीए सरकार में जब ए योजनाएं बनी थीं, तब इसके क्रियान्वयन को लेकर कई सुधार करवाए थे. उन्होंने कहा कि समय बदला है, तो सरकार को यह भी बताएं कि क्रियांवनय की प्रक्रिया में कौन से परिवर्तन करना है ताकि ज्यादा से ज्यादा ग्रामीण क्षेत्रों को लाभ मिले.
लक्ष्य उत्कृष्ट क्रियांवयन का बनाए
मुख्यमंत्री  ने कहा कि सरकार की योजनाओं और कार्यक्रमों की क्रियान्वयन व्यवस्थाओं की समीक्षा और सर्वे कराया जाएगा. पुरानी योजनाओं में क्या परिवर्तन कर सकते हैं, उनके जरिए और अधिक लोगों को कैसे लाभ पहुंचा सकते हैं, ए तथ्य सर्वे का आधार होंगे. उन्होंने जिला और जनपद पंचायत के सीईओ को जनता और सरकार के बीच की कड़ी बताते हुए कहा कि क्रियान्वयन में बदलाव हो, इसकी जिम्मेदारी भी उनकी है.

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