मंगलवार, 24 सितंबर 2019

ये समुद्र है कोई नाटक नहीं कमलनाथजी

 शिवराज ने कहा मैं जीयूंगा और मरुंगा प्रदेश की जनता के लिए

चारों तरफ जनता का समुद्र इकट्ठा है, देख लो कमलनाथजी, ये कोई नाटक नहीं है, जनता का गुस्सा है. कमलनाथ के मंत्री परेशान हैं कि मैं जनता के बीच क्यों घूम रहा हूं. शिवराज मुख्यमंत्री हो न हो बहनों का भाई हमेशा रहेगा. प्रदेश की साढ़े सात करोड़ जनता से दिल का रिश्ता बनाया है. जनता मेरी जिंदगी है और हर सांस जनता के लिए चलती है. मैं जीयूंगा और मरुंगा सिर्फ प्रदेश की जनता के लिए. 
यह बात भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने नसरूल्लागंज में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए कही. पूर्व मुख्यमंत्री ने कमलनाथ सरकार पर 15 आरोप लगाए और स्थानीय तहसील कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन भी किया. चौहान ने कहा कि बाढ़ पीड़ित जनता त्राहि-त्राहि कर रही है, लेकिन सरकार के लोग और कांग्रेसी अपने झगड़े में मस्त है. उन्हें जनता की चिंता नहीं है. उन्होंने कहा कि मुझ पर आरोप लगाने वाले नेता एक बार मेरे साथ घूम लें तो उन्हें समझ में आ जाएगा. मैंने हर तरह की परेशानी उठाकर जनता का दुख महसूस किया है. बाढ़ में सब तबाह हो गया. उन्होंने कहा कि मैं मंदसौर गया तो प्रशासन सक्रिय हो गया और मुख्यमंत्री को मंदसौर जाने पर मजबूर होना पड़ा. कई दिन बीत जाने के बाद बाढ़ पीड़ितों की सुध लेने अब मुख्यमंत्री पहुंचे हैं.
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की जनता की पीड़ा और उसके आंसू मुझे द्रवित कर देते हैं. उन्होंने कहा कि आज जनता की अदालत नसरुल्लागंज तहसील में लगी है. हमने तहसील को घेर लिया है. लोकतंत्र में जनता ही सर्वोपरि होती है वह राजा को कठघरे मे खड़ा करेगी. आज अदालत में जनता खराब फसल, बढ़े हुए बिजली के बिल लाएगी. स्व सहायता समूह के लोगों की लड़ाई भी लड़ी जाएगी. श्री चौहान ने कहा कि आज रात यहीं कटेगी, हम कहीं जाएंगे नहीं और गक्कड़ तहसील कार्यालय में बनेगी. आज अदालत लगेगी और कल फैसला सुनाया जायेगा. उन्होंने कहा कि अगर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं पर अकारण मुकदमे लादे गए तो थाने का घेराव किया जाएगा.
कर्जा माफ करना होगा और मुआवजा भी देना पड़ेगा
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी भी नसरुल्लागंज आए थे और वादा किया था कि 10 दिन में किसानों का कर्जा माफ कर देंगे. 11 वें दिन मुख्यमंत्री बदलने की बात कह रहे थे, परंतु न कर्जमाफ हुआ और न मुख्यमंत्री बदला गया. कर्जमाफ नहीं होने से किसान डिफाल्टर हो गए हैं. किसानों की जिंदगी बर्बाद हो गयी. उन्होंने  चेतावनी देते हुए कहा कि कमलनाथ सरकार सुन ले. कर्जा माफ करना पड़ेगा, खाद बीज की व्यवस्था करनी पड़ेगी और मुआवजा भी देना पड़ेगा. हम चुप नहीं बैठेंगे, जनता की लड़ाई के लिए सड़कों पर निकलकर संघर्ष करेंगे. ये लड़ाई नसरुल्लागंज की नहीं, पूरे मध्यप्रदेश की लड़ाई का शंखनाद है. राहुल गांधी के इस विश्वासघात के लिए सोनिया गांधी को जनता से माफी मांगना चाहिए.

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें