सोमवार, 30 सितंबर 2019

कांग्रेस जो कहती है, वह करती है, सिर्फ जुबानी जमाखर्च करती है भाजपा

कमलनाथ 
झाबुआ उपचुनाव, भाजपा-कांग्रेस प्रत्याशियों ने भरे नामांकन, गर्माया चुनावी माहौल

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज कहा कि कांग्रेस जो कहती है, वो करती है और भाजपा सिर्फ जुबानी जमाखर्च करती है.
झाबुआ में कांग्रेस प्रत्याशी कांतिलाल भूरिया का नामांकन भरवाने पहुंचे मुख्यमंत्री कमलनाथ ने जनसभा को संबोधित करते हुए यह बात कही. उन्होंने कहा कि इस बार प्रदेश में सिर्फ झाबुआ विधानसभा का उपचुनाव हो रहा है. ऐसे में ये महत्वपूर्ण हो जाता है कि यहां की जनता किसे चुनती है. झाबुआ का नया इतिहास बनाना है और झाबुआ का झंडा विधानसभा में लहराना है तो झाबुआ से कांग्रेस को विजयी बनाना होगा. 
मुख्यमंत्रीकमलनाथ ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा सेठ साहूकारों की पार्टी है. उनके नेता सिर्फ जबानी जमाखर्च करते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि 21 अक्तूबर के बाद भाजपा के नेता झाबुआ से गायब हो जाएंगे, जबकि कांग्रेस जो कहती है, वो करती है.  इस अवसर पर कांग्रेस उम्मीदवार भूरिया और पार्टी नेता जेवियर मेड़ा ने भी रैली को संबोधित किया. संबोधन के बाद कमलनाथ भूरिया के साथ कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और जिला निर्वाचन अधिकारी के समक्ष कांग्रेस उम्मीदवार  भूरिया ने अपना नामाकंन फार्म प्रस्तुत किया.
गौरतलब है कि प्रदेश में दोनों राजनीतिक दलों भाजपा और कांग्रेस  के लिए झाबुआ उपचुनाव बड़ी चुनौती है. कांग्रेस जहां झाबुआ उपचुनाव जीतकर अपनी सीटों की संख्या 115 यानि बहुमत तक करना चाहती है. तो भाजपा पिछले चुनाव में जीती हुई अपनी सीट को बचाना चाहती है.यही वजह है कि दोनों की दलों के दिग्गज नेता यहां पर जुट गए हैं. 
कांग्रेस के शासनकाल में किसान वीरान और जनता है परेशान
मध्यप्रदेश में झाबुआ उपचुनाव के लिए भाजपा और कांग्रेस द्वारा प्रत्याशी घोषित किए जाने और नामांकन भरे जाने के बाद अब राजनीतिक बयानबाजी तेज होने लगी है. पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने दावा किया कि कांग्रेस के 9 माह के शासनकाल में किसान वीरान है और जनता परेशान है. उपचुनाव में भाजपा की जीत सुनिश्चित है. पूर्व मंत्री मिश्रा ने मुख्यमंत्री कमलनाथ का नाम लिए बिना उन पर निशाना साधा और कहा कि बारिश से फसलें तबाह हो गई हैं, लेकिन लाट साहब को किसानों के बीच जाने की फुर्सत नहीं है. उन्होंने कहा कि  झाबुआ का परिणाम स्पष्ट है. भाजपा ने नौजवान को टिकट दिया है, जो भाजयुमो के जिला अध्यक्ष के रूप में जनता की सेवा करता रहा है.  इसलिए भानु की जीत सुनिश्चित है. 
प्रज्ञा को तथाकथित साध्वी बताया मंत्री ने
जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को तथाकथित साध्वी बताते हुए कहा कि वो साध्वी प्रज्ञा को साध्वी नहीं मानते हैं, बल्कि तथाकथित साध्वी मानते हैं. वो ना तो स्टार हैं और न ही प्रचारक हैं. भाजपा के स्टार प्रचारकों की सूची से साध्वी प्रज्ञा का नाम नहीं होने पर शर्मा ने कहा कि भाजपा कभी-कभी सही फैसला लेती है और ये सही फैसला है. उल्लेखनीय है कि भाजपा ने झाबुआ उपचुनाव को लेकर 40 स्टार प्रचारकों की सूची जारी की है. जिसमें भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा से लेकर प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज से लेकर सांसद, विधायक और हारे हुए विधायक भी स्टार प्रचारक की सूची में शामिल हैं.

कांग्रेस नेताओं से बदला लेने का है यह चुनाव
 भाजपा प्रत्याशी भानू भूरिया का नामांकन भरवाने झाबुआ पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस ने झूठे वादे कर के प्रदेश की जनता से छल किया. जनता ने तो लोकसभा चुनाव में ही कांग्रेस की अक्ल ठिकाने लगा दी. अब समय आ गया है कि एक बार फिर से कमल की बटन दबाकर सच का साथ दें.  कांग्रेस ने मध्यप्रदेश को पिछले कुछ महीनों में बर्बाद कर दिया. यह चुनाव केवल भानु भूरिया को जिताने का नहीं, बल्कि कांग्रेस के नेताओं से बदला लेने का चुनाव है.  कांग्रेस के शासनकाल में बिजली तो नहीं आ रही है, लेकिन बिल बड़े-बड़े आ रहे हैं. उन्होंने कहा कि  मैं गरीबों को  200 रुपए में बिजली देता था, लेकिन अब हजारों के बिल आ रहे हैं प्रदेश में कई जगह ढोल बजा बजा कर गरीबों की बेइज्जती की जा रही है. कांग्रेस ने कहा था कि वो बिजली के बिल हाफ कर देंगे. उन्होंने कहा कि मैंने मेधावी विद्यार्थियों के लिए स्मार्टफोन, लैपटाप, स्कालरशिप, साईकिल, होस्टल की फीस की व्यवस्था की, लेकिन ऐसी अनेक योजनाएं कमलनाथ सरकार ने बंद कर दी.  इसके बाद भी ये वोट मांगने आ जाते हैं.
 हिंदुस्तान, पाकिस्तान के बीच है चुनाव
भाजपा विधायक भानू भूरिया के नामांकन रैली को संबोधित करते हुए नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा कि यह चुनाव दो पार्टियों के बीच नहीं है, बल्कि हिंदुस्तान और पाकिस्तान के बीच है. हमारा प्रत्याशी हिंदुस्तान का प्रतिनिधित्व करता है, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व करता है.  भार्गव ने कहा कि आपके शिवराज मामा ने 15 साल तक झाबुआ के विकास का काम किया. इस विधानसभा क्षेत्र में सड़के तक नहीं थी, जिस कांतिलाल भूरिया की बात की जा रही है, विधायक रहे, सांसद रहे, केंद्र में मंत्री भी रहे, लेकिन विकास के नाम पर कुछ नहीं किया, एक सड़क तक नहीं बनवा पाए. हमने एक-एक फलिया जोड़ने का काम शिवराज सिंह चौहान ने किया. शुद्ध पेयजल देने का काम, चिकित्सा व्यवस्था देने का काम, राशन से लेकर कृषि उपज तक की कीमत देने का काम किया. भावंतर योजना को हमने चलाया. आज 10 महीने हो गए, लेकिन किसी भी किसान को ना बोनस मिला ना भावांतर मिला.
नाराज डामोर ने भरा पर्चा
झाबुआ विधानसभा उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी से टिकट नहीं मिलने पर पार्टी से इस्तीफा दे चुके आदिवासी नेता कल्याण सिंह डामोर ने आज निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन पत्र दाखिल कर दिया. डामोर पार्टी के टिकट के प्रबल दावेदार माने जा रहे थे, लेकिन कल अचानक भाजपा ने भाजपा युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष भानु भूरिया को टिकट देने की घोषणा कर दी. इसके चलते  डामोर पार्टी से नाराज हो गए और उन्होंने अपना इस्तीफा दे दिया.

हनी ट्रैप, मामला बनता है आयकर अदायकी का

 मध्यप्रदेश के आयकर आयुक्त ने कहा हाईकोर्ट ले स्वयं संज्ञान में

मध्यप्रदेश के आयकर आयुक्त आर.के.पालीवाल ने हनी ट्रैप मामले में काली कमाई खर्च करने वालों के खिलाफ आयकर का मामला बनाने की बात कही है. आयकर आयुक्त ने मीडिया पर जहां गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं हाईकोर्ट से इस मामले को स्वयं संज्ञान में लेने की मांग की है.
प्रदेश के आयकर आयुक्त आर.के. पालीवाल ने अपने फेसबुक एकाउंट पर  ‘हनी ट्रैप$ : कई जनव्यपारी आपराधिक पहलू ’ शीर्षक से  को लेकर एक पोस्ट किया है. पोस्ट में पालीवाल ने लिखा है कि यह दुर्भाग्य पूर्ण है कि इस मामले में जांच कर रही पुलिस के कुछ सूत्रों द्वारा अधकचरी जानकारी मीडिया के माध्यम से लीक हो रही है और मीडिया का एक बड़ा हिस्सा इसे चटखारे लेकर सीरियल की तरह टीआरपी बढ़ाने के हथकंडे की तरह इस्तेमाल कर रहा है. कोई इन महिलाओं के फोटो छाप रहे हैं और कुछ इनके बारे में अभद्र टिप्पणी कर रहे हैं. यह सब भद्दी और सतही चीजें हैं. उन्होंने लिखा है कि यह भी दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस मामले की तह तक जाने की कोशिश न मीडिया कर रहा है और न सोशल मीडिया पर सक्रिय लोग. सब इसमें नई^-नई सनसनी खोज कर फैला रहे हैं.
आयकर आयुक्त पालीवाल ने  लिखा है कि जिस तरह इस मामले में बड़े नाम आ रहे हैं हाई कोर्ट द्वारा भी स्वयं संज्ञान लेकर इस मामले की सघन जांच केंद्र और प्रदेश सरकार की संयुक्त टीम से कराई जा सकती है या कोई कानूनी एनजीओ ऐसा करने के लिए कोर्ट में पीआईएल भी कर सकती है. यदि ऐसा हुआ तो संदेह के तमाम बादल दूर हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि अपराधिक मामलों के जानकार वकील आदि भी इस मामले में अपना विचार रख सकते हैं.
काली कमाई हनी ट्रैप में लगाई तो मामला भ्रष्टाचार का 
पालीवाल ने लिखा है कि इस मामले में समाज की नैतिकता तो कटघरे में खड़ी ही है, लेकिन उससे भी जरूरी कुछ मुद्दे हैं जो और भी अहम हैं. मेरे विचार में इसमें निम्न आपराधिक मुद्दे ज्यादा महत्वपूर्ण हैं. उन्होंने कहा कि गिरफ्तार गैंग के मामले में एक तो ब्लैकमेलिंग का अपराध है और दूसरा इससे जो धन संपत्ति बटोरी है उस पर आयकर अदायगी का मामला बनता है. उन्होंने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि  जिन दूसरे लोगों यथा आईएएस, आईपीएस और अन्य अधिकारी, मंत्री और सांसद एवं ठेकेदार आदि के नाम उछल रहे हैं उनके मामले में यह जांच जरूरी है कि उन्होंने इस गिरोह को सरकारी अनुदान और ठेके देकर जन धन का कितना नुकसान किया है और यदि इन्होंने अपनी काली कमाई इस पर खर्च की है तो यह भ्रष्टाचार और आयकर चोरी का मामला बनता है.

भाजपा ने प्रज्ञा, कांग्रेस ने उमंग को नहीं बनाया स्टार प्रचारक

भाजपा ने अपने स्टार प्रचारकों की सूची में भोपाल की सांसद प्रज्ञासिंंह को शामिल नहीं किया है. इसे लेकर भाजपा नेताओं का कहना है कि कई वरिष्ठ सांसदों के नाम स्टार प्रचारकों की सूची में शामिल नहीं है. वहीं कांग्रेस के स्टार प्रचारकों में वन मंत्री उमंग सिंघार का नाम गायब है. सिंघार को पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने पत्र को लेकर सीधा टकराना महंगा पड़ गया है. वैसे स्टार प्रचारकों की सूची में सिंधिया खेमें को कम ही स्थान मिला है.

भाजपा द्वारा जारी सूची में  जगत प्रकाश नड्डा, राकेश सिंह,  शिवराज सिंह चौहान, नरेंद्र सिंह तोमर, थावर चंद गहलोत, सुमित्रा महाजन,  विनय सहस्त्रबुद्धे, प्रभात झा,  कैलाश विजयवर्गीय,  प्रहलाद पटेल, फग्गन सिंह कुलस्ते, गोपाल भार्गव,  विक्रम वर्मा,  सत्यनारायण जटिया,  नंदकुमार सिंह चौहान, सुहास भगत,  कृष्ण मुरारी मोघे,  नरोत्तम मिश्रा, विजय शाह,  अंतर सिंह आर्य,  मनोहर ऊंटवाल, अजय प्रताप सिंह,  वी डी शर्मा , उषा ठाकुर,  रामेश्वर शर्मा, रमेश मेंदोला,  अरविंद भदोरिया,  सुदर्शन गुप्ता, विश्वास सारंग,  चेतन कश्यप,  जी एस डामोर,  गजेंद्र पटेल,  छतरसिंह दरबार,  निर्मला भूरिया,  नागर सिंह चौहान,  रंजना बघेल,  संगीता चारेल,  शांतिलाल बिलवाल,  जयपाल सिंह चावड़ा और विजय दुबे को स्टार प्रचारक बनाया है.
कांग्रेस के स्टार प्रचारक: भाजपा  की तरह ही कांग्रेस ने भी उपचुनाव के लिए 40 नेताओं को स्टार प्रचारक बनाया है. कांग्रेस के स्टार प्रचारकों में मनमोहन सिंह, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, कमलनाथ, दिग्विजय सिंंह, दीपक बावरिया, ज्योतिरादित्य सिंधिया, सुरेश पचौरी, अरुण यादव, अजय सिंह, विवेक तन्खा, राजमणि पटेल, अमित चावड़ा, परेश भाई घनानी, मीनाक्षी नटराजन, संजय कपूर, बाला बच्चन, कमलेश्वर पटेल, सुरेन्द्र सिंह बघेल, हर्ष यादव, जयवर्धन सिंंह, प्रियव्रत सिंह, जीतू पटवारी, डा. विजय लक्ष्मी साधौ, सचिन यादव, ओंकार सिंंह मरकाम, चंद्रिका बेन, बज्जू भाई, हीरा अलावा, जेविरय मेड़ा, प्राचीलाल मेड़ा, ग्यारसीलाल मेड़ा, मनोज चावला, सचिन बिरला, प्रताप ग्रेवाल, हर्ष विजय गहलोत, कलावति भूरिया, बालसिंह मेड़ा, वीरसिंह भूरिया और मुकेश पटेल शामिल हैं.

रविवार, 29 सितंबर 2019

झाबुआ में भूरिया को टक्कर देंगे भूरिया

भानू भूरिया 

कांतिलाल भूरिया 
भाजपा ने भानू भूरिया को उतारा कांतिलाल भूरिया के खिलाफ

मध्यप्रदेश में झाबुआ विधानसभा सीट के लिए होने वाले उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी कांतिलाल भूरिया को भाजपा के भानू भूरिया टक्कर देंगे. भाजपा ने आज अपना प्रत्याशी घोषित कर मुकाबले को रोचक बनााया है. भाजपा ने यहां पर युवा को मैदान में उतारकर मुकाबले को रोचक बनाया है.
झाबुआ विधानसभा सीट के लिए होने वाले उपचुनाव हेतु दोनों दलों भाजपा और कांग्रेस ने अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं. कांग्रेस ने यहां पर पूर्व केन्द्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया को प्रत्याशी घोषित किया है. वहीं भाजपा ने आज भानू भूरिया को प्रत्याशी बनाया है. भानू युवा हैं और पूर्व में  युवा मोर्चा में पदाधिकारी रह चुके हैं. वे कल पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की उपस्थिति में अपना नामांकन भरेंगे. वहीं कांग्रेस प्रत्याशी कांतिलाल भूरिया का नामांकन भरवाने के लिए कल मुख्यमंत्री कमलनाथ झाबुआ जाएंगे.
उल्लेखनीय है कि झाबुआ विधानसभा सीट भाजपा विधायक जीएस डामोर के इस्तीफे के बाद खाली हुई है. 2019 में लोकसभा चुनाव जीतने के बाद जीएस डामोर ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था. उपचुनाव के लिए कल 30 तारीख को नामांकन जमा करने की अंतिम तारीख है.  21 अक्तूबर को मतदान होगा. 24 अक्तूबर को परिणाम घोषित होंगे. कल ही दोनों दलों के प्रत्याशी अपना नामांकन भरेंगे. 

विधायक ने कहा सियासत में हनी ट्रैप सदियों पुरानी परंपरा

 आरोपियों को सागर, छतरपुर ले जाएगी पुलिस

मध्यप्रदेश में हुए हनी ट्रैप मामले को लेकर बयानबाजी का दौर थम नहीं रहा है. अब पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के विधायक भाई लक्ष्मण सिंह ने कहा कि सियासत में हनी ट्रैप सदियों पुरानी पंरपरा है. एसआईटी पर लोगों को भरोसा रखना चाहिए. जांच के बाद सारे खुलासा हो जाएंगे. अगर जरुरत पड़े तो सरकार को सीबीआई से भी जांच करानी चाहिए.
लक्ष्मण सिंंह के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है. लक्ष्मण सिंंह ने  कहा कि हनी ट्रैप कोई नई बात नहीं है, ये तो आदिकाल से चल रहा है. युद्ध और राजनीति में सालों से ये बातें सुनते आए हैं, द्वितीय विश्व युद्ध में भी इस तरह के मामले सामन ेआए थे. उन्होंने कहा कि हालांकि ये गलत है. इससे सरकार को नुकसान होता है. बहुत सारे फर्जी एनजीओ को भुगतान हुआ है. उन्होंने कहा कि  एसआईटी की जांच सही दिशा में चल रही है.लोगों को एसआईटी जांच पर भरोसा रखना चाहिए. अगर भाजपा सीबीआई जांच की मांग उठा रही है तो सरकार को एसआईटी जांच के बाद अगर जरुरत पड़े तो सीबीआई जांच भी करा लेनी चाहिए. 
आईपीएस का मामला मुख्यमंत्री की संज्ञान में
राज्य के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के मंत्री सुखदेव पांसे ने हनी ट्रैप मामले में गजियाबाद में फ्लेट को लेकर उठे विवाद के मामले को लेकर कहा कि राज्य के आईपीएस अधिकारियों के बीच जो टकराव चल रहा है,वह मामला मुख्यमंत्री कमलनाथ की संज्ञान में है. मुख्यमंत्री इस मामले की अपने स्तर पर समीक्षा कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से एसआईटी की जांच एक ईमानदार अधिकारी को सौंपी है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा साफ है कि राज्य में पाक-साफ प्रशासन दिया जाए. हनी ट्रैप के जरिए एनजीओ को अनाधिकृत रुप से लाभ पहुंचाने के मामले की जांच भी एसआईटी करेगी.
आरोपियों को सागर, छतरपुर ले जाएगी एसआईटी
हनी ट्रैप मामले में लगातार हो रहे खुलासों के बाद अब एसआईटी टीम एक बार फिर आरोपियों को लेकर सागर और छतरपुर जाने की तैयारी कर रही है. श्वेता विजय जैन को लेकर एसआईटी ने सागर जाकर पूछताछ करने की तैयारी की है. बताया जाता है कि पूछताछ के दौरान श्वेता ने कुछ जानकारी दी है जिसे लेकर एसआईटी उसे सागर जाकर जांच करना चाहती है. वहीं मोनिका और आरती दयाल को लेकर एसआईजी की टीम छतरपुर जाएगी.
देह व्यापार की जानकारी दे रहे लोग
हनी ट्रैप मामले को लेकर जांच के लिए गठित एसआईटी द्वारा राज्य में देह व्यापार को लेकर लोगों से जानकारी देने को कहा था. इसके लिए एसआईटी ने मेल आईडी भी जारी किया था. एसआईटी के इस मेल आईडी पर लोगों द्वारा देह व्यापार को लेकर लगातार शिकायतें की जा रही हैं. एसआईटी को अब तक मिली शिकायतों में हनी ट्रैप से जुड़े मामले की शिकायतें तो कम मिली है, मगर शहरों में शहरों में चल रहे देह व्यापार के दूसरे गिरोहों की जानकारी मिल रही है. इसे लेकर भी एसआईटी कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है.

साजिश के तहत मारे गए दलित बच्चे

 शिवपुरी से लौटे माकपा के जांच दल का आरोप


मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले में दो बच्चों की लाठियों से पीट-पीट कर की गई हत्या को लेकर माकपा ने आरोप लगाया है कि दोनों बच्चों की साजिश के तहत हत्या की गई है. यह घटना कोई अचानक घटित नहीं हुई है. माकपा ने घटना के विरोध में अक्तूबर माह के पहले सप्ताह में शिवपुरी में धरना-प्रदर्शन करने की चेतावनी भी दी है .
शिवपुरी में घटी इस  घटना के बाद माकपा राज्य सचिवमंडल सदस्य अखिलेश यादव तथा दलित शोषण मुक्ति मंच के नेता रामबाबू जाटव की अगुवाई में एक दल शिवपुरी जिले के सिरसौद थाने मे पड़ने वाले भावखेड़ी गांव में पीड़ितों के घर पहुंचा, जहां उन्हें और भी भयावह स्थिति देखने को मिली. दल जब एक टूटी झोपड़ी में रह रहे मृतक अविनाश के पिता मनोज के पास पहुंचा तो उसने बताया कि यह कोई अचानक घटी घटना नहीं है. कई दिनों से दबंग यह योजना बना रहे थे कि इलाके में धाक कम हो रही है, इसलिए कुछ करना चाहिए, जो होगा उसे मिलकर निबटा लेंगे और 25 सितंबर को सुबह 6:30 बजे इन दलित बच्चो की पीट-पीटकर हत्या कर दी गयी. पीड़ित परिवारों ने बताया कि इस के पहले रौशनी के साथ छेड़खानी की घटना भी घटी थी जिसकी शिकायत संबंधित परिवारों के मुखिया से की गयी थी.
जांच दल का कहना है कि हमने जब वहां पर लोगों से बातचीत की तो  हत्या का शिकार बनी कल्ला वाल्मीकि की बेटी रोशनी और मनोज के बेटे अविनाश जब स्कूल में जाते थे तब दोनों को बाकी विद्यार्थियों से दूर अलग ही नहीं बिठाया जाता था बल्कि रौशनी से झाडू लगवाई जाती थी और अविनाश से स्कूल का पाखाना साफ कराया जाता था. प्रतिनिधि मंडल ने आसपास के गांवों के लोगों से भी चर्चा की तो पता चला कि इन दलित परिवारों को दबंग सार्वजनिक हेण्डपंप से पानी तक नही भरने नही देते, पानी लेने के लिए उन्हें एक किलोमीटर दूर जाना पड़ता था. दोनों ही परिवारों के बीपीएल सूची में नाम होने के बाद भी उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का घर नहीं मिला था. शौचालय बनाने की दरख्वास्त भी सरपंच ने खारिज कर दी थी.
माकपा के दल की अगुवाई कर रहे सीपीएम राज्य सचिवमंडल सदस्य अखिलेश यादव के मुताबिक इन हत्याओं के पीछे सामंती सोच के साथ शोषितों और मजबूरों की खुल्लमखुल्ला लिंचिंग का उन्माद और ऐसा करने के बाद आराम से छूट जाने का भरोसा भी है. इस लिहाज से यह कोई अलग थलग घटना नहीं है, यदि तत्काल कड़े कदम नहीं उठाये गए तो आने वाले दिनों में इस तरह की वारदातों की पुनरावृत्ति से इंकार नहीं किया जा सकता. प्रतिनिधि मंडल में माकपा राजय सचिवमण्डल सदस्य अखिलेश यादव, दलित शोषण मुक्ति मंच के रामबाबू जाटव, सोहन लाल चौधरी, आर डी चोपड़ा, अनिल खरे शामिल थे. सीपीएम और डीएसएमएम सहित अन्य संगठनों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि अक्तूबर के पहले सप्ताह में शिवपुरी में धरना-प्रदर्शन की तैयारी कर रहे हैं.

मंत्री पटवारी को पटवारियों की चेतावनी, मांगी माफी नहीं तो हड़ताल



मध्यप्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी के बयान सौ प्रतिशत पटवारी रिश्वत लेते हैं, से राज्य के पटवारी खफा हो गए हैं. पटवारियों ने मंत्री को चेतावनी दी है कि वे अपने बयान के लिए पटवारियों से माफी मांगे, नहीं तो हड़ताल पर चले जाएंगे.
उच्च शिक्षा मंत्री  जीतू पटवारी के  बयान पर मध्यप्रदेश पटवारी संघ के अध्यक्ष उपेंद्र सिंह का बड़ा बयान आया है. उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी के बयान पर निशाना साधते हुए कहा है कि मंत्री सामूहिक रूप से खेद प्रकट करें नहीं तो सारे पटवारी एक साथ काम बंद कर देंगे. उन्होंने कहा कि मंत्री के इस तरह के बयान से पटवारियों का आत्म सम्मान को ठेस पहुंची हैं. उनके इस बयान से पटवारियों को मानसिक आघात पहुंचा है. संघ की ओर से कहा गया है कि एक पटवारी ही है जो प्रशासन की रीढ़ की हड्डी होता है, जो हर विभाग के कामों और आदेशों को पालन करता है और पूरे 24 घंटे काम करता है. संघ ने कहा है कि राज्य के सभी जिला मुख्यालयों पर मंत्री के इस बयान के विरोध में कल 30 सितंबर को जिला मुख्यालयों पर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा जाएगा. संघ ने साफ कहा है कि अगर मंत्री बयान पर सार्वजनिक माफी नहीं मांगते हैं तो पटवारी प्रदेश स्तर पर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे. 
क्या था पूरा मामला
इंदौर में राऊ विधानसभा के रंगवासा में आयोजित आपकी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री जीतू पटवारी ने सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को जमकर निशाने पर लिया था. उच्च शिक्षा मंत्री पटवारी ने मंच पर कलेक्टर को संबोधित करते हुए कहा कि आपके सौ प्रतिशत पटवारी रिश्वत लेते हैं, इन पर लगाम कसना जरूरी है. मंत्री पटवारी यहीं नहीं रूके इसके साथ ही उन्होंने शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी भी प्रकार की लापरवाही सामने आई तो कड़ी कार्रवाई होगी. 
मंत्री ने ट्वीट कर दी सफाई
पटवारियों ने जब मंत्री के खिलाफ मोर्चा खोला तो मंत्री जीतू पटवारी ने ट्वीटर पर सफाई दी है. उन्होंने कहा कि मैंने जो कहा वह इंदौर के एक ब्लाक के पटवारियों के संबंध में कहा था. प्रदेशभर के पटवारियों को लेकर नहीं कहा. उन्होंने जिस ब्लाक के पटवारियों को लेकर अपनी बात कही उन पटवारियों के खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही थी. 

शुक्रवार, 27 सितंबर 2019

नाम आने पर अधिकारी होंगे बर्खास्त, निकाला जाएगा जुलूस

डा. गोविंद सिंह 
हनी ट्रैप को लेकर बोले सहकारिता मंत्री, प्रशासनिक गलियारों में मचा हड़कंप

हनी ट्रैप को लेकर एसआईटी की जांच तेज होने के साथ ही सरकार भी कार्रवाई को लेकर कड़ा रुख दिखाने लगी है. राज्य के सामान्य प्रशासन विभाग के मंत्री डा. गोविंद सिंह ने इस मामले में जिन अधिकारियों के नाम आएंगे उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की बात कही है. मंत्री ने कहा कि जिस भी अधिकारी का नाम हनी ट्रैप मामले में आएगा उसे बर्खास्त किया जाएगा और सार्वजनिक रुप से उसका जुलूस भी निकाला जाएगा.
हनी ट्रैप मामले को लेकर सरकार अब उन अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करने का मन बना चुकी है, जिन अधिकारियों का नाम इससे जुड़ रहा है. आज मुख्यमंत्री कमलनाथ ने एसआईटी प्रमुख संजीव शमी से इस पूरे मामले की जानकारी ली और उन्हें साफ निर्देश भी दिए कि वे सख्त रुख अपनाएं. मुख्यमंत्री के अलावा राज्य के सामान्य प्रशासन मंत्री डा. गोविंद सिंह ने मीडिया में बयान दिया कि हनी ट्रैप मामले में जिस भी अधिकारी का नाम सामने आएगा, उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी. इसके अलावा उस अधिकारी को बर्खास्त किया जाएगा एवं उसका सावर्जनिक रुप से जुलूस निकाला जाएगा. मंत्री के इस बयान के बाद सियासी और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है. यहां  यह उल्लेखनीय है कि इस मामले का खुलसा होने के साथ ही राज्य के कई आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के अलावा अन्य अधिकारियों के नाम भी इसमें शामिल होने की बात सामने आई थी. वहीं राजनेताओं के नाम भी सामने आ रहे हैं.
उल्लेखनीय है कि एसआईटी जांच के बाद यह बात भी सामने आ रही है कि अधिकारियों के अलावा कई रसूखदारों के नाम भी सामने आ रहे हैं. इस मामले में अब राजधानी के  के कई नामी-गिरामी व्यापारियों के नाम भी आ रहे हैं. बताया जा रहा है कि इसमें शहर के पाश मार्केट के कई व्यापारी भी हनी ट्रैप के शिकार हुए. भोपाल से पकड़ी गई आरोपी महिला ने इन सबको अपना शिकार बना रखा था. न्यू मार्केट के करीब 10 बड़े व्यापारी हनीट्रैप के शिकार हुए थे. एसआईटी को काल डिटेल में कई व्यापारियों के नंबर मिले हैं.
कांग्रेस नेता का विवादित बयान
हनी ट्रैप को लेकर बयानबाजी का दौर भी जारी है. राज्य के एक कांग्रेस नेता ने अब इस मामले को लेकर संघ पर सीधा प्रहार करते हुए विवादित बयान दे डाला है. कांग्रेस नेता मानक अग्रवाल ने कहा है कि इसका एक सबसे बड़ा कारण है आरएसएस के लोग शादी नहीं करते हैं. उन्हे शादी करनी चाहिए. अग्रवाल ने कहा है कि एसआईटी जांच कर रही है यह सब पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के समय से शुरू हुआ.  उन्होंने आरोप लगाया है कि इसमें अधिक संख्या में भाजपा नेता शामिल हैं. यह अब 5-6 राज्यों में फैल गया है. अग्रवाल ने कहा कि  मोहन भागवत को भी शादी करनी चाहिए.
हनी ट्रैप-भ्रष्टाचार लोकतंत्र के लिए खतरा 
हनी ट्रैप मामले को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता यश भारतीय ने कहा कि हनी ट्रैप को लोकतंत्र के लिए खतरा बताया है. उन्होंने कहा कि हनी ट्रैप में लोकतांत्रिक व्यवस्था में शामिल सभी लोगों के नाम आ रहे हैं, जहां पूर्व राज्यपाल, मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व सांसद, वर्तमान मंत्री, पूर्व मंत्री, अधिकारी, पत्रकार , व्यापारी लगभग हर संपन्न-सक्षम वर्ग से संबंधित कई व्यक्तियों के भी नाम सामने आ रहे है, ऐसे में मध्यप्रदेश और देश की जनता के सामने सच आना जरुरी है. उन्होंने कहा कि जांच में जिन लोगों के भी नाम आ रहे हैं उनके नाम सार्वजनिक किए जाने चाहिए. 

राहुल गांधी को कमलनाथ भेजें 50 हजार करोड़ का नोटिस


चुनावी वादा पूरा न करने पर नेताओं को नोटिस भेजे जाने को लेकर पूर्व मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि सरकार को पहले नोटिस राहुल गांधी को भेजना चाहिए, जिन्होंने किसानों से कर्ज माफी का वादा किया था, मगर अब तक किसानों का कर्ज माफ नहीं हुआ है. डा. मिश्रा ने मुख्यमंत्री कमलनाथ से मांग की है कि वे राहुल गांधी को 50 हजार करोड़ रुपए का नोटिस भेजें.
राज्य के पूर्व मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा ने आज मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि रीवा नगर निगम द्वारा पूर्व मंत्री राजेन्द्र शुक्ला को 5 करोड़ रुपए की वसूली का नोटिस भेजा गया है. नगर निगम द्वारा भेजे गए नोटिस का मैं विरोध करता हूं. मिश्रा का आरोप है कि सरकार में आने के बाद कमलनाथ सरकार भाजपा विधायक राजेंद्र शुक्ल को प्रताड़ित कर रही है, जिसकी कठोर निंदा की जानी चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि कमलनाथ सरकार ने जितनी घोषणाएं की हैं, वे अब तक अधूरी हैं, चाहे कर्जमाफी हो या स्कूटी देने का वादा हो. 
 उन्होंने कहा कि चुनावी वादा नहीं निभाने वाले नेताओं पर अगर कांग्रेस की सरकार को कार्रवाई की परंपरा की शुरुआत करनी है तो वह पहले राहुल गांधी को नोटिस भेजे. उन्होंने मुख्यमंत्री कमलनाथ से मांग की है कि राहुल गांधी को 50 हजार करोड़ रुपए का नोटिस भेजा जाए. विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने किसानों को 10 दिन में कर्जमाफ करने का आश्वासन दिया था, जो पूरा नहीं हुआ.  
उल्लेखनीय है कि नगर निगम रीवा के आयुक्त सभाजीत यादव ने पूर्व मंत्री राजेन्द्र शुक्ला को करीब पांच करोड़ रुपए की वसूली का नोटिस थमाया है. नोटिस के अनुसार पूर्व मंत्री ने विस्थापितों को आश्वासन दिया था. नोटिस में बताया गया है कि राजेंद्र शुक्ला ने विधानसभा चुनाव के वक्त रानी तालाब और चूना भट्टा के विस्थापितों को आवास, जबकि गंदी बस्ती विकास कार्यक्रम योजना के तहत रतहरा में आवास देने का वादा किया था.

त्योहारों के दौरान आवश्यक व्यवस्थाएं करने के निर्देश


मध्यप्रदेश पुलिस ने त्योहारों के दौरान सभी जिलों में पुलिस प्रशासन को आवश्यक व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए हैं. निर्देशों में कहा गया है कि साम्प्रदायिक दृष्टिकोण से संवेदनशील माने जाने वाले क्षेत्रों में विशेष नजर रखी जाए. साथ ही भीड़ पर तत्काल नियंत्रण करने के उपाय करने के निर्देश दिए हैं.
राज्य के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक गुप्तवार्ता कैलाश मकवाना की ओर से जारी किए गए निर्देशों में कहा गया है कि त्योहारों के मद्देनजर सभी जिलों में पुलिस प्रशासन आवश्यक व्यवस्थाएं करे, जिससे अप्रिय घटनाओं को रोकने में मदद मिले. निर्देशों में कहा गया है कि सर्वपितृमोक्ष एवं शनिश्चरी अमावस्या के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालु  राज्य में विभिन्न नदियों के घाटों और धार्मिक स्थलों पर जुटना प्रारंभ हो जाएंगे. निर्देशों में राज्य में पिछले वर्षों के दौरान इसी तरह के अवसरों पर धाराजी और रतनगढ़ हादसों का जिक्र करते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं हो. प्रमुख धार्मिक स्थलों और संवेदनशील सार्वजनिक स्थानों पर समुचित सुरक्षा व्यवस्था करने और तलाशी के निर्देश भी दिए गए हैं.
निर्देशों  में कहा गया है कि सांप्रदायिक दृष्टि से संवेदनशील माने जाने वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. भीड़ को तत्काल नियंत्रित करने के उपाय करने के लिए भी कहा गया है. जिलों में पर्याप्त पुलिस बल बनाए रखने के लिए कहा गया है और निर्देश दिए गए हैं कि अधीनस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अवकाश स्वीकृत नहीं किया जाए. अवकाश सिर्फ अपरिहार्य कारण की स्थिति में ही दिए जाएं.

गुरुवार, 26 सितंबर 2019

सिंधिया ने किया तबाही का जिक्र, मांगी आर्थिक सहायता



कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखी है. सिधिंया ने मध्य प्रदेश में आई बाढ़ की तबाही का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी से आर्थिक सहायता राशि को जल्द जारी करने की मांग की. सिंधिया ने कहा कि बाढ़ और अतिवृष्टि से 596 लोगों की मौत हुई और करीब 14 लाख किसान प्रभावित हुए हैं.
प्रधानमंत्री मोदी को चिट्ठी में सिंधिया ने लिखा है कि मध्य प्रदेश में अति भारी वर्षा और बाढ़ से बेहद ज्यादा नुकसान हुआ है. मेरे द्वारा बाढ़ एवं अति भारी वर्षा से प्रभावित 10 जिलों का दौरा किया गया है. अति भारी बारिश और बाढ़ से मध्यप्रदेश की फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी हैं, सड़के कई जगहों पर पूरी तरीके से नष्ट हो चुकी हैं. जनधन की भारी हानि हुई है और काफी संख्या में पशुओं की मृत्यु हुई है. उन्होंने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि  स्कूल, आंगनबाड़ी, बिजली के खंभों, शासकीय कार्यालयों और भवनों को भारी नुकसान पहुंचा है. अति भारी बारिश और बाढ़ से मध्य प्रदेश में करीब 596 व्यक्तियों की मृत्यु हुई है, 1761 पशु मारे गए हैं. 67033 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं और करीब 1400000 एकड़ की फसल बर्बाद हुई है. शुरूआती अनुमान के मुताबिक, मध्य प्रदेश में करीब 10 से 15000 करोड़ रुपएकी हानि हुई है.

भोपाल मेट्रो का नाम होगा राजा भोज के नाम पर ‘भोज मेट्रो’


मुख्यमंत्री कमलनाथ की घोषणा पर कांग्रेस विधायक को आपत्ति

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में मेट्रो परियोजना का शिलान्यास मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज कर दिया. इस मौके पर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि भोपाल मेट्रो का नाम राजा भोज के नाम से भोज मेट्रो होगा. मुख्यमंत्री की घोषणा का विधायक आरिफ मसूद ने विरोध कर दिया, वहीं विधायक के विरोध पर भाजपा ने आपत्ति जताई.
भोपाल में मेट्रो परियोजना का शिलान्यास करते हुए मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भोपाल को एक्सीलेंस सीटी बनाने की बात कही. उन्होंने कहा कि प्रदेश की राजाधानी भोपाल के बारे में अगले 10 सालों के हिसाब से सोचकर योजनाए तैयार की जाएगी. आने वाले समय में मेट्रो रूट को बढ़ाया जाएगा. देश की राजधानी दिल्ली की तर्ज पर भोपाल को मंडीदीप और सिहोर से जोड़ने की योजना है. ताकि प्रदेश की राजधानी पर जनसंख्या और ट्रेफिक का दवाब कम हो सकें और लोगों से राजधानी भोपाल की कनेक्टविटी बढ़ सके. इस मौके पर प्रदेश के आवास एवं नगरीय विकास मंत्री जयवर्धन सिंह ने मेट्रो योजना के लिए मुख्यमंत्री कमलनाथ की विकासवादी सोच को धन्यवाद कहा. भोज मेट्रो शिलान्यास के मौके पर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और भोपाल महापौर आलोक शर्मा ने भोपाल मेट्रो का नाम भोज मेट्रो करने पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया. 
उल्लेखनीय है कि राजधानी में 2023 तक मेट्रो शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है,  जिसमें 6941.40 करोड़ रूपए की लागत आएगी. भोपाल में दो रुट मेट्रो के लिए निर्धारित किए गए है. पहला रूट भोपाल के करोंद से एम्स जो 14.99 किलो मीटर का होगा वही दूसरा रूट भदभदा से रत्नागिरी जो 12.88 किलो मीटर का होगा. कुल 27.87 किलो मीटर के इन दो रूटो पर भोज मेट्रो दौड़ सकेगी. राजधानी भोपाल में चलने वाली मेट्रो जयपुर में चलने वाली मेट्रो जैसी होगी, जिसमें शुरूआत में छह की जगह तीन कोच लगाए जाएंगे, जो भोपाल के दो रूटों पर दौड़ेगी. भोज मेट्रो के लिए यात्रियों को स्टेशन पर ज्यादा इंतजार नहीं करना पडेÞगा हर पांच मिनट में स्टेशन पर मेट्रो रेल हाजिर होगी और यह स्टेशन पर 30 सेकेंड तक रूकेगी. इसके बाद अलगी मेट्रो पांच मिनट बाद आएगी. मेट्रो रेल कार्पोरेशन के अधिकारियों का दावा है कि भोपाल में दोनों रूटों पर 2023 तक मेट्रो रेल का संचालन शुरू हो जाएगा. मेट्रो रूट पर कुल 27 मेट्रो दौड़ेगी. जिसके लिए भोपाल में 30 मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे, जिसमें 2 भूमिगत मेट्रो स्टेशन भी शामिल होगें.
ऐसी हुई थी मेट्रो परियोजना की शुरुआत
मुख्यमंत्री  कमल नाथ ने भोपाल मेट्रो रेल परियोजना के शिलान्यास समारोह में परियोजना की शुरूआत कैसे हुई, इस बारे में विस्तार से बताया. मुख्यमंत्री ने बताया कि जब वे शहरी विकास मंत्री थे, तब जयपुर में शुरू हुई मेट्रो रेल परियोजना के शुभारंभ समारोह में गए थे. उसके पहले वह बैंगलौर, हैदराबाद में भी मेट्रो रेल शुभारंभ समारोह में शामिल हुए थे. तब उन्हें लगा था कि यह मेट्रो रेल हमारे प्रदेश के भोपाल और इन्दौर जैसे शहरों में क्यों शुरू नहीं हो सकती. मुख्यमंत्री ने बताया कि तब उन्होंने दिल्ली से प्रदेश के तत्कालीन मंत्री बाबूलाल गौर को फोन लगाया और उनसे कहा कि वे मेट्रो रेल परियोजना की शुरूआत क्यों नहीं कर रहे हैं. गौर ने उन्हें बताया कि पैसा ही नहीं है. डीपीआर बनाने के लिए भी हमारे पास पैसा नहीं है. मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने गौर से कहा था कि वे प्रस्ताव बनाकर भेजें.  कमल नाथ ने बताया कि प्रस्ताव आने पर केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री होने के नाते मैने मेट्रो रेल की डीपीआर बनाने के लिए उस समय मध्यप्रदेश को 5 करोड़ रुपए स्वीकृत किये थे.
कांग्रेस विधायक ने जताया विरोध
 मुख्यमंत्री कमलनाथ  द्वारा मेट्रो का नाम राजा भोज के नाम पर भोज मेट्रो रखने की घोषणा की गई. मुख्यमंत्री की इस घोषणा पर कई लोगों ने आपत्ति जताई, जिसमें कांग्रेस  के विधायक आरिफ मसूद भी शामिल हैं. विधायक मसूद जब धन्यवाद भाषण के लिए मंच पर आए तब उन्होंने मुख्यमंत्री की ओर देखते हुए कहा कि दादा भाई, राजा भोज के नाम से कई काम हो चुके हैं और हो रहे हैं, इसलिए मेट्रो प्रोजेक्ट का नाम भोपाल मेट्रो ही रहने दिया जाए. इतना सुनते ही मुख्यमंत्री कमलनाथ विधायक आरिफ मसूद की तरफ असहज नजर से देखने लगे.
भाजपा ने जताई आपत्ति
राजा भोज पर मेट्रो के नाम पर मसूद की आपत्ति पर भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता राहुल कोठारी ने निशाना साधा है. उन्होंने तत्काल ट्वीट करते हुए कहा है कि राजा भोज के नाम से अगर विधायक आरिफ मसूद को इतनी एलर्जी है तो कल से राजा भोज की देन बड़े तालाब का पानी पीना छोड़ दें और उसके किनारे अतिक्रमण किए हुए अपने कॉलेज को भी हटाएं.   कोठारी ने भोपाल सांसद प्रज्ञा ठाकुर को कार्यक्रम में नहीं बुलाने का भी विरोध किया. उन्होंने कहा कि भोपाल में इस प्रोजेक्ट का काम पहले ही शुरू हो गया था. कांग्रेस सरकार जनता को धोखा दे रही है.

बुधवार, 25 सितंबर 2019

अब पार्षद चुनेंगे महापौर और अध्यक्ष

नगरीय निकाय एक्ट में बदलाव को कैबिनेट की हरी झंडी

राज्य सरकार ने आज कैबिनेट बैठक में नगरीय निकाय चुनाव को अप्रत्यक्ष प्रणाली से कराने पर अपनी मोहर लगा दी है. इसके बाद अब मध्यप्रदेश में महापौर और नगर पालिका एवं नगर पंचायत के अध्यक्षों का चुनाव पार्षदों से कराने का रास्ता साफ हो गया है.  
राज्य मंत्रिमंडल की बैठक के बाद राज्य के जनसंपर्क मंत्री पी.सी.शर्मा ने मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि आज कैबिनेट की  बैठक में नगरीय निकाय चुनाव को अप्रत्यक्ष प्रणाली से कराने का फैसला लिया गया है. उन्होंने बताया कि  इस फैसले के बाद अब पार्षद का चुनाव सीधे जनता द्वारा होगा, लेकिन नगर निगम महापौर और जनपद पंचायत एवं नगर पंचायत अध्यक्ष का चुनाव अप्रत्यक्ष प्रणाली से कराए जाएंगे. इस फैसले के बादअब पार्षद सीधे तौर पर अपना महापौर और अध्यक्ष चुन सकेंगे. इससे पहले अभी तक जनता सीधे महापौर को चुनती थी, लेकिन इस फैसले के बाद अप्रत्यक्ष तरीके से महापौर और नगर निगम के सभापति का चुनाव होगा.
शर्मा ने बताया कि आज एक्ट में बदलाव किए जाने के फैसले के बाद  आपराधिक छवि वाले पार्षदों की अब खैर नहीं होगी.  नगरीय निकाय चुनाव में गलत जानकारी देने पर प्रत्याशियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के साथ 6 महीने की जेल और 25 हजार रुपए जुर्माने के प्रावधान को भी कैबिनेट ने मंजूर किया है. 

मिग-21 हुआ क्रेस, पायलटों ने कूदकर बचाई जान


मध्यप्रदेश के भिंड जिले के ग्राम आरोली में आज उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब सेना का मिग-21 विमान क्रेश हो गया. विमान में दो पायलट थे, जिन्होंने विमान से कूदकर अपनी जान बचाई.  यह विमान ट्रेनर एयर क्राफ्ट था.
ग्वालियर जिले के महाराजपुर में भारतीय वायु सेना का एयरबेस हैं, जहां से इस विमान ने उड़ान भरी थी.हादसा सुबह करीब 10 बजे हुआ, हादसे की जानकारी के बाद सेना के और प्रशासन के अधिकारी वहां पहुंचे और विमान क्रेस गए. अधिकारी मिग-21 कैसे क्रेस हुआ इसकी जानकारी जुटा रहे हैं. बताया जाता है कि इस विमान में एक ग्रुप कैप्टन और एक स्क्वाड्रन लीडर बैठे थे. बताया जाता है कि घटना स्थल से करीब 2 किलोमीटर दूर ही विमान में सवार पायलटों को इस बात का आभास हो गया था कि इंजन में कोई खराबी है. इसके बाद पायलट ने जैसे-तैसे विमान को आबादी वाले इलाके से निर्जन वाले स्थान तक ले गया और विमान को नीचे उतारने की कोशिश की, मगर वह कामयाब नहीं हुआ. इसके बाद पायलट नीचे कूद गए. विमान का मलबा जहां मिला वह एक धान का बंजर खेत है, जहां पर पानी भरा हुआ था. बताया जाता है कि विमान के तीन टुकडे हुए हैं.
उल्लेखनीय है कि इस साल मिग क्रैश होने की यह तीसरी घटना है. बता दें कि वायुसेना का मिग-21 ही विंग कमांडर अभिनंदन भी उड़ा रहे थे, जब वह क्रैश हो गया था. इसके बाद मार्च में राजस्थान के बीकानेर में भी एक मिग-21 क्रैश हो गया था. 

मुझे केन्द्र से पैसा लाना है तो आप कुर्सी पर क्यों बैठे: शिवराज



प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंंह चौहान ने आज कमलनाथ सरकार पर हमला बोला और कहा कि अगर मुझे बाढ़ पीड़ितों के लिए केन्द्र से पैसा लाना है तो आप कुर्सी पर क्यों बैठे हैं. उन्होंने कहा कि यह कैसी सरकार है, मुझे समझ में नहीं आ रहा है.  मंत्री वो हैं, मुख्यमंत्री उनके हैं और कहते हैं कि प्रदेश में बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए केंद्र सरकार से पैसा शिवराज ले आये.
पूर्व मुख्यमंत्री ने यह बात आज राजधानी में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कही. उन्होंने प्रदेश की कमलनाथ सरकार को घेरते हुए कहा है कि बाढ़ पीड़ितों के लिए सरकार राहत की राशि नहीं दे पा रही है और कहते हैं शिवराज सिंह चौहान केंद्र सरकार से पैसा लेकर आएं. जबकि संघीय ढ़ांचे के मुताबिक राज्य सरकार राहत की राशि की मांग केंद्र से कर सकती है. शिवराज सिंह ने कमलनाथ सरकार पर तंज कसते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री और मंत्री ये बने बैठे हैं और कहते हैं शिवराज पैसा लेकर आए, तो काहे के लिए कुर्सी पर बैठे हैं. वहीं खेल मंत्री जीतू पटवारी के शिवराज के घर पर धरना देने के बयान पर उनका कहना है कि वो आएं मेरे घर धरना देने.
चौहान ने कहा कि प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के चलते आई बाढ़ ने कई जिलों की फसलों को बर्बाद कर दिया है. वहीं आम जन-जीवन भी इससे प्रभावित हुआ है और बड़ी संख्या में लोगों का नुकसान हुआ है. इसके चलते प्रदेश सरकार केंद्र पर राहत राशि ना देने का आरोप लगा रही है. एक दिन पहले खेल मंत्री जीतू पटवारी ने कहा था कि पहले शिवराज सिंह चौहान केंद्र सरकार के खिलाफ बहुत धरना देते थे, अब मुझे लगता है केंद्र से पैसा लाने के लिए उनके घर पर धरना देना होगा. इस पर शिवराज ने उनका स्वागत किया है और कहा है कि वो मेरे घर धरना देने आएं. 
उन्होंने कहा कि मैं श्रेय की लड़ाई की संकीर्णता में कभी नहीं रहा.  इंदौर की मेट्रो हो या भोपाल की मेट्रो हो, दोनों के लिए जितनी फारमैलिटी की जरूरत थी, सब फारमैलिटी भाजपा की सरकार ने पूरी कर दी थी.  शिलान्यास शेष रह गया था, अब कांग्रेस करे, लेकिन यह तो न कहे कि उन्होंने 9 महीने में ही सब कर दिया है. 
पार्षदों द्वारा महापौर चुनने का किया विरोध
पूर्व मुख्यमंत्री ने आज कमलनाथ कैबिनेट द्वारा लिए नगरीय निकाय एक्ट में बदलाव के लिए गए फैसले का विरोध किया. उन्होंने कहा कि महापौर, नगर पालिका अध्यक्ष और नगर पंचायत अध्यक्ष को सीधे पार्षदों द्वारा चुनने का जो प्रस्ताव कांग्रेस लाई है, इससे जोड़-तोड़ और खरीद-फरोख्त के उसके कुत्सित प्रयास को बल मिलेगा. हम मांग करते हैं कि जनता पूर्ववत महापौर, नगर पालिका अध्यक्ष और नगर पंचायत के अध्यक्ष को भी चुने.

हनीट्रेप में शामिल भाजपा नेताओं के खिलाफ धरना दें शिवराज

डा. गोविंद सिंह 
 थम नहीं रही हनी ट्रैप को लेकर मंत्रियों और नेताओं बयानबाजी

मध्यप्रदेश में हनी ट्रैप को लेकर गर्माई सियासत थम नहीं रही है. नेताओं और मंत्रियों द्वारा की जा रही बयानबाजी का दौर भी थमने का नाम नहीं ले रहा है. राज्य के सहकारिता मंत्री डा. गोविंद सिंह ने इस मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंंह चौहान ने हनी ट्रैप में शामिल भाजपा नेताओं के खिलाफ धरने पर बैठने की अपील की है, तो पूर्व गृह मंत्री भूपेन्द्र सिंंह पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता अरुणोदय चौबे ने आरोप लगाया कि श्वेता  जैन को स्थापित करने में उन्होंने मदद की थी.
मध्यप्रदेश में हनी ट्रैप को लेकर जहां प्रतिदिन एक-एक कर नये-नये खुलासे हो रहे हैं, वहीं नेताओं और मंत्रियों द्वारा की जा रही बयानबाजी का दौर भी नहीं थम रहा है. राज्य के सहकारिता मंत्री डा. गोविंद सिंह ने इसे लेकर आज पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर सत्ता का नशा है., भाजपा के जिन लोगों के नाम हनी ट्रैप से जुड़ रहे हैं, उनके खिलाफ शिवराज सिंह को धरने पर बैठने चाहिए. डा. सिंह ने कहा कि मैं खुद उनके साथ धरने पर बैठने को तैयार हूं. यह समाज को बदनाम करने का काम कर रहे हैं. डा. सिंह ने कहा कि शिवराज सिंह चौहान को किसानों के नाम पर नौटंकी करना भी बंद कर देना चाहिए. उन्होंने एसआईटी प्रमुख के बदले जाने को लेकर कहा कि जो ज्यादा योग्य और अनुभवी एवं बेदाग अधिकारी हैं, उन्हें एसआईटी प्रमुख बनाया गया है, ताकि मामले का दूध का दूध और पानी का पानी हो जाए. उन्होंने कहा कि नए एसआईटी प्रमुख संजीव शमी का कैरियर बेदाग रहा है, वे ज्यादा अनुभवी है और मुझे उम्मीद है कि इस मामले में वे सख्त कार्रवाई करेंगे.
पूर्व गृह मंत्री ने स्थापित किया था श्वेता को
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक अरुणोदय चौबे ने आरोप लगाया कि पूर्व गृह मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने श्वेता को भोपाल में स्थापित करने में मदद की थी. उन्होंने कहा कि  भूपेन्द्र सिंह ही श्वेता जैन को राजनीति में लाये हैं. जब श्वेता का एक अश्लील वीडियो वायरल हुआ तो श्वेता जैन सागर से भोपाल चली गई. वहां भी उन्होंने ही श्वेता को स्थापित करने में काफी मदद की.  चौबे ने यह भी आरोप लगाया कि भूपेन्द्र सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पहले तो उन लोगों को फंसाने में लगे रहे जो उनकी पार्टी में उनका विरोध करते थे. कांग्रेस के विधायक और मंत्रियों का बचाव करते हुए चौबे ने कहा कि कुछ लोग कांग्रेस विधायक और मंत्रियों को ब्लैकमेल कर सरकार गिराने की साजिश कर रहे हैं. उन्होंने  कहा कि ये कमलनाथ सरकार है, यहां दूध का दूध पानी का पानी होगा. इस मामले में विरोधी कांग्रेस के नेताओं को फंसाने की साजिश कर रहे हैं.

किसानों की परेशानियों पर मजीरे बजवा रहे हैं शिवराज


प्रदेश कांग्रेस के मीडिया विभाग के उपाध्यक्ष भूपेन्द्र गुप्ता ने मंदसौर में शिवराजसिंह चैहान के धरने में दाल-बाटी प्रोग्राम करने, ढ़ोल-मजीरे बजाए जाने और उसे इवेंट बनाए जाने को लेकर  आपत्ति दर्ज कराई है. ऐसा प्रतीत होता है कि जैसे शिवराज सिंह किसानों के ऊपर मुसीबत आने की प्रतीक्षा कर रहे थे.
 गुप्ता ने उनके द्वारा बिजली के बिल जलाए जाने का किसानों से किए आव्हान को घिनौनी राजनीति बताते हुए स्मरण दिलाया है कि जब उनकी खुद की सरकार थी, तब ही किसानों के बिजली के लाखों रूपयों के बिल आते थे तथा शिवराज सिंह इसी तरह के बयान देते थे, किंतु तत्कालीन मुख्यमंत्री होते हुए भी वे बिजली के बिलों को सुधरवा नहीं पाये थे. 
गुप्ता ने आश्चर्य व्यक्त किया कि शिवराज सिंह ने विदिशा में कथित लीलाबाई के मकान में बिजली कनेक्शन का सब-मीटर लेकर एक लाख से अधिक का बिजली का बिल नहीं पटाया था? जब यह खबर मीडिया में आयी तब ताबड़तोड़ बिल जमा करवा लिया गया. तब वे किस हैसियत से जनता को बिजली का बिल जलाने के लिए उकसा रहे हैं. उल्टा चोर-कोतवाल को धमका रहे है तथा शासन प्रणाली के वैधानिक ढांचे को तोड़ने की अवैधानिक कोशिश कर रहे हैं.  

मंगलवार, 24 सितंबर 2019

गंदगी वाले स्थानों पर लगवाया बापू के चश्में का लोगो, किया अपमान


मध्यप्रदेश में महात्मा गांधी को लेकर सियासत गर्मा गई है. राज्य के सहकारिता मंत्री डा. गोविंद सिंह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर आरोप लगाया कि उन्होंने महात्मा गांधी का अपमान किया है. डा. सिंह ने कहा कि  स्वच्छता अभियान के चलते मोदी ने बापू के चश्में के प्रतीक चिन्ह को शौचालय और डस्टबीन में लगवाकर उनका अपमान किया है.
सहकारिता मंत्री डा. गोविंद सिंह ने आज मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि आज प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ को पत्र लिखकर राज्य में जहां भी शौचालयों और डस्टबीनों पर बापू के चश्में के प्रतीक चिन्ह लगाए गए हैं, उन्हें हटवाएं. डा. सिंह ने कहा कि केन्द्र सरकार की स्वच्छता अभियान योजना के अंतर्गत राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चश्मे के प्रतीक चिन्ह वर्तमान में शौचालयों, गंदगी वाले स्थानों, कूड़ेदानों आदि स्थानों पर लगाए गए हैं. उन्होंने कहा कि मुझे तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की बुद्धि पर तरस आता है, उन्होंने राष्ट्रपति महात्मा गांधी का अपमान किया है. डा. सिंह ने कहा कि यह राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की गरिमा एवं उनके सम्मान के प्रतिकूल है. उन्होंने कहा कि मैंने ऐसे स्थानों से चश्में की प्रतीक चिन्ह हटाने के लिए मुख्यमंत्री कमलनाथ को पत्र लिखा है. मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में उन्होंने उल्लेख किया है कि स्वच्छ सार्वजनिक स्थलों, धार्मिक-शैक्षणिक स्थानों, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक, पुरातात्विक धरोहरों, शासकीय कार्यालयों, चिकित्सालयों आदि में महात्मा गांधी के स्वच्छ भारत मिशन के लोगों (चश्में का प्रतीक चिन्ह) का प्रदर्शन किया जा सकता है, परंतु गंदकी वाले स्थानों पर तो बिल्कुल भी नहीं किया जाना चाहिए.
उल्लेखनीय है कि स्वच्छ भारत मिशन के लोगों में चश्में का उपयोग किया है, जिस पर ही मंत्री डा. गोविंद सिंह ने प्रश्न उठा दिया है, क्योंकि इस लोगों का उपयोग स्वस्थ भारत की गतिविधियों और निर्माण कार्यों में किया जाता है. इसे ही उन्होने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का अपमान बताया है. 

केन्द्र से राहत दिलाएं शिवराज, नहीं तो उनके घर के सामने दूंगा धरना

उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी की चेतावनी, कहा करुंगा पदयात्रा
मध्यप्रदेश में बाढ़ और अतिवर्षा से हुए नुकसान को लेकर राजनीति थम नहीं रही है. भाजपा ने जहां कमलनाथ सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है और धरने प्रदर्शन किए जा रहे हैं. वहीं अब सरकार की ओर से मंत्री जीतू पटवारी ने मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने आज पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को चेतावनी दी है कि वे केन्द्र से सहायता राशि दिलाएं नहीं, तो वे उनके घर के सामने धरने पर बैठ जाएंगे. साथ ही उनके खिलाफ पदयात्रा भी करेंगे.
उच्च शिक्षा मंत्री पटवारी ने यह चेतावनी आज मीडिया से चर्चा करते हुए दी. पटवारी ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से बाढ़ और अतिवर्षा से हुए नुकसान को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंंह चौहान का कार्य व्यवहार और उनकी राजनीति का तरीका जिस प्रकार से रहा है, उससे उन्होंने एक पूर्व मुख्यमंत्री के तौर पर मध्यप्रदेश की गरिमा को गिराया है. उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री पर बाढ़ पीड़ितों के नाम पर नौटंकी करने का आरोप भी लगाया. उन्होंने कहा कि शिवराज सिंह के ऐसा करने से प्रदेश की छवि पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है. अगर उन्होंने अपनी नौटंकी जारी रखी तो हम उनके घर के बाहर धरना देंगे.  इस मुद्दे पर मंत्री पटवारी ने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को चिट्ठी लिखने की भी बात कही. साथ ही ये दोहराया कि अगर वो किसान हितैषी हैं तो प्रदेश की लंबित राहत राशि को केंद्र सरकार से दिलाने के लिए पत्र लिखें और जरूरत पड़ने पर दिल्ली में जाकर धरना दें. हम भी उनके साथ चलेंगे. 
15 साल तक नहीं भरा बिजली का बिल
मंत्री पटवारी ने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह पर 15 साल तक बिजली बिल नहीं भरने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि विदिशा में सांसद रहते शिवराज सिंह ने घर किराया से लिया था, लेकिन 15 साल तक बिजली का बिल नहीं भरा. बिना बिजली बिल भरे दो विधानसभा चुनाव लड़े. आपका पर्चा निरस्त होना चाहिए था. इससे पता चलता है कि आप कितना संविधान को मानते हैं. जब हमारे विधायक ने सवाल उठाया तो आनन-फानन में बकाया बिजली बिल भरा.
शिवराज टीवी पर नहीं दिखते इसलिए भाभी को रहती है शिकायत
पटवारी ने कहा कि राज्य में 15 सालों तक शिवराज की सरकार रही, उस दौरान उन्होंने केंद्र की कांग्रेस सरकार के खिलाफ कई प्रदर्शन किए. भोपाल में फाइव स्टार उपवास किया. उन्होंने शिवराज पर चुटकी लेते कहा कि शायद शिवराज टीवी पर नहीं दिखते इसलिए भाभी को शिकायत रहती है.

ये समुद्र है कोई नाटक नहीं कमलनाथजी

 शिवराज ने कहा मैं जीयूंगा और मरुंगा प्रदेश की जनता के लिए

चारों तरफ जनता का समुद्र इकट्ठा है, देख लो कमलनाथजी, ये कोई नाटक नहीं है, जनता का गुस्सा है. कमलनाथ के मंत्री परेशान हैं कि मैं जनता के बीच क्यों घूम रहा हूं. शिवराज मुख्यमंत्री हो न हो बहनों का भाई हमेशा रहेगा. प्रदेश की साढ़े सात करोड़ जनता से दिल का रिश्ता बनाया है. जनता मेरी जिंदगी है और हर सांस जनता के लिए चलती है. मैं जीयूंगा और मरुंगा सिर्फ प्रदेश की जनता के लिए. 
यह बात भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने नसरूल्लागंज में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए कही. पूर्व मुख्यमंत्री ने कमलनाथ सरकार पर 15 आरोप लगाए और स्थानीय तहसील कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन भी किया. चौहान ने कहा कि बाढ़ पीड़ित जनता त्राहि-त्राहि कर रही है, लेकिन सरकार के लोग और कांग्रेसी अपने झगड़े में मस्त है. उन्हें जनता की चिंता नहीं है. उन्होंने कहा कि मुझ पर आरोप लगाने वाले नेता एक बार मेरे साथ घूम लें तो उन्हें समझ में आ जाएगा. मैंने हर तरह की परेशानी उठाकर जनता का दुख महसूस किया है. बाढ़ में सब तबाह हो गया. उन्होंने कहा कि मैं मंदसौर गया तो प्रशासन सक्रिय हो गया और मुख्यमंत्री को मंदसौर जाने पर मजबूर होना पड़ा. कई दिन बीत जाने के बाद बाढ़ पीड़ितों की सुध लेने अब मुख्यमंत्री पहुंचे हैं.
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की जनता की पीड़ा और उसके आंसू मुझे द्रवित कर देते हैं. उन्होंने कहा कि आज जनता की अदालत नसरुल्लागंज तहसील में लगी है. हमने तहसील को घेर लिया है. लोकतंत्र में जनता ही सर्वोपरि होती है वह राजा को कठघरे मे खड़ा करेगी. आज अदालत में जनता खराब फसल, बढ़े हुए बिजली के बिल लाएगी. स्व सहायता समूह के लोगों की लड़ाई भी लड़ी जाएगी. श्री चौहान ने कहा कि आज रात यहीं कटेगी, हम कहीं जाएंगे नहीं और गक्कड़ तहसील कार्यालय में बनेगी. आज अदालत लगेगी और कल फैसला सुनाया जायेगा. उन्होंने कहा कि अगर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं पर अकारण मुकदमे लादे गए तो थाने का घेराव किया जाएगा.
कर्जा माफ करना होगा और मुआवजा भी देना पड़ेगा
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी भी नसरुल्लागंज आए थे और वादा किया था कि 10 दिन में किसानों का कर्जा माफ कर देंगे. 11 वें दिन मुख्यमंत्री बदलने की बात कह रहे थे, परंतु न कर्जमाफ हुआ और न मुख्यमंत्री बदला गया. कर्जमाफ नहीं होने से किसान डिफाल्टर हो गए हैं. किसानों की जिंदगी बर्बाद हो गयी. उन्होंने  चेतावनी देते हुए कहा कि कमलनाथ सरकार सुन ले. कर्जा माफ करना पड़ेगा, खाद बीज की व्यवस्था करनी पड़ेगी और मुआवजा भी देना पड़ेगा. हम चुप नहीं बैठेंगे, जनता की लड़ाई के लिए सड़कों पर निकलकर संघर्ष करेंगे. ये लड़ाई नसरुल्लागंज की नहीं, पूरे मध्यप्रदेश की लड़ाई का शंखनाद है. राहुल गांधी के इस विश्वासघात के लिए सोनिया गांधी को जनता से माफी मांगना चाहिए.

झाबुआ उपचुनाव में प्रत्याशी को लेकर कांग्रेस में घमासान

 विधायक पहुंची दिग्विजय के घर, भूरिया को टिकट देने की उठी मांग

मध्यप्रदेश  कांग्रेस में झाबुआ उपचुनाव में प्रत्याशी को लेकर घमासान मचना शुरु हो गया. कांग्रेस की जोबट से विधायक कलावती भूरिया आज अपने समर्थकों के साथ पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के निवास पर पहुंची और पूर्व सांसद कांतिलाल भूरिया को टिकट देने की मांग की.
झाबुआ उपचुनाव को लेकर कांग्रेस जहां एकजुटता दिखाने का प्रयास करते हुए जीत के लिए उत्साहित है, वहीं प्रत्याशी चयन को लेकर घमासान भी मचने लगा है. दावेदारों के समर्थकों ने वरिष्ठ नेताओं के यहां पहुंचकर दबाव बनाना शुरु कर दिया है. भोपाल से लेकर दिल्ली तक दावेदारों की सक्रियता दिखाई दे रही है. राजधानी भोपाल में आज झाबुआ जिले की जोबट विधानसभा क्षेत्र की विधायक कलावती भूरिया ने अपने समर्थकों के साथ पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के निवास पर पहुंचकर पूर्व सांसद कांतिलाल भूरिया को उम्मीदवार बनाने की मांग की. उन्होंने कहा कि भूरिया 40 साल से क्षेत्र में सक्रिय हैं, वे आदिवासियों के नेता हैं, उन्हें उम्मीदवार बनाया जाए. 
दरअसल भूरिया सांसद चुनाव हारने और भाजपा के झाबुआ से विधायक जी.एस.डामोर के विधायक पद छोड़ने के बाद से दावेदारी कर रहे हैं. भूरिया अपने पुत्र डा. विक्रांत भूरिया के लिए भी पैरवी कर रहे हैं. उनका लगातार यह प्रयास बना हुआ है कि उन्हें या फिर उनके पुत्र डा. भूरिया को उम्मीदवार बनाया जाए. वैसे पार्टी ने यहां पर ठोस फैसला लेने का निर्णय किया है. भूरिया लोकसभा चुनाव हारे हैं, जबकि डा. विक्रांत भूरिया भी विधानसभा चुनाव हार चुके हैं. इस लिहाज से पार्टी यहां पर प्रत्याशी चयन को लेकर गंभीर है.
वहीं मुख्यमंत्री कमलनाथ भी प्रत्याशी को लेकर सक्रियता दिखा  रहे हैं. वे दिल्ली में हैं और कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से चर्चा कर अपनी पसंद बताएंगे. माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री की मुलाकात के बाद कांग्रेस संगठन जल्द ही प्रत्याशी के नाम की घोषणा करेगा.
जेवियर मेड़ा भी हैं सक्रिय
पूर्व विधायक जेवियर मेड़ा भी अपनी दावेदारी जता रहे हैं. मेड़ा दिल्ली में सक्रिय हैं और वे कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से लगातार संपर्क में हैं और टिकट के लिए दावेदारी कर रहे हैं. वहीं मेड़ा का विरोध भी भूरिया समर्थक यह कहकर कर रहे हैं कि बीते विधानसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के बागी के तौर पर चुनाव लड़ा जिसके चलते कांग्रेस प्रत्याशी को यहां पर हार का सामना करना पड़ा है. हालांकि अभी कांग्रेस की ओर से पत्ते नहीं खोले गए हैं, मगर यह माना जा रहा है कि इस बार कांग्रेस संगठन प्रत्याशी चयन में जिताऊ प्रत्याशी को ही मैदान में उतारेगा.

सोमवार, 23 सितंबर 2019

आरती हुई बेहोश, मोनिका को भोपाल लाई पुलिस

संघ हुआ सक्रिय, भाजपा से मांगी रिपोर्ट

हनी ट्रैप मामले की आरोपी आरती दयाल को पुलिस आज इंदौर से भोपाल पूछताछ के लिए लाने वाली थी, तभी वह थाने में बेहोश हो गई. इसके बाद उसे पुलिस ने एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी जांच की गई. बाद में पुलिस मोनिका को लेकर  भोपाल आई. वहीं भाजपा और संघ के लोगों के नाम आने पर संघ भी अब सक्रिय हो गया है. इस मामले में संघ ने भाजपा से पूरी रिपोर्ट मांगी है.
हनी ट्रैप मामले में आरोपी आरती दयाल और मोनिका यादव को पुलिस ने रविवार को 27 सितंबर तक रिमांड पर लेकर भोपाल, छतरपुर और राजगढ़ ले जाकर पूछताछ करने की योजना बनाई है. इसके तहत दोनों को आज पुलिस भोपाल लाने की तैयारी कर रही थी, तभी थाने में आरती दयाल बेहोश होकर गिर गई. इसके बाद पुलिस ने आनन-फानन में उसे एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया और चिकित्कीय परिक्षण किया गया. इसके बाद पुलिस मोनिका यादव को लेकर भोपाल आई है. इंदौर पुलिस मोनिका के साथ यहां पर पूछताछ के बाद उसे लेकर राजगढ़ जाएगी. मोनिका वहीं की रहने वाली है. 
संघ हुआ सक्रिय, मांगी रिपोर्ट
हनी ट्रैप मामले में भाजपा के कुछ नेताओं के अलावा संघ के दो पूर्व संगठन मंत्रियों के नाम भी सामने आए हैं, जिसके बाद संघ सक्रिय हो गया है. संघ ने भाजपा से इस पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी है. भाजपा में संगठन महामंत्री और संगठन मंत्री संघ की पृष्ठभूमि से आते हैं. श्वेता जैन मामले में कुछ भाजपा नेताओं के साथ एक पूर्व संगठन महामंत्री और एक संगठन महामंत्री का नाम सामने आ रहा है. आरोप यह लग रहे हैंं  कि उस समय एक संगठन महामंत्री ने भाजपा की राजनीति में श्वेता को आगे बढ़ाने में काफी मदद की थी, बुंदेलखंड खेत्र में पदस्थ रहे एक संगठन मंत्री का नाम भी इससे जोड़ा जा रहा है. श्वेता के इन दोनों नेताओं से मधुर संबंध होना बताए जा रहे हैं. इस मामले को लेकर अब संघ सक्रिय हो गया है. 
नहीं आई केस डायरी, जमानत पर सुनवाई आज
हनी ट्रैप की आरोपी श्वेता स्वप्निल जैन, श्वेता विजय जैन और बरखा सोनी की जमानत को लेकर आज सोमवार को इंदौर के प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी मनीष भट्ट की अदालत में सुनवाई होनी थी, मगर केस डायरी नहीं पहुंचने के चलते यह सुनवाई कल मंगलवार तक के लिए टाल दी. पुलिस ने कोर्ट में दलील दी कि इस मामले में दो आरोपी आरती दयाल और मोनिका यादव की पुलिस रिमांड लेकर पूछताछ की जा रही है, वहीं मोनिका को पूछताछ के लिए भोपाल ले जाया चुका है. लिहाजा व्यस्तता की वजह से डायरी पेश कर पाने में असमर्थ है. पुलिस की इस दलील पर कोर्ट ने सख्त हलजे में निर्देश दिए है कि मंगलवार तक कोर्ट में डायरी पेश कर दी जाए. वहीं आरोपियों के वकीलों ने आरोप लगाया है  कि पुलिस ने जानबुझकर डायरी पेश नहीं की है. ताकि जमानत ना हो सके पुलिस चाहती को मूल डायरी की बजाय फोटोकापी भी पेश कर सकती थी. लेकिन पुलिस मामले में देरी करना चाहती है. 
सीबीआई जांच के लिए याचिका दायर
बहुचर्चित हाइप्रोफाइल हनीट्रैप मामला अब हाई कोर्ट पहुंच गया है. एक जनहित याचिका दायर कर मामले की सीबीआई जांच कराने की गुहार की गई है. याचिका दिग्विजय सिंह भंडारी की ओर से एडवोकेट मनोहर दलाल और लोकेंद्र जोशी द्वारा दायर की गई हैं. इसमे सीबीआई को जांच के आदेश देने की गुहार लगाई गई है. याचिका में मांग की गयी है कि इसमें शामिल अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाए. याचिका में कहा गया है कि पुलिस कतिपय प्रभाव वाले लोगों के कारण सही ढंग से जांच नहीं कर पा रही है इसलिए इसकी सीबीआई जांच कराकर असली चेहरो को सामने लाकर इनके विरुद्ध कार्रवाई की जाए.
हरभजन के निलंबन का भेजा प्रस्ताव
हनीट्रैप मामले में निगम इंजीनियर हरभजन सिंह का नाम आने के बाद निगम ने उनके निलंबन का प्रस्ताव भोपाल भेजा है. शीघ्र ही निलंबन आदेश जारी होने की बात कही जा रही है. गौरतलब है कि महापौर मालिनी गौड़ ने रविवार को नगरीय प्रशासन मंत्री जयवर्धन सिंह से फोन पर चर्चा की थी. उन्होंने हरभजन सिंह की निलंबन की बात कही थी. भोपाल से संकेत मिलने के बाद निगम ने निलंबन की फाइल भेज दी है. कहा जा रहा है कि कभी भी हरभजन सिंह के निलंबन का आदेश जारी हो सकता है. वही उनके कार्यकाल में हुए ठेकों की भी जांच शुरू हो सकती है.

कन्या महाविद्यालयों में बनेगी महिला पुलिस चौकी



उच्च शिक्षा विभाग द्वारा महिलाओं की सुरक्षा और निगरानी के लिए कन्या महाविद्यालय में महिला पुलिस चौकी स्थापित करने का फैसला लिया  है. उच्च शिक्षा मंत्री  जीतू पटवारी के निर्देशानुसार उच्च शिक्षा विभाग ने सभी जिला पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर राज्य शासन के वचन पत्र अनुसार कन्याओं की शैक्षणिक संस्थाओं, महिलाओं के कामकाजी क्षेत्रों को चिन्हित कर वहां महिला पुलिस चौकी की स्थापना करने और ऐसे क्षेत्रों में महिला पुलिस गश्त की व्यवस्था करने को कहा है.
उच्च शिक्षा विभाग ने सभी कन्या एवं को-एड महाविद्यालय के प्राचार्य को भी पत्र लिखकर निर्देशित किया है कि वे कड़ाई से इसका पालन सुनिश्चित करें. प्राचार्य को महाविद्यालय में छात्राओं की समिति गठित करने के निर्देश दिए गए हैं. समिति की बैठक में छात्राओं के हस्ताक्षर सहित सुरक्षा संबंधी सुझाव प्राप्त करने को भी कहा गया है. प्राप्त सुझावों के बारे में प्राचार्य स्थानीय पुलिस अधिकारियों से बिंदुवार चर्चा करेंगे. बैठक के आधार पर प्राचार्य स्थानीय स्तर पर सुरक्षा से संबंधित पत्र जारी करेंगे. सभी कन्या महाविद्यालय के कामन एरिया में (जिसमें निजता भंग न हो) विशेष तौर पर प्रवेश और निर्गम द्वार पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने को भी कहा गया है, इसके अलावा प्राचार्य को निर्देशित किया गया है कि पिछले 2 वर्ष में संस्थाओं में कोई गंभीर घटना घटित हुई है तो घटना में शामिल लोगों पर क्या कार्यवाही की गई, की जानकारी स्थानीय कलेक्टर और पुलिस प्रशासन को दें. कन्या महाविद्यालय और कन्या छात्रावासों में काम कर रहे सभी संविदा कर्मचारियों का 15 दिन में पुलिस सत्यापन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने को कहा गया है.
विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि प्राचार्य अपने महाविद्यालय और छात्रावास में पूर्व में की गई सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी आयुक्त उच्च शिक्षा को उपलब्ध कराएंगे. क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा समय-समय पर महाविद्यालयों के निरीक्षण के दौरान निर्देशों के क्रियांवयन की जानकारी लेकर शासन को प्रतिवेदन भेजेंगे.

जयप्रकाश नारायण बनने का ख्वाब देख रहे हैं शिवराज


मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर कांग्रेस ने हमला बोला है. कांगे्रस के नेता के.के. मिश्रा ने कहा कि शिवराज सिंह प्रदेश के जयप्रकाश नारायण बनने का असफल ख्वाब देख रहे हैं. मंदसौर में जो उन्होंने कहा वह राष्ट्रदोह की श्रेणी में आता है.
कांग्रेस नेता ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान द्वारा मंदसौर जिले में बाढ़ पीड़ित किसानों के बीच जाकर उनसे सार्वजनिक रूप से यह आव्हान करना कि ‘आपको अपने भाई की कसम है, किसान बिजली के बिलों का भुगतान नहीं करें,वहीं महिलाएं भी समूह लोन की राशि नहीं भरे, समूह लोन की राशि की वसूली करने कोई आये तो उसे झाड़ू से पीटना.’
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कमलनाथ, एक पूर्व मुख्यमंत्री का यह कृत्य  राज्यद्रोह की श्रेणी में आता है, यह एक अक्षम्य राजनैतिक अपराध, अराजकता होकर भविष्य के लिए एक घातक राजनैतिक संदेश संकेत है. लिहाजा, ऐसे मामलों को कृपाकर नजरअंदाज न करने की अतिकृपा कीजिएगा. मिश्रा ने कहा कि लगता है शिवराज प्रदेश के जयप्रकाश नारायण बनने का कभी भी सफल न होने वाला ख्वाब देख रहे हैं.
उल्लेखनीय है कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सरकार को जगाने के लिए मंदसौर में 24 घंटे का धरना प्रदर्शन किया था. दूसरे दिन रविवार को उन्होंने सुबह सरकार को फिर से अपनी मांगों की याद दिलाई और कहा कि मैं जनता का दुख सुनने के लिए यहां आया हूं. मुझे सत्ता से कोई लगाव नहीं है. चौहान ने कहा कि यदि सरकार नहीं सुनती है तो दिवाली के बाद आंदोलन किया जाएगा. उन्होंने किसानों और लोगों की समस्याओं को लेकर मंदसौर कलेक्टर मनोज पुष्प को एक ज्ञापन भी सौपा. शिवराज ने इस दौरान किसानों और लोगों से कहा था कि इतना बिल मत भरना और यदि कोई वसूली के लिए आता है तो भी मत देना. इसके लिए हर वार्ड में एक निगरानी समित बनेगी जो वसूली व बिजली बिल कनेक्शन काटने का विरोध करेगी. इसके बाद ऐसी समिति पूरे प्रदेश में बनाई जाएगी. 

शिवराज ने कहा दिग्विजय तो राजनीति के जोकर


हनीट्रैप मामले में श्वेता जैन को भाजयुमो का पदाधिकारी बताने के बयान को लेकर आज पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पर हमला बोला है. उन्होंने  कहा कि दिग्विजय सिंह तो राजनीति के जोकर हैं, जो कुछ भी बयानबाजी करते रहते हैं.
पूर्व मुख्यमंत्री चौहान ने मीडिया से चर्चा करते हनीट्रैप मामले में गिरफ्तार श्वेता जैन को पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंंह द्वारा भाजयुमो की पदाधिकारी बताए जाने के बयान पर भड़क गए. उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह तो मध्यप्रदेश की राजनीति के जोकर हैं. लाइमलाइट में आने के लिए वे कुछ भी बयान देते रहते हैं. उन्होंने कहा कि हनी ट्रैप क्या है, यह उन्हें नहीं मालूम, मगर इसे लेकर कानून अपना काम कर रहा है.
पूर्व मुख्यमंत्री ने भिंड पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए और भिंड के भाजपा नेता के साथ गणेश विसर्जन के दौरान विवाद पर पिटाई का आरोप लगाया. उन्होंने भाजपा नेता रक्षपाल पर डकैती वाली धाराएं लगाने पर आपत्ति जताई और प्रदेश में पुलिस का गुंडाराज लागू होने का आरोप लगाया. वहीं भाजपाइयों पर झूठे मुकदमे वापिस लेने की मुख्यमंत्री कमलनाथ से मांग भी की. इसके अलावा बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचकर राहत देने के मामले में कांग्रेस के आरोपों पर शिवराज सिंह ने कहा कि मामा बाढ़ पीड़ितों के बीच में जाकर समस्याएं सुन रहा है तो कांग्रेस आरोप लगा रही है. कांग्रेस के लोग तो ग्राउंड पर पहुंच नहीं रहे उल्टा जो पहुंच रहे हैं उन पर ही आरोप लगा रही है. वहीं प्रदेश में बिजली के बढ़े हुए बिलों को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे बढ़े हुए बिलजी के बिल न भरें. उन्होंने कहा कि जनता के हक की लड़ाई बीजेपी लड़ेगी.
सीबीआई जांच नहीं कराई तो समझेंगे सरकार है लिप्त
 हनी ट्रैप मामले को लेकर पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक नरोत्तम मिश्रा ने कलमनाथ सरकार पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि हनी ट्रैप मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए. नरोत्तम मिश्रा का कहना है कि अगर सरकार सीबीआई जांच नहीं कराएगी तो हम यही समझेंगे की इसमें सरकार लिप्त है. उन्होंने कहा कि अभी इस मामले की जांच चल रही है और सरकार के मंत्री और कांग्रेस के नेता बयानबाजी कर रहे हैं. इससे ऐसा लगता है कि इस पूरे मामले की स्क्रीप्ट सरकार ने ही बनाई है.
सबको बेनकाब करेंगे 
नरोत्तम मिश्रा के बयान पर आपत्ति जताते हुए प्रदेश के श्रम मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया ने  कहा कि एसटीएफ की जांच में पूरा सच सामने आ जाएगा. भाजपा नेताओं को इस जांच के नतीजों का इंतजार करना चाहिए. उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो सरकार सीबीआई जांच से भी पीछे नहीं हटेगी. वहीं जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने  भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि हनी ट्रैप में भाजपा के नेताओं के नाम आ रहे हैं और हम किसी को नहीं छोड़ेंगे. सरकार को अस्थिर करने के लिए भाजपा नेत्रियों को लगाया था. चार इमली में रहने वाले, 74 बंगला क्षेत्र में रहने वाले कौन-कौन पूर्व मंत्री हैं, इसमें सबको बेनकाब करेंगे. हमारी पुलिस ने ब्लैकमेलर गैंग को पकड़ा है. हम इनको एक्सपोज करेंगे.

बाढ़ पीड़ितों को 15 अक्तूबर तक वितरित कर दिया जाएगा मुआवजा

पीड़ितों के पास खुद मुआवजा वितरित करने जाएगी सरकार
मुख्यमंत्री  कमल नाथ ने कहा है कि 15 अक्तूबर तक सभी बाढ़ प्रभावितों को मुआवजा वितरित कर दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि मुआवजे के लिए पहले के सामान भटकना नहीं पड़ेगा, बल्कि सरकार पीड़ितों के पास सरकार जाएगी. उन्हें सरकार के पास नहीं जाना पड़ेगा. 
मुख्यमंत्री कमल नाथ आज अतिवृष्टि से सर्वाधिक प्रभावित नीमच जिले के ग्राम रामपुरा में बाढ़ राहत शिविर में बाढ़ प्रभावितों से चर्चा कर रहे थे. मुख्यमंत्री ने कहा कि मालवा, निमाड़, नीमच मंदसौर क्षेत्र में इस बार इतिहास में सर्वाधिक भारी बारिश हुई है. इससे जो नुकसान हुआ है वह भी बड़ा है हम इसका आकलन कर रहे है लेकिन सरकार केन्द्र की मदद का इंतजार किए बिना राहत देने का काम 22 सितंबर से शुरू कर दिया है और अगले 15 अक्तूबर तक हर प्रभावितों को मदद दे दी जाएगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार आपके साथ है आपके दु:ख दर्द पीड़ा और समस्या के साथ साझी है. उन्होंने बताया कि बाढ़ की वीभिषिका के दौरान वे हर घंटे की स्थिति कि जानकारी ले रहे थे और जिला प्रशासन से निरंतर संपर्क में थे.
मुख्यमंत्री ने कहा कि पीड़ितों को मुआवजा देने के साथ ही सड़कें, पुल-पुलिया, शासकीय भवन और पीने के पानी सहित अन्य जो नुकसान हुआ है उसके भी सुधार का काम तत्काल शुरू किया जाएगा. श्री नाथ ने कहा कि व्यापारी और किसान की फसलों के नुकसान की भी पूरी भरपाई सरकार करेगी. नाथ ने संकट के समय में स्थानीय नागरिकों, स्वयंसेवी संस्थाओं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पीड़ितों की मदद की और उन्हें राहत पहुँचाने का काम किया उसकी उन्होंने सराहना की.
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री  जयवर्धन सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रभावितों की मदद के लिए कदम उठाए गए हैं. उन्होंने बताया कि जिन परिवारों के मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं उसके लिए भानपुरा पंचायत से सात करोड़ रुपए दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आवास मिशन ने रामपुरा गाँव में जिन के भी घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए उन्हें ढ़ाई लाख रुपए सरकार देगी. सभी रहवासियों को शुद्ध पानी मिले, हर घर में नल से पानी पहुंचे इसके लिए उन्होंने पांच करोड़ रुपए उपलब्ध कराए गए है.  सिंह ने कहा कि बाढ़ प्रभावितों की मदद के लिए सरकार कोई भी कसर बाकी नहीं रखेगी. 

रविवार, 22 सितंबर 2019

27 तक पुलिस रिमांड पर आरती, मोनिका, ड्रायवर को भेजा जेल


हपीट्रैप मामले में आरोपी आरती और मोनिका को आज पुलिस ने अदालत में पेश किया, जहां से अदालत ने दोनों को 27 सितंबर तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया. इसके अलावा उनके ड्रायवर ओमप्रकाश को जेल भेज दिया गया.
पुलिस ने आज रिमांड अवधि समाप्त होने पर आरती, मोनिका और उनके ड्रायवर ओमप्रकाश को अदालत में पेश किया. पुलिस ने तीनों को कोर्ट नंबर 35 में अब्दुल्ला अहमद की अदालत में पेश किया. अदालत से पुलिस ने इनसे सबूत जुटाए जाने के लिए इनकी रिमांड बढ़ाने का निवेदन किया, जिसे स्वीकार करते हुए जज ने 27 सितंबर तक के लिए फिर से पुलिस को रिमांड दिया है. इसके अलावा ड्रायवर ओमप्रकाश को 4 अक्तूबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया. इन तीनों को पुलिस ने पूर्व में 18 सितंबर को अदालत में पेश कर 22 सितंबर तक के लिए रिमांड पर लिया था, जिसकी अवधि आज समाप्त हो रही थी. इसके अलावा इस मामले में आरोपी श्वेता स्वप्निल जैन, श्वेता विजय जैन और बरखा सोनी भटनागर को पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी है. आरोपियों आरती और मोनिका की ओर से वकील ने रिमांड अवधि बढ़ाने पर आपत्ति जताई थी, मगर पुलिस ने दोनों को राजगढ़, छतरपुर और भोपाल ले जाने का कहकर रिमांड मांगा था. इस पर अदालत ने दोनों को रिमांड पर भेजा है.
फूंट-फूंट कर रो पड़ी आरती, मोनिका
आरती और मोनिका यादव को जब अदालत में पेश किया गया तो वे वहां पर फूंट-फूंट कर रो पड़ी. पुलिस जब रिमांड अवधि बढ़ने के बाद दोनों को थाने ला रही थी, तब वे दोनों जोर-जोर से रो रही थी. इस दौरान मोनिका यादव तो बेहोश हो गई, जिसे पुलिस एमवाय अस्पताल ले गई. पुलिस सूत्रों के अनुसार दोनों के खिलाफ पुलिस ने धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की धाराएं भी बढ़ा दी है. आरती के पास तीन आधार कार्ड और मोनिका यादव के पास से दो आधार कार्ड भी पुलिस को मिले हैं.
आरती ने कहा हरभजन को पकड़ो
हनीट्रैप मामले में गिरफ्तार आरती और मोनिका यादव का आज पुलिस ने एम.वाय अस्पताल में मेडिकल टेस्ट कराया. इस दौरान आरती ने मीडिया के सामने चुप्पी तोड़ी. आरती ने कहा कि हरभजन को पकड़ो. उसने इस पूरे मामले के कीिल हरभजन को दोषी बताया.
महापौर ने कहा हरभजन को करें सस्पेंड
इंदौर नगर निगम की महापौर मालिनी गौड़ ने मांग की है कि चर्चित हनी ट्रैप मामले में इंदौर नगर निगम के सिटी इंजीनियर हरभजन सिंह को सस्पेंड किया जाए. इस बारे में उन्होंने प्रदेश के मंत्री जयवर्धन सिंह से फोन पर चर्चा भी की है. उन्होंने कहा कि निगम में जिम्मेदार पद पर रहते हुए हरभजन सिंह की इस मामले संलिप्तता सामने आई यह गलत है.
भाजपा नेताओं से संबंध होने के आरोप लगाए दिग्विजय सिंह ने
राज्यसभा सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का साफ कहना है कि हनीट्रैप केस की सरगना श्वेता जैन के भाजपा के कई नेताओं से संबंध रहे है. दिग्विजय ने अपने अंदाज में ही मीडिया कर्मियों से सवाल पूछे और कहा कि मामला केवल मध्यप्रदेश तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि महाराष्ट्र से भी इसके तार जुड़े है और कहा कि जब युवा मोर्चे में श्वेता जैन शामिल की गई तब जीतू जिराती प्रदेश अध्यक्ष थे और महाराष्ट्र सरकार के कौशल विकास मंत्री संभाजी निलंगेकर महाराष्ट्र युवा मोर्चे के अध्यक्ष थे.
जिराती ने किया पलटवार
भाजयुमो के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष जीतू जिराती ने दिग्विजय सिंह के आरोपों पर पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि दिग्वजिय सिंह आरोप लगाने के पहले तथ्यों की जांच नहीं करते हैं. जिराती ने कहा कि श्वैता जैन युवा मोर्चा की महामंत्री नहीं थी, सिर्फ कार्यकारिणी सदस्य थीं. जिराती ने कहा कि वो श्वेता को जानते हैं लेकिन अध्यक्ष पद से हटने के बाद उनकी मुलाकात नहीं हुई. साथ ही जिराती ने कांग्रेस को हनीट्रैप मामले का राजनीतिकरण ना करने की नसीहत दी है.

 

सांसद चलेंगे 15 दिन में 150 किलोमीटर पैदल

 घर-घर जाकर देंगे स्वच्छता का संदेश

अब  मध्यप्रदेश में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के कार्यक्रमों के जरिए भारतीय जनता पार्टी घर-घर पहुंचेगी. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने सांसदों को पंद्रह दिन में 150 किलोमीटर की पैदल यात्रा करने को कहा है, पैदल यात्रा के दौरान सांसद स्वच्छता का संदेश देंगे.
गांधी जयंती पर 2 अक्तूबर से 30 अक्तूबर तक खास कार्यक्रम आयोजित करने के लिए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने शनिवार को मध्य प्रदेश के सांसदों के साथ वीडियो कांफ्रेंस से चर्चा की. प्रदेश भाजपा कार्यालय में हुई वीडियो कांफ्रेंस में पूर्व मुख्यमंत्री उमाभारती के साथ दर्जनभर से अधिक सांसद शामिल हुए. अमित शाह ने सभी सांसदों को पंद्रह दिन में 150 किलोमीटर जाने का लक्ष्य दिया है. इसके लिए 15 दिन तय किए गए हैं. सभी सांसद अपने-अपने क्षेत्रों में हर दिन 10-10 किलोमीटर का दौरा करेंगे. इस दौरान लोगों को स्वच्छता का संदेश देने के साथ केंद्र की योजनाओं की जानकारी देंगे. सांसदों के साथ क्षेत्र के विधायक और भाजपा के पदाधिकारी मौजूद रहेंगे. गौरतलब है कि सांसदों को 150 किमी की यात्रा के लिए पहले ही प्रधानमंत्री मोदी निर्देश दे चुके हैं.
कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों के बारे में चर्चा करते हुए कहा कि हर बार की तरह 25 सितंबर को अंत्योदय के प्रणेता पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर अंत्योदय और सेवा कार्यक्रम हो. इस बार प्रधानमंत्री  ने सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्ति का जो संकल्प लिया है, उसके अनुरूप दीनदयाल जयंती पर कोई भी एक परिसर प्लास्टिक मुक्त हो ऐसा संकल्प लें. उन्होंने दीनदयाल जयंती पर सभी विचारधाराओं के महापुरूषों की प्रतिमाओं के आसपास स्वच्छता अभियान चलाए जाने की बात कही.
 सात सिद्धांतों को लेकर निकलेगी यात्रा
पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव, सांसद भूपेन्द्र यादव ने गांधी संकल्प यात्रा के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि सभी सांसद विधानसभा को इकाई बनाकर 2 अक्तूबर से 31 अक्तूबर के बीच गांधी संकल्प यात्रा करेंगे. इस यात्रा के माध्यम से गांधीवादी सिद्धांतों और सामाजिक बुराईयों के बारे में जागरूकता बढाना है. गांधीजी ने बिना काम के धन, विवेक रहित खुशी, बिना चरित्र के ज्ञान, नैतिकता के बिना व्यापार, मानवता के बिना विज्ञान, त्याग के बिना धर्म और सिद्धांतों के बिना राजनीति, के रूप में जो सात सिद्धांत दिए है, इसे हमें यात्रा के माध्यम से जनता तक पहुंचाना है. उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता इस यात्रा की सफलता में पूरे प्राणपण के साथ जुटें.

जब तक जयवर्द्धन पद पर है मंदिर के पास नहीं बनेगा बूचड़खाना



मध्यप्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री जयवर्धन सिंह ने कहा कि जब तक मैं पद पर हूं, तब तक मंदिर के पास बूचड़खाना नहीं बन सकता. सिंह ने यह बात अपने पिता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह द्वारा उन्हें लिखे पत्र के जवाब में ट्वीट कर कही.
दरअसल पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंंह ने नगरीय प्रशासन मंत्री जयवर्धन सिंह को पिछले दिनों एक पत्र लिखा था. इस पत्र में उन्होंने लिखा था कि पिछली शिवराज सरकार ने वर्तमान में सुभाष नगर के पास बने स्लाटर हाउस को कंकाली मंदिर के पास आदमपुर छावनी में स्थापित करने का फैसला लिया था, जिसका विपक्ष में रहते हुए कांग्रेस ने विरोध किया था, इसके लिए कई आंदोलन और प्रदर्शन भी किए थे और सरकार ने स्लाटर हाउस बनाने का काम टाल दिया था. लेकिन 2017 में भोपाल महापौर आलोक शर्मा और तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने धार्मिक भावनाओं को दरकिनार करते हुए इस प्रस्ताव और डीपीआर को स्वीकृति दे दी है, जिसके तहत भाजपा शासित नगर निगम ने आदमपुर छावनी में इसका काम शुरू कर दिया है. 
दिग्विजय ने पत्र में लिखा है कि भोपाल के पास रायसेन रोड पर बिलखिरिया स्थित कंकाली मंदिर सिर्फ भोपाल ही नही बल्कि पूरे मध्यप्रदेश का आस्था का केन्द्र है. हर साल नवरात्रि पर यहां लाखों श्रद्धालु आते है. इस मंदिर के रास्ते पर और भी कई मंदिर  स्थित है. ऐसे में इसका यह निर्माण करवाना ठीक नहीं इससे लोगों में आक्रोश है. दिग्विजय ने मांग की है कि इसके निर्माण पर रोक लगाई जाए और इसे कही और शिफ्ट किया जाए, ताकी जनभावनाओं को ठेस ना पहुंचे.
अपने पिता और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के पत्र का जवाब नगरीय प्रशासन मंत्री जयवर्धन सिंह ने ट्वीट कर दिया. उन्होंने ट्वीट कर कहा कि ‘दाता (दिग्विजय सिंह) की चिंता उचित है. भाजपा लाख प्रयास कर ले, जब तक जयवर्धन सिंह इस पद पर है और कांग्रेस की सरकार है तब तक कंकाली मंदिर क्षेत्र (भोपाल) में बूचड़खाना नहीं बन सकता है. इस बूचड़खाने की योजना शिवराज सिंह  ने बनाई थी और भाजपा शासित भोपाल नगरनिगम ने इस प्रस्ताव को पारित किया था.’

कंम्प्यूटर बाबा ने कहा हनीट्रैप में शामिल लोगों के नाम सार्वजनिक किए जाएं



कंम्प्यूटर बाबा ने राज्य के हाईप्रोफाइल हनी ट्रैप मामले में शामिल सभी लोगों के नाम सार्वजनिक करने की मांग की है. बाबा से पहले प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता अब्बास हफीज भी यह मांग कर चुके हैं.
हनीट्रेप मामले में शामिल लोगों के नाम सार्वजनिक करने की मांग अब तूल पकड़ रही है. मध्यप्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता अब्बास हफीज के बाद अब कंम्प्यूटर बाबा ने हनीट्रेप में शामिल लोगों के नाम सार्वजनिक करने की मांग की है. बाबा ने कहा कि इस मामले में कई निर्दोष लोगों को भी फंसाया गया है, इसलिए मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. ऐसे मामलों में दूध का दूध और पानी का पानी होना जरूरी होता है. इन महिलाओं ने जाल बिछाकर कई लोगों को ब्लैकमेल किया है, जो कि पूरी तरह से गलत है. मैं प्रदेश की कमलनाथ सरकार से इस मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपियों का नाम सार्वजनिक किए जाने की मांग करता हूं. मुझे यकीन है कमलनाथ सरकार मामले की निष्पक्ष जांच कराएगी.
उल्लेखनीय है कि बाबा से पहले शनिवार को मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता अब्बास हफीज ने मुख्यमंत्री कमलनाथ और गृह मंत्री बाला बच्चन को  पत्र लिखकर हनीट्रेप मामले में पूर्व मंत्रियों, सांसद और विधायकों के नाम सार्वजनिक करने की मांग की थी. अब्बास हफीज का कहना है कि पिछले कई सालों में भाजपा के शासनकाल में प्रदेश के अपराध का स्तर काफी बढ़ा है. उन्होंने कहा कि जनता को ऐसे नाम जानने का पूरा अधिकार है. उन्होंने कहा कि जिनको जनता ने चुना है उनका चाल, चरित्र और चेहरा असलियत में क्या है, यह जनता को पता चलना चाहिए ताकि भविष्य में वो ऐसे लोगों से बच सकें.
कमलनाथ सरकार ने घोषणाएं नहीं की, काम किया
कंप्यूटर बाबा ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर भी निशाना साधा और कहा कि मैं शिवराज सिंह चौहान से कहना चाहता हूं कि, आपने 15 साल के कार्यकाल में कुछ नहीं किया. अब 5 साल में कमलनाथ सरकार से सीखें कि सरकार कैसे चलती है और कैसे चलाई जाती है. सिर्फ घोषणाओं से कुछ नहीं होता, काम करना पड़ता है. कमलनाथ सरकार ने घोषणाएं नहीं, काम किया है. हम संतों के लिए शिवराज सरकार से कमलनाथ सरकार हजार गुना अच्छी है, क्योंकि उन्होंने 9 महीने में ही संतों का समागम किया.

उम्मीदवार तय करना कांग्रेस के लिए मुसीबत, भाजपा ने भी नहीं खोले पत्ते

  मुख्यमंत्री कमलनाथ हुए सक्रिय, रुठे जयस को मनाया

मध्यप्रदेश की सियासत में एक बार फिर चुनावी मौसम आया है. झाबुआ में लोकसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों की सक्रियता बढ़ गई है. कांग्रेस ने रुठे जय युवा आदिवासी संगठन  मतदान की घोषणा के साथ ही मना लिया है, यह उसके लिए राहत की खबर है, मगर चिंता अभी भी उम्मीदवार चयन को लेकर है. कांतिलाल भूरिया और जेवियर मेड़ा में तालमेल बैठाना अभी कांग्रेस के लिए मुसीबत बना हुआ है. वहीं भाजपा ने यहां पर मैदान में किसे उतरना है, इसका फैसला नहीं किया है, मगर भाजपा जीत के लिए कड़ी टक्कर देने का मन बना चुकी है.
मध्यप्रदेश में झाबुआ विधानसभा के लिए  21 अक्तूबर को होने वाले मतदान की घोषणा के साथ ही सियासी पारा भी चढ़ने लगा है. भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल  इस सीट को अपने पक्ष में रखना चाहते हैं, इसके लिए सक्रियता भी बनाए हुए हैं. कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री कलमनाथ के लिए यह उपचुनाव अग्निपरीक्षा से कम  नहीं है, ऐसे में यह उपचुनाव साफ संकेत दे रहा है कि इस सीट का नतीजा सूबे की राजनीतिक का नया समीकरण तय करेगा. विधायकोंं की कम संख्या को लेकर भाजपा कांग्रेस पर  लगातार दबाव बनाती रही है, इसके चलते दोनों ही दल यहां पर जीत के लिए पूरी ताकत के साथ मैदान में नजर आएंगे. 
मुख्यमंत्री कमलनाथ जीत के लिए उपचुनाव की तारीख 21 अक्तूबर की घोषणा के साथ ही सक्रिय भी हो गए हैं. मुख्यमंत्री ने कांग्रेस को चुनौती देने वाले जय युवा आदिवासी संगठन (जयस)  को मना लिया है. यह उसके लिए राहत की खबर है. जयस के संरक्षक और कांग्रेस के विधायक डा. हीरा अलावा ने उपचुनाव की घोषणा के पहले साफ कर दिया था कि जयस  झाबुआ में अपना प्रत्याशी मैदान में उतारेगा. इसके लिए वे एक महापंचायत भी कर चुके थे. इस महापंचायत के लिए उन्होंने अपनी ताकत भी दिखाई थी. इसके बाद शनिवार को जब उपचुनाव की तारीख तय हुई तो फिर डा. अलावा ने कांग्रेस पर दबाव बनाते हुए यह घोषणा कर दी थी कि वे जयस का प्रत्याशी उपचुनाव में मैदान में उतारेंगे. मगर आज मुख्यमंत्री कमलनाथ से हुई मुलाकात के बाद यहां पर चुनावी दृश्य ही बदलता नजर आ रहा है. मुलाकात के बाद डा. अलावा ने खुद मीडिया में साफ कर दिया कि वे अब झाबुआ में प्रत्याशी मैदान में नहीं उतार रहे हैं, बल्कि कांग्रेस को समर्थन करेंगे. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने उनकी सभी मांगों को मान लिया है. साथ ही आदिवासियों से जुड़े हुए सभी हितों पर बातचीत के लिए तैयार हो गए है.उन्होंने बताया कि  मुख्यमंत्री के सामने बात रखते हुए कहा कि क्षेत्र से हो रहे पलायन को रोका जाए. आदिवासियों को उनका अधिकार मिले. इसके अलावा अन्य मांगे भी उन्होंने रखी, जिसे पर मुख्यमंत्री ने अपनी सहमति दी है. इसके बाद हमने तय किया है कि झाबुआ में जयस कांग्रेस के पक्ष में काम करेगा.
भूरिया, मेड़ा में से तय होगा प्रत्याशी
जयस को मनाने के बाद कांग्रेस नेताओं में अब भी इस बात की चिंता है कि कांतिलाल भूरिया और जेवियर मेड़ा में से किसे प्रत्याशी बनाया जाए. पिछले चुनाव में कांतिलाल भूरिया के पुत्र डा.विक्रांत भूरिया को कांग्रेस ने टिकट दिया था, मगर कांग्रेस से बागी होकर जेवियर मेड़ा ने यहां पर डा. भूरिया को हराने का काम किया और भाजपा को जीत हासिल हुई थी. मेड़ा अब भी टिकट के लिए भोपाल से दिल्ली तक प्रयासरत हैं. वहीं भूरिया भी टिकट के लिए पूरी ताकत लगा रहे हैं. वे अपना टिकट न मिलने पर पुत्र को टिकट दिलाने का भी प्रयास कर रहे हैं. कांग्रेस के लिए यही चिंंता का कारण है. वैसे माना जा रहा है कि इस बार मेड़ा टिकट पाने में सफल हो सकते हैं, क्योंकि सोनिया गांधी से उनकी नजदीकी का फायदा उन्हें मिल सकता है.
भाजपा नहीं खोल रहे पत्ते
भारतीय जनता पार्टी झाबुआ सीट पर अपना कब्जा तो बरकरार रखना चाहती है, मगर यहां पर उसका प्रत्याशी कौन होगा. इसके पत्ते अभी खोले नहीं हैं. भाजपा का पूरा संगठन यहां पर जुटा है, मगर कांग्रेस को टक्कर देने वाले प्रत्याशी का नाम सामने नहीं आया है. भाजपा किस पर दांव लगाती है, इसका अभी तक कोई अंदाजा नहीं है. लेकिन वह यहां पर दमदार प्रत्याशी उतराने की जुगत में है. क्योंकि भाजपा अपनी जीती हुई सीट को बरकरार रखने की पुरजोर कोशिश करेगी.

शुक्रवार, 20 सितंबर 2019

हनी ट्रेप पर सियासत, मंत्रियों ने खोला मोर्चा

पी.सी.शर्मा 

हाईप्रोफाइल हनी ट्रेप मामले को लेकर अब राज्य में सियासत तेज हो गई है. कमलनाथ सरकार के मंत्रियों ने भाजपा खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. मंत्रियों ने इस मामले को लेकर कहा कि यह सारा मामला भाजपा के 15 साल के कामकाज की देन है. वहीं इसे लेकर राज्य के जनसंपर्क मंत्री पी.सी.शर्मा ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले को भाजपा की एक नेत्री चलाती थी.
हनीट्रेप मामले को लेकर राज्य के नेताओं, अधिकारियों में जहां हड़कंप मचा हुआ है,वहीं कमलनाथ सरकार के मंत्रियों ने इसे लेकर भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. जनसंपर्क मंत्री पी.सी.शर्मा ने कहा कि यह आज का नहीं बल्कि 15 साल का लंबा मामला है . इसमें भाजपा से जुड़ी नेत्रियां हैं, वही कई पूर्व मंत्री भी इसमें शामिल है. गृह मंत्री बाला बच्चन ठोस कार्यवाही कर रहे है, जो दोषी और ब्लैकमेलर है सजा दी जाएगी और बंद किया जाएगा. इस मामले में जिसका भी नाम आएगा एक एक करके पर्ते खुलेंगी.
वहीं पंचायत म्मंत्री कमलेश्वर पटेल ने बताया कि यह तो भारतीय जनता पार्टी के पूर्व मंत्रियों के खेल हैं. कमलनाथ सरकार का कोई भी मंत्री इसमें शामिल नहीं है और ही कोई भी जनप्रतिनिधि लिप्त नहीं है. कैबिनेट मंत्री ने भाजपा पर चुटकी लेते हुए कहा कि यह खेल पुरानी सरकार का है. पिछली सरकार 15 सालों से यह खेल खेलती आई है. पटेल इस दौरान कांग्रेस नेताओं पर लग रहे आरोपों का बचाव भी करते नजर आए.
भाजपा नेत्री के इशारे पर चल रहा था रैकेट
सहकारिता मंत्री गोविंद सिंह ने कहा कि ये सारा खेल प्रदेश भाजपा की एक महिला नेता के इशारे पर चल रहा था. रैकेट के खुलासे से भाजपा का असली चाल-चेहरा और चरित्र उजागर हुआ है. उन्होंने इस बड़े खुलासे के लिए पुलिस और एटीएस को बधाई दी. उन्होंने  कहा कि भाजपा के प्रदेश स्तर और संभागीय स्तर के नेता भी इसमें शामिल हैं, इससे साफ हो गया है कि भाजपा का चाल-चरित्र कैसा है. भाजपा के नेता कौन-कौन सी गतिविधियों में लिप्त  हैं. इन लोगों ने तमाम अधिकारियों-कर्मचारियों और नेताओं को अपने जाल में फंसाकर लूट मचाई थी.