संत समागम में मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं साधु-संतों के लिए कुछ करुं तो लोगों के पेट में होता है दर्दमुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि धर्म और नर्मदा के नाम पर जो घोटाले प्रदेश में हुए हैं, उन घोटालों की जांच कराई जाएगी. सरकार संतों को पट्टा देने पर भी विचार करेगी. भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि मैं साधु-संतों के लिए कुछ करता हूं तो लोगों के पेट में दर्द होता है, जैसे इन्होंने धर्म का ठेका ले लिया हो.
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने यह बात आज राजधानी भोपाल में मिंटो हाल में हुए संत समागम को संबोधित करते हुए कही. संतों का यह समागम कम्प्यूटर बाबा की अगुवाई में हुआ था. समागम में प्रदेश भर से 1 हजार साधु संत शामिल होने राजधानी पहुंचे थे. समागम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरा सौभाग्य है कि मुझे संत समागम में आने का मौका मिला, मैं सभी साधु-संतों को प्रणाम करता हूं. उन्होंने भाजपा पर निशाना साधा और कहा कि मैं साधु-संतों के लिए कुछ करता हूं तो लोगों के पेट में दर्द होता है, जैसे इन्होंने धर्म का ठेका ले लिया हो. समागम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मुझे लगा कि पिली सरकार के 15 साल के कार्यकाल संतों समस्याओं का समाधान हो गया होगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि साधु संतों की मांग पूरी की जाएगी, उन्होंने कहा कि साधु-संतों को पट्टा दिया जा सकता है. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार तो संतों को मांगना पड़ा, अगली बार कभी ऐसा नहीं होगा. उन्होंने कहा कि धर्म के नाम पर बहुत घोटाले हुए. नर्मदा किनारे पेड़ लगाने के नाम पर जमकर भ्रष्टाचार हुआ, इसकी जांच जरूर होगी. इन घोटालों की जांच कराई जाएगी.
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि हमें यह विचार करना होगा कि हम किस तरह से नई पीढ़ी को आध्यात्मिकता से जोड़ों रखें. नौजवानों को आध्यात्मिकता से जोड़कर रखना आवश्यक है, जिससे हमारी आध्यात्मिक शक्ति, सभ्यता और संस्कृति की मजबूती बनी रहे.
भगवा पहनकर मंदिरों में किया जा रहा रेप
दिग्विजय सिंह ने कहा संत समागम सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि सनातन धर्म विश्व का सबसे पुराना धर्म है, बाकि जितने भी धर्म हैं वो अलग-अलग विचार धारा के द्वारा उत्पन्न हुए हैं, लेकिन आज विश्व में अगर कोई सबसे प्राचीनतम धर्म है तो वो है सनातन धर्म. सनातन धर्म का कभी अंत नहीं हो सकता है. लोग अपना परिवार छोड़कर साधु-संत बनते हैं, लेकिन आज भगवा पहनकर लोग चूर्ण बेच रहे हैं और बलात्कार कर रहे हैं. दिग्विजय सिंह ने कहा कि आज भगवा पहनकर मंदिरों में रेप किया जा रहा है. ऐसा करने वाले लोगों को ईश्वर कभी माफ नहीं करेगा.
जय सिया राम से शुरु किया संबोधन
दिग्विजय सिंह ने अपना संबोधन जय सिया राम के नारे से किया. उन्होंने कहा कि जय श्रीराम का नारा कुछ राजनीतिक पार्टियों का है, लेकिन हमें जय सिया राम कहना चाहिए. हम जय श्रीराम में सीता मां को क्यों भूल जाते हैं. उन्होंने कमलनाथ सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि मैं बधाई देता हूं कि उन्होंने (कमलनाथ) आनंद विभाग को समाप्त कर आध्यात्म विभाग बनाया, क्योंकि आनंद के कई मतलब होते हैं. दिग्विजय सिंह ने कहा- धर्म का उपयोग राजनीति में नहीं होना चाहिए. भगवान राम सबके हैं. दिग्विजय ने कहा- हर धर्म हमें अच्छा बनने की शिक्षा देता है.
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