मजिस्ट्रियल जांच के आदेश, प्रधानमंत्री ने जताया शोकमध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में गणेश विसर्जन के दौरान तालाब में नाव पलटने के बाद डूबने से 11 लोगों की मौत हो गई. वहीं 6 लोग तैरकर सकुशल बाहर आ गए. हादसे को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री कमलाथ के अलावा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी शोक जताया है. मुख्यमंत्री द्बारा हादसे की मजिस्ट्रियल जांच आदेशित किए जाने के बाद, एडीएम उत्तर भोपाल सतीश कुमार एस को दुर्घटना की मजिस्ट्रियल जांच सौंपी गई है.
राजधानी भोपाल में शुक्रवार की सुबह गणेश विसर्जन के दौरान छोटे तालाब में हुए हादसे में 11 लोगों की डूबने से मौत हो गई. ये हादसा विसर्जन के दौरान भोपाल के घटालपुरा के पास नाव के पलटने से हुआ. घटना उस वक्त घटी जब पिपलानी इलाके के लोग आज सुबह करीब 4 बजे चल समारोह के साथ एक बड़ी गणेश प्रतिमा को विसर्जित करने के लिए छोटे तालाब के खटलापुरा घाट पर पहुंचे थे, जहां मूर्ति को क्रेन के सहारे तालाब में विसर्जित किया जा रहा था, इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से नाव पलट गई, जिसमें सवार लोग डूबने लगे गए, जिनमें से 6 तैरकर तालाब से घाट पर आ गए जबकि 11 लोग पानी से बाहर नहीं निकल सके. सूचना मिलने पर आनन-फानन पुलिस प्रशासन, नगर निगम, होमगार्ड, एसडीईआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू आॅपरेशन शुरू किया.
टूटा गमों का पहाड़
पिपलानी क्षेत्र के पुराने 1100 क्वार्टर से जैसे लोगों की अर्थियां उठनी शुरू हुईं, परिजनों की दहाड़ से पूरा इलाका दहल गया. कल तक जहां लोग खुशी-खुशी अपने घरों और कालोनियों बप्पा को इस वायदे के साथ विदा किया था कि अगले बरस तू जल्दी आना, लेकिन उन पर हर तरफ गमों का पहाड़ टूट पड़ा. इस हादसे में बारह घरों के सपने उजड़ गए हैं. किसी ने बेटा खोया है, तो किसी ने भाई, किसी के घर का इकलौता चिराग बुझ गया. कोई कह रहा है कि वहीं तो मेरा सहारा था. अब कैसे और किसके सहारे जिऊंगा. पड़ोसी ढ़ाढ़स बंधाने के सिवा कर भी क्या सकते थे. परिजनों की चीत्कार सुन सभी की आंखें नम थीं.
11-11 लाख की आर्थिक सहायता
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने दुर्घटना में मारे गए सभी मृतकों के परिजनों के लिए 11-11 लाख रुपए का मुआवजा देने की घोषणा की है. इसके अलावा नगर निगम ने 2-2 लाख, जिला प्रशासन ने 1-1 लाख और रेड क्रास ने 50-50 हजार रुपए आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है.
मंत्री ने कहा निगम और पुलिस प्रशासन जिम्मेदार
खटलापुरा हादसे के लिए कानून मंत्री पीसी शर्मा ने निगम प्रशासन और पुलिस की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है. मंत्री की माने तो निगम अफसरों की लापरवाही के चलते लोगों को अपनी जान गवानी पड़ी. शर्मा के मुताबिक उन्होंने रात दो बजे तक निरीक्षण किया था, लेकिन इस दौरान निगम के अफसर नदारद थे.
मजिस्ट्रियल जांच के आदेश
मुख्यमंत्री कमल नाथ ने भोपाल में छोटे तालाब के खटलापुरा घाट पर हुई नाव दुर्घटना पर गहन दु:ख व्यक्त किया है. नाथ ने कहा कि मैं इस दुर्घटना में मृत लोगों के परिजनों के दु:ख में सहभागी हूं. मुख्यमंत्री ने बताया कि घटना के बाद से ही मैं निरंतर जिला प्रशासन के सम्पर्क में रहा और रेस्क्यू आपरेशन की जानकारी ली. यह घटना कैसे हुई? क्या इसमें किसी स्तर पर लापरवाही हुई? इन सब बिंदुओं पर मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए हैं. उन्होंने कहा है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा. मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद एडीएम उत्तर भोपाल सतीश कुमार एस को जांच सौंपी गई है.
प्रधानमंत्री ने जताया शोक
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भोपाल में तड़के गणपति विसर्जन के दौरान नाव पलटने से 11 लोगों के डूब जाने की घटना पर गहरा शोक प्रकट किया और कहा कि उनकी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं. प्रधानमंत्री कार्यालय ने मोदी के हवाले से ट्वीट में कहा कि भोपाल के खटलापुरा घाट पर नाव पलटने की घटना दुखद है. उन्होंने कहा कि इस दुख की घड़ी में हमारी संवेदनाएं घटना में जान गंवाने वाले परिवारों के साथ है.
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