गुरुवार, 28 मार्च 2019

कमलनाथ ने किया धर्मस्थल का उपयोग, भाजपा ने की शिकायत

 मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपने गृह जिले में आयोजित एक धर्मस्थल के कार्यक्रम का उपयोग चुनाव प्रचार के काम किया है. इस काम में जिला निर्वाचन अधिकारी ने भी उन्हें परोक्ष सहयोग दिया है.
 उक्ताशय की शिकायत भारतीय जनता पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से की है. शिकायत में जिला निर्वाचन अधिकारी को हटाए जाने की मांग भी की गई है. भारतीय जनता पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से की गई शिकायत में मुख्यमंत्री कमलनाथ पर एक मंदिर के कार्यक्रम का उपयोग प्रचार के लिए करने तथा आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाया है. शिकायत में कहा गया है कि भारत निर्वाचन आयोग के द्वारा छिंदवाडा विधानसभा क्षेत्र का उप-निर्वाचन एवं लोकसभा क्षेत्र के लिए निर्वाचन कार्यक्रम घोषित किया जा चुका है. तदनुसार 2 अप्रैल को निर्वाचन की अधिसूचना जारी होने वाली है तथा 29 अप्रैल को मतदान किया जाना है. 
भाजपा ने शिकायत में कहा है कि कमलनाथ प्रदेश के मुख्यमंत्री होने के साथ ही प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भी हैं, चुनावी दोरे पर स्थान स्थान जाकर जनता को संबोधित भी कर रहे हैं. मुख्यमंत्री कमलनाथ ने पांढुर्णा नगर में एक चुनावी सभा को संबोधित किया. यह चुनावी सभा धार्मिक स्थल, नवदुर्गा मंदिर समिति द्वारा आयोजित की गई थी. सभा स्थल पर जो बैनर लगाये गये थे उनमें एक बैनर पर लिखा था मंदिर समिति स्वागत करता है, तथा दूसरे बैनर पर लिखा था वक्त है बदलाव का क्षेत्रीय कांग्रेस कमेटी छिंदवाड़ा. इस बैनर पर एक ओर सोनिया गांधी का चित्र था तो दूसरी तरफ कमलनाथ का चित्र था और साथ ही माता दुर्गा का चित्र भी लगा था जो संलग्न फोटो में दिखाई देता है. 
शिकायती पत्र में कहा गया है कि इस सभा में कमलनाथ ने लोकसभा के लिए नकुलनाथ के पक्ष में एवं विधानसभा के लिए स्वयं के पक्ष में मतदान करने के लिए मतदाताओं से आग्रह किया था. इस सभा की अध्यक्षता पूर्व विधायक दीपक सक्सेना के द्वारा की गई थी. पत्र में कहा गया है कि कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने जानबूझकर उक्त कार्यक्रम की वीडियोग्राफी नहीं कराई गई. शिकायती पत्र में इस सभा के दौरान शासकीय सेवकों के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया गया है. पार्टी के प्रतिनिधि मंडल ने अपनी शिकायत के साथ साक्ष्य के रूप में कार्यक्रम के फोटोग्राफ भी संलग्न किए हैं. पत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री कमलनाथ, दीपक सक्सेना तथा मंच पर उपस्थित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ आचार संहिता के उल्लंघन की कार्रवाई तथा जिला निर्वाचन अधिकारी को तत्काल हटाए जाने की मांग की गई है. पार्टी के प्रतिनिधिमंडल में वरिष्ठ नेता शांतिलाल लोढ़ा और एस.एस. उप्पल शामिल थे. 

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