शुक्रवार, 15 मार्च 2019

भाजपा ने सत्ता में आने के लिए किया पिछड़े वर्ग का उपयोग


मध्यप्रदेश कांग्रेस की मीडिया सेल की अध्यक्ष शोभा ओझा ने कहा कि ओबीसी वर्ग की मांग थी कि आरक्षण 27 फीसदी किया जाए, इस वर्ग की मांग को पूरा करते हुए मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आरक्षण 27 फीसदी कर दिया. उन्होंने कहा कि भाजपा के तीन पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती, बाबूलाल गौर और शिवराज सिंह चौहान इस वर्ग से आते हैं. उन्होंने केवल सत्ता में आने के लिए ही पिछड़े वर्ग का उपयोग किया. इन मंत्रियों ने 27 फीसदी आरक्षण करने पर कमलनाथ का आभार भी नहीं माना.
प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आज पत्रकारों से चर्चा करते हुए ओझा ने कहा कि मानव-मानव की बराबरी का सिद्धांत सभ्यता के विकास की पहली सीढ़ी है. मुख्यमंत्री  कमलनाथ  ने मध्यप्रदेश के सामाजिक रूप से पिछड़े लोगों के साथ न्याय की लड़ाई में एक बहुत बड़ा कदम उठाया है. कोई भी देश या प्रदेश अपने पिछड़ों को पीछे छोड़कर आगे नहीं बढ़ सकता. बुनियादी रूप से मुख्यमंत्री  ने अपने मंत्रिमंडल के गठन के समय ही पिछड़े वर्ग के 27 प्रतिशत से अधिक विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल कर इस बात के साफ संकेत दे दिये थे कि वे प्रदेश की प्रगति के लिए पिछड़े वर्ग के हक में एक निर्णायक कदम उठाने जा रहे हैं और अपनी इस भावना को उन्होंने 8 मार्च को पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षण की व्यवस्था 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत करके एक अध्यादेश के माध्यम से सिद्ध भी कर दिया. हजारों वर्षों की वेदना और पीड़ा में पले समाज के दलित, शोषित, आदिवासी और पिछड़े समाज के अभिभावक और मसीहा की भूमिका का निर्वाहन मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ  ने किया है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जो कहते हैं, उसे वे पूरा भी करते हैं.
शोभा ओझा ने कहा कि भाजपा के तीन पूर्व मंत्री उमा भारती, बाबूलाल गौर और शिवराज सिंह चौहान भी इस वर्ग से आते हैं. इन तीनों ने सत्ता में आने के लिए तो इस वर्ग का उपयोग किया, मगर उस वर्ग के लोगों की मांग को पूरा नहीं किया. पत्रकारों से चर्चा करते हुए खेल मंत्री जीतू पटवारी ने कहा कि भाजपा ने इस वर्ग की उपेक्षा कर अपनी दुर्भावना का प्रदर्शन किया है. वहीं राज्यसभा सांसद राजमणि पटेल ने कहा कि कांग्रेस हमेशा ही पिछड़ों के विकास की बात करती है, भाजपा की तो पुरानी आदत है, अच्छे काम की बुराई करना

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें