खजुराहो में ब्राह्मण नेता तलाश रही सपामध्यप्रदेश में तीन संसदीय क्षेत्रों से चुनाव लड़ रही समाजवादी पार्टी खजुराहो संसदीय क्षेत्र में बड़े ब्राह्मण नेता की तलाश कर रही है. इसके लिए विधानसभा चुनाव में मैदान में उतारे बेटे नितिन चतुर्वेदी के बाद अब सपा उनके पिता कांग्रेस नेता और बुंदेलखंड के बड़े ब्राह्मण चेहरा सत्यव्रत चतुर्वेदी पर नजरें टिकाए हुए हैं, मगर उसे अभी तक सफलता हासिल नहीं हुई है.
मध्यप्रदेश के खजुराहो, टीकमगढ़ और बालाघाट संसदीय क्षेत्र से सपा अपने उम्मीदवार उतारेगी, इसके अलावा अन्य 26 संसदीय क्षेत्रों पर बसपा के साथ उसका गठबंधन है, जहां बसपा अपने प्रत्याशी मैदान में उतारेगी. सपा ने लोकसभा चुनाव के लिए टीकमगढ़ में अपना प्रत्याशी रतिराम बंसल को घोषित किया है, मगर बालाघाट और खजुराहो में उसने अपने प्रत्याशी घोषित नहीं किए हैं. खजुराहो में सपा के विधायक राकेश शुक्ला को क्षेत्र के बड़े ब्राह्मण नेता की तलाश की जिम्मेदारी पार्टी ने सौंपी है. सपा ने विधानसभा में नितिन चतुर्वेदी को राजनगर विधानसभा सीट से मैदान में उतारा था, अब सपा चाहती है कि नितिन के पिता कांग्रेस के कद्दावर नेता रहे सत्यव्रत चतुर्वेदी को इस बार खजुराहो संसदीय सीट से मैदान में उतारा जाए. इसके प्रयास भी तेज हैं, मगर अभी तक सत्यव्रत चतुर्वेदी ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं.
सपा द्वारा विधायक राकेश शुक्ला को यह जिम्मेदारी दी है कि वे किसी भी तरह से इस बात का प्रयास करें कि सत्यव्रत मान जाएं. सूत्रों की माने तो सत्यव्रत नितिन चतुर्वेदी के नाम पर सहमत हैं, मगर खुद चुनाव नहीं लड़ना चाह रहे हैं. सपा यहां से सत्यव्रत को मैदान में उतारकर ब्राहण कार्ड खेलकर मैदान मारना चाहती है.
टीकमगढ़ में बदला जा सकता है प्रत्याशी
सपा ने टीकमगढ़ में रतिराम को प्रत्याशी बनाया है, मगर यहां पर कांग्रेस और भाजपा द्वारा जब प्रत्याशियों की घोषणा कर दी गई तो सपा को अपना प्रत्याशी कमजोर लगने लगा. इसके बाद सपा प्रत्याशी बदलने का भी मन बना रही है. कांग्रेस की किरण अहिरवार और भाजपा के वीरेन्द्र खटीक के नामों की घोषणा के बाद सपा के कुछ नेताओं ने रतिराम बंसल के नाम का विरोध किया, इसके बाद अखिलेश यादव ने जिताऊ उम्मीदवार का नाम देने को कहा है.
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