सोमवार, 16 सितंबर 2019

साधु-संतों के मार्गदर्शन पर काम करेगी कमलनाथ सरकार

 राजधानी में संत समागम आज, आएंगे एक हजार साधु-संत
मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार  अब साधु-संतों के मार्गदर्शन पर काम करेगी, इसको लेकर कल 17 सितंबर को भोपाल में बड़ा संत समागम आयोजित हो रहा है. इस समागम में प्रदेश भर से एक हजार से ज्यादा साधु-संत शामिल होंगे. इसमें साधु-संतों से जुड़े मुद्दों को सरकार के सामने रखा जाएगा. प्रदेश के अध्यात्म मंत्री पीसी शर्मा के मुताबिक, संत समागम के जरिए सरकार प्रदेश के विकास को लेकर मिलने वाले सुझावों पर अमल करने का काम करेगी.
मध्यप्रदेश सरकार, आध्यात्म विभाग के बैनर तले कल 17 सितंबर को राजधानी भोपाल में एक बड़ा संत समागम करने जा रही है, जिसमें मुख्यमंत्री कमलनाथ भी शामिल होंगे. इस संत समागम में  साधु-संतों और मठ मंदिरों से जुड़े मुद्दों पर मंथन होगा. प्रदेश की कांग्रेस सरकार का ये अब तक का पहला और सबसे बड़ा संत समागम होगा. राजधानी के मिंटो हाल में होने वाले आयोजन में मुख्यमंत्री कमलनाथ के अलावा अध्यात्म मंत्री पी.सी. शर्मा और विभाग के अफसर भी मौजूद रहेंगे. इसके अलावा समागम में  मठ मंदिर सलाहकार समिति अध्यक्ष सुबुद्धानंद अतिथि होंगे. मंच संचालन नरसिंह दास करेंगे और आभार प्रदर्शन स्वामी नवीनानंद द्वारा किया जाएगा.
संत समागम को लेकर नर्मदा सेवा न्यास के अध्यक्ष कम्प्यूटर बाबा ने कहा है कि 17 सितंबर के आयोजन से पहले साधु-संतों की एक अहम बैठक होगी, जिसमें संतों से मुद्दों के साथ ही प्रदेश के विकास के रोड मेप पर मंथन होगा. इसके बाद इसे 17 सितंबर को सरकार के सामने रखा जाएगा. भाजपा सरकार में राज्यमंत्री बने कम्प्यूटर बाबा ने चुनाव के ठीक पहले भाजपा का दामन छोड़ कांग्रेस के पक्ष में प्रचार किया था. कम्प्यूटर बाबा का कहना है कि भाजपा सरकार में धर्म के नाम पर दिखावा था इसलिए उन्हें भरोसा है कि कांग्रेस सरकार में संतों को तबज्जो दी जाएगी.
सम्मेलन को लेकर आध्यात्म विभाग के मंत्री पी.सी.शर्मा ने कहा कि संत समागम में सरकार साधु-संतों से आशीर्वाद लेने के साथ ही उनके बताए निर्देश पर चलने का काम करेगी. शर्मा ने कहा है कि पहले भी राजा महाराजा संतों के बताए रास्तों पर चलते थे और अब सरकार भी साधु-संतों के सुझाए प्रदेश हित के सुझावों पर अमल करने का काम करेगी.
उल्लेखनीय है कि प्रदेश में  सरकार में आते ही कांग्रेस ने नर्मदा सेवा न्यास का गठन कर कम्प्यूटर बाबा की अध्यक्ष पद पर ताजपोशी की है. अब सरकार की कोशिश साधु-संत समाज को खुश कर बड़ी आबादी को साधने की है. इसके अलावा भाजपा के भगवा एजेंडे को भी हथियाने का प्रयास सरकार का है. 

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