शुक्रवार, 5 अप्रैल 2019

चुनाव प्रचार के लिए क्षेत्र की सीमा तय की कांग्रेस ने

अनुमति के बिना दूसरे जिले में जाने पर होगी कार्रवाई

मध्यप्रदेश कांग्रेस लोकसभा चुनाव को लेकर हर कदम फूंक-फूंक कर उठा रही है. कांग्रेस ने जनप्रतिनिधियों, पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के लिए प्रचार के लिए क्षेत्र की सीमा तय कर दी है. नाराज और टिकट से वंचित दावेदार अब बिना अनुमति के  जिले से बाहर नहीं जा सकेंगे, अगर वे गए तो संगठन उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगा.
विधानसभा चुनाव में मिली शिकायतों के बाद कांग्रेस अब जीत के लिए हर संसदीय क्षेत्र में फूंक-फूंक कर कदम उठा रही है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने जनप्रतिनिधियों से लेकर कार्यकर्ता तक प्रचार क्षेत्र की सीमा तय कर दी है. इस सीमा का उल्लंघन करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का भी कह दिया है. कमलनाथ ने साफ कह दिया है कि जनप्रतिनिधि, पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता अपने जिलों में रहकर कांग्रेस प्रत्याशी को जिताने का काम करें. वे किसी दूसरे क्षेत्र में न जाएं. अगर दूसरे क्षेत्र में जाते हैं, तो उन्हें उन्होंने इसकी अनुमति लेनी होगी और अनुमति नहीं ली तो संगठन अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगा. कांग्रेस संगठन का इस आदेश के पीछे यह मानना है कि उम्मीदवार को अपने क्षेत्र में कार्यकर्ताओं की कमी से जूझना  नहीं पड़ेगा. 
दरअसल होता यह है प्रदेश में राजनीतिक आकाओं के चुनाव वाले क्षेत्रों में कार्यकर्ता और पदाधिकारी चले जाते हैं, जिससे उम्मीदवार को कार्यकर्ता की कमी से जूझना पड़ता है. कई बार उम्मीदवार से नाराज कार्यकर्ता दूसरे क्षेत्रों में चले जाते हैं. बीते विधानसभा चुनाव के दौरान संगठन के पास इस तरह की कई विधानसभा क्षेत्रों से शिकायतें मिली थी, जिसके चलते वहां पर कांग्रेस प्रत्याशी को हार तक का सामना करना पड़ा था. इन्हीं शिकायतों को ध्यान में रखकर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने यह फरमान जारी किया है, जिसके चलते अब जनप्रतिनिधि, पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता परेशानी भी महसूस कर रहे हैं, मगर संगठन की तय गाइड लाइन को वे लांघ भी नहीं सकते हैं.
मंत्री और समर्थक हैं परेशान
कांग्रेस संगठन के इस आदेश से सबसे ज्यादा परेशान मंत्री और वरिष्ठ नेताओं के समर्थक हैं. राज्य के सहकारिता मंत्री डा. गोविंद सिंह,  नगरीय निकाय मंत्री जयवर्धन सिंह परेशान है. गोविंद सिंह को भिंड लोकसभा क्षेत्र में तो जयवर्धन सिंह को राजगढ़ में चुनाव प्रचार में जुटना होगा. जयवर्धन सिंह, दिग्विजय सिंह के पुत्र हैं और डा. गोविंद सिंह दिग्विजय के खास समर्थकों में माने जाते हैं. इसी तरह तुलसी सिलावट को सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया का समर्थक माना जाता है, उन्हें इंदौर संसदीय क्षेत्र में सक्रिय रहना होगा. इस तरह कई मंत्री है, जो स्वयं कमलनाथ, ज्योरादितय सिंधिया और दिग्विजय समर्थक है, मगर वे उनके क्षेत्रों से दूर रहेंगे.

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