हमने 20 लाख किसानों का कर्ज किया माफ: कमलनाथमध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि 20 लाख किसानों का कर्जा माफ किया, 50 लाख किसानों के खाते में पैसे मिले. लेकिन वास्तविक में 38 लाख किसान ही थे. इस दौरान कई किसानों के दो-दो खाते मिले. 50 हजार रुपए तक के कर्जदार किसानों का कर्जा माफ हुआ है. उन्होंने कहा कि भाजपा मुंह चलाने में माहिर है. कांग्रेस को ये सब नहीं आता.
देश में आर्थिक मंदी के विरोध में कांग्रेस ने भोपाल के मानस भवन में राज्य स्तरीय संगोष्ठी का आयोजन किया है. आयोजन में मुख्यमंत्री कमलनाथ, प्रदेश कांग्रेस प्रभारी दीपक बाबरिया सहित सभी कांग्रेस नेता मौजूद हैं. कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री कमलानाथ ने मध्यप्रदेश सरकार के 6 महीने कार्यकाल की चुनौतियों और उपलब्धियों को जनता से साझा किया. मुख्यमंत्री संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार को काम करने के लिए साढ़े 6 महीने मिले हैं. इस दौरान सरकार को कई बड़ी चुनौती मिली. सरकारी खजाना खाली था, अर्थव्यवस्था में लगातार गिरावट आ रही थी और बदहाल कृषि सरकार के सामने बड़ी चुनौती थी, लेकिन बावजूद इन चुनौतियों का सामना करते हुए सरकार ने कई बड़े काम किए हैं. उन्होंने कहा कि प्रदेश की जिम्मेदारी मिलने के बाद सरकार ने पहली अगस्त तक 20 लाख किसानों का कर्जा माफ किया, 50 लाख किसानों के खाते में पैसे मिले. लेकिन वास्तविक में 38 लाख किसान ही थे. इस दौरान कई किसानों के दो-दो खाते मिले. 50 हजार रुपए तक के कर्जदार किसानों का कर्जा माफ हुआ है. चालू खातों वाले किसानों तक 2 लाख तक का कर्जा माफ किया जाएगा.उन्होंने कहा कि देश में आर्थिक संकट होने के बावजूद हमने प्रदेश में कई काम करके दिखाए हैं. प्रदेश में बेरोजगारी दूर करने के लिए बड़े कदम उठाने पड़ेंगे. यहां 15 साल भाजपा की सरकार रही, सब भगवा कर दिया. हमने बारिश रुकते ही सर्वे शुरू कर दिया, सर्वे शुरू होते ही फिर बारिश हो गई, सारा सर्वे बरबाद हो गया, अब फिर से सर्वे कर रहे हैं.
मुंह चलाने में माहिर भाजपा
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपने 15 साल तक कांग्रेस का झंडा उठाया है, अब शांत बैठने की वक्त नहीं है. भाजपा मुंह चलाने में माहिर है. कांग्रेस को ये सब नहीं आता. शिवराज सिंह चौहान धरने पर बैठ जाएंगे, उनमें इतनी हिम्मत और चिंता है तो दिल्ली जाकर धरना दें. वो केवल यहीं कैमरे के सामने सब करते रहेंगे
दूसरे के कामों की क्रेडिट लेते हैं मोदी
प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी दीपक बाबरिया ने कहा कि चन्द्रयान के कार्यक्रम में नरेन्द्र मोदी आगे बैठकर छिछोरापन दिखाते हैं, दूसरों के काम का खुद क्रेडिट ले लेते हैं. आजादी के संग्राम को लेकर भाजपा ने किताबों में जो छेड़खानी की है, उसे दूर किया जाना चाहिए. गांधीजी, गांधीजी की जगह थे और आंबेडकर, आंबेडकर की जगह पर थे. मोदीजी आज गांधीजी की बात करते हैं, लेकिन जब वे गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तो 12 साल के कार्यकाल में महज दो बार ही साबरमती आश्रम पहुंचे थे. ताज्जुब नहीं है कि मोदीजी जवाहरलाल नेहरू को हाइजैक करने की कोशिश करें.
सारे पद भोपाल-इंदौर में न बंट जाएं
बाबरिया ने प्रदेश के मंत्रियों को नसीहत देते हुए कहा कि मंत्री भाजपा के लोगों को नियुक्ति दे रहे हैं, सुधर जाइए. नहीं सुधरे तो मंत्रिमंडल में फेरबदल कर देंगे. कांग्रेस कार्यकर्ताओं के काम नहीं हो रहे, उनकी सुनवाई प्रदेश के मंत्री करें. संगठन के पदों पर नियुक्ति में पिछले चुनावों में क्या योगदान रहा ये भी देखा जाए. उन्होंने कहा कि सारे पद भोपाल और इंदौर के लोगों को न बांट दिया जाए, इस बात का विशेष ध्यान रखें.
मध्यप्रदेश को लिखा ‘मध्यदेश’
कांग्रेस की बैठक में आज एक चूक हो गई, जिसे लेकर कांग्रेस विपक्ष के निशाने पर भी आ गई. दरअसल बैठक के दौरान मंच पर लगाए गए बैनर में यह चूक देखने को मिली. बैठक के दौरान मंच पर लगे बैनर में मध्यप्रदेश की जगह उसे 'मध्यदेश' लिख दिया गया. इस बैनर को लेकर शिवराज सिंह चौहान के ट्वीट कर आलोचना की है. चौहान ने लिखा है कि ये है कांग्रेस का असली रूप, जिसने कभी ना देश की परवाह की ना प्रदेश की. उन्होंने कहा कि जो लोग मध्यप्रदेश भी ठीक से नहीं लिख सकते, उनसे हम जनता क्या, कौनसी, और कैसी उम्मीद रखे? आप ही बताइए. वहीं चौहान द्वारा की गई आलोचना पर गृहमंत्री बाला बच्चन का कहना है यह मानवीय त्रुटि है. उन्होंने कहा कि भाजपा अपना गिरेबान झांक कर देखें.
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