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| कमलनाथ |
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज कहा कि कांग्रेस जो कहती है, वो करती है और भाजपा सिर्फ जुबानी जमाखर्च करती है.
झाबुआ में कांग्रेस प्रत्याशी कांतिलाल भूरिया का नामांकन भरवाने पहुंचे मुख्यमंत्री कमलनाथ ने जनसभा को संबोधित करते हुए यह बात कही. उन्होंने कहा कि इस बार प्रदेश में सिर्फ झाबुआ विधानसभा का उपचुनाव हो रहा है. ऐसे में ये महत्वपूर्ण हो जाता है कि यहां की जनता किसे चुनती है. झाबुआ का नया इतिहास बनाना है और झाबुआ का झंडा विधानसभा में लहराना है तो झाबुआ से कांग्रेस को विजयी बनाना होगा.
मुख्यमंत्रीकमलनाथ ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा सेठ साहूकारों की पार्टी है. उनके नेता सिर्फ जबानी जमाखर्च करते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि 21 अक्तूबर के बाद भाजपा के नेता झाबुआ से गायब हो जाएंगे, जबकि कांग्रेस जो कहती है, वो करती है. इस अवसर पर कांग्रेस उम्मीदवार भूरिया और पार्टी नेता जेवियर मेड़ा ने भी रैली को संबोधित किया. संबोधन के बाद कमलनाथ भूरिया के साथ कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और जिला निर्वाचन अधिकारी के समक्ष कांग्रेस उम्मीदवार भूरिया ने अपना नामाकंन फार्म प्रस्तुत किया.
गौरतलब है कि प्रदेश में दोनों राजनीतिक दलों भाजपा और कांग्रेस के लिए झाबुआ उपचुनाव बड़ी चुनौती है. कांग्रेस जहां झाबुआ उपचुनाव जीतकर अपनी सीटों की संख्या 115 यानि बहुमत तक करना चाहती है. तो भाजपा पिछले चुनाव में जीती हुई अपनी सीट को बचाना चाहती है.यही वजह है कि दोनों की दलों के दिग्गज नेता यहां पर जुट गए हैं.
कांग्रेस के शासनकाल में किसान वीरान और जनता है परेशान
मध्यप्रदेश में झाबुआ उपचुनाव के लिए भाजपा और कांग्रेस द्वारा प्रत्याशी घोषित किए जाने और नामांकन भरे जाने के बाद अब राजनीतिक बयानबाजी तेज होने लगी है. पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने दावा किया कि कांग्रेस के 9 माह के शासनकाल में किसान वीरान है और जनता परेशान है. उपचुनाव में भाजपा की जीत सुनिश्चित है. पूर्व मंत्री मिश्रा ने मुख्यमंत्री कमलनाथ का नाम लिए बिना उन पर निशाना साधा और कहा कि बारिश से फसलें तबाह हो गई हैं, लेकिन लाट साहब को किसानों के बीच जाने की फुर्सत नहीं है. उन्होंने कहा कि झाबुआ का परिणाम स्पष्ट है. भाजपा ने नौजवान को टिकट दिया है, जो भाजयुमो के जिला अध्यक्ष के रूप में जनता की सेवा करता रहा है. इसलिए भानु की जीत सुनिश्चित है.
प्रज्ञा को तथाकथित साध्वी बताया मंत्री ने
जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को तथाकथित साध्वी बताते हुए कहा कि वो साध्वी प्रज्ञा को साध्वी नहीं मानते हैं, बल्कि तथाकथित साध्वी मानते हैं. वो ना तो स्टार हैं और न ही प्रचारक हैं. भाजपा के स्टार प्रचारकों की सूची से साध्वी प्रज्ञा का नाम नहीं होने पर शर्मा ने कहा कि भाजपा कभी-कभी सही फैसला लेती है और ये सही फैसला है. उल्लेखनीय है कि भाजपा ने झाबुआ उपचुनाव को लेकर 40 स्टार प्रचारकों की सूची जारी की है. जिसमें भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा से लेकर प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज से लेकर सांसद, विधायक और हारे हुए विधायक भी स्टार प्रचारक की सूची में शामिल हैं.
कांग्रेस नेताओं से बदला लेने का है यह चुनाव
भाजपा प्रत्याशी भानू भूरिया का नामांकन भरवाने झाबुआ पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस ने झूठे वादे कर के प्रदेश की जनता से छल किया. जनता ने तो लोकसभा चुनाव में ही कांग्रेस की अक्ल ठिकाने लगा दी. अब समय आ गया है कि एक बार फिर से कमल की बटन दबाकर सच का साथ दें. कांग्रेस ने मध्यप्रदेश को पिछले कुछ महीनों में बर्बाद कर दिया. यह चुनाव केवल भानु भूरिया को जिताने का नहीं, बल्कि कांग्रेस के नेताओं से बदला लेने का चुनाव है. कांग्रेस के शासनकाल में बिजली तो नहीं आ रही है, लेकिन बिल बड़े-बड़े आ रहे हैं. उन्होंने कहा कि मैं गरीबों को 200 रुपए में बिजली देता था, लेकिन अब हजारों के बिल आ रहे हैं प्रदेश में कई जगह ढोल बजा बजा कर गरीबों की बेइज्जती की जा रही है. कांग्रेस ने कहा था कि वो बिजली के बिल हाफ कर देंगे. उन्होंने कहा कि मैंने मेधावी विद्यार्थियों के लिए स्मार्टफोन, लैपटाप, स्कालरशिप, साईकिल, होस्टल की फीस की व्यवस्था की, लेकिन ऐसी अनेक योजनाएं कमलनाथ सरकार ने बंद कर दी. इसके बाद भी ये वोट मांगने आ जाते हैं.
हिंदुस्तान, पाकिस्तान के बीच है चुनाव
भाजपा विधायक भानू भूरिया के नामांकन रैली को संबोधित करते हुए नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा कि यह चुनाव दो पार्टियों के बीच नहीं है, बल्कि हिंदुस्तान और पाकिस्तान के बीच है. हमारा प्रत्याशी हिंदुस्तान का प्रतिनिधित्व करता है, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व करता है. भार्गव ने कहा कि आपके शिवराज मामा ने 15 साल तक झाबुआ के विकास का काम किया. इस विधानसभा क्षेत्र में सड़के तक नहीं थी, जिस कांतिलाल भूरिया की बात की जा रही है, विधायक रहे, सांसद रहे, केंद्र में मंत्री भी रहे, लेकिन विकास के नाम पर कुछ नहीं किया, एक सड़क तक नहीं बनवा पाए. हमने एक-एक फलिया जोड़ने का काम शिवराज सिंह चौहान ने किया. शुद्ध पेयजल देने का काम, चिकित्सा व्यवस्था देने का काम, राशन से लेकर कृषि उपज तक की कीमत देने का काम किया. भावंतर योजना को हमने चलाया. आज 10 महीने हो गए, लेकिन किसी भी किसान को ना बोनस मिला ना भावांतर मिला.
नाराज डामोर ने भरा पर्चा
झाबुआ विधानसभा उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी से टिकट नहीं मिलने पर पार्टी से इस्तीफा दे चुके आदिवासी नेता कल्याण सिंह डामोर ने आज निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन पत्र दाखिल कर दिया. डामोर पार्टी के टिकट के प्रबल दावेदार माने जा रहे थे, लेकिन कल अचानक भाजपा ने भाजपा युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष भानु भूरिया को टिकट देने की घोषणा कर दी. इसके चलते डामोर पार्टी से नाराज हो गए और उन्होंने अपना इस्तीफा दे दिया.





























