मुख्यमंत्री की कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष से मुलाकात के बाद मंत्रिमंडल विस्तार की सुगबुगाहटमध्यप्रदेश कांग्रेस में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और वन मंत्री उमंग सिंघार के बीच हुए विवाद के बाद अब मामला कांग्रेस की अनुशासन समिति के अध्यक्ष ए.के.एंटोनी के पास पहुंचा है. एंटोनी जल्द ही इस मामले में मंत्रियों और नेताओं को नोटिस देने वाले हैं. उनके द्वारा की जाने वाली कार्रवाई पर सभी नजरें टिक गई है. इसके साथ ही राज्य में एक बार फिर मंत्रिमंडल विस्तार की सुगबुगाहट तेज हुई है.
कांग्रेस में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और उमंग सिंघार मामले में अब राज्य के नेताओं की नजरें अनुशासन समिति द्वारा उठाए जाने वाले कदम पर टिक गई है. नेता इस मामले में कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी की नाराजगी के चलते बड़े स्तर पर कार्रवाई होने की बात कह रहे हैं. कयास तो इस बात के भी लगाए जा रहे हैं, कि उमंग सिंघार को मंत्री पद से भी हाथ थोना पड़ सकता है, मगर फिलहाल झाबुआ में उपचुनाव को देखते हुए एंटोनी इस मामले में नर्म रुख भी अपना सकते हैं. इसके पीछे तर्क यह दिया जा रहा है कि अगर सिंघार पर कार्रवाई करते हुए मंत्री पद से हटाया गया तो आदिवासी बहुल झाबुआ क्षेत्र के सिंघार समर्थक आदिवासियों की नाराजगी का सामना भी करना पड़ सकता है, लेकिन माना जा रहा है कि अनुशासन समिति के पाले में यह मामला चले जाने से इस मामले को लेकर जिन मंत्रियों ने खुलकर बयानबाजी की थी, उन मंत्रियों पर कार्रवाई हो सकती है. एंटोनी जल्द ही इस पूरे मामले में कांग्रेस के मध्यप्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया द्वारा दी गई सोनिया गांधी को रिपोर्ट के आधार पर नेताओं और मंत्रियों को नोटिस दे रहे हैं.
वहीं इस मामले को लेकर दिल्ली में मुख्यमंत्री कमलनाथ और काग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी के बीच हुई मुलाकात के बाद राज्य में फिर से मंत्रिमंडल विस्तार की सुगबुगाहट तेज हुई है.सूत्रों की माने तो मुख्यमंत्री कमलनाथ विवाद को खत्म करने के लिए जल्द ही मंत्रिमंडल का विस्तार कर सकते हैं. इस विस्तार में वन मंत्री उमंग सिंघार की मुश्किल बढ़ सकती है.
सिंधिया से सोनिया गांधी की मुलाकात आज
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और वन मंत्री उमंग सिंघार के बीच हुए विवाद के चलते कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पूर्व सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया को 10 सिंतबर को दिल्ली बुलाया है. सिंधिया से मुलाकात के बाद सोनिया गांधी जल्द ही प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए नाम तय कर सकती हैं. सूत्रों के अनुसार सोनिया गांधी, सिंधिया से मुलाकात कर उन्हें विवाद समाप्त करने को कह सकती हैं. इसके पहले दिग्विजय सिंह और मुख्यमंत्री कमलनाथ से वे मुलाकात कर सारी बातों की जानकारी चुकी हैं.
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