अपने पर लगे आरोपों के बाद दिग्विजय ने तोड़ी चुप्पी, सोनिया गांधी, कमलनाथ लेंगे फैसला मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने आज वन मंत्री उमंग सिंघार द्वारा लगाए गए उन पर आरोपों के बाद चुप्पी तोड़ी और कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता अनुशासन में रहें और भाजपा को किसी तरह का कोई मौका न दें. उन्होंने कहा कि सांसद होने के नाते मुझे पत्र लिखने का अधिकार है. इस पूरे मामले पर कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी और प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ फैसला लेंगे.
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, वन मंत्री उमंग सिंघार से हुए विवाद के बाद आज शुक्रवार को मीडिया से रुबरु हुए. उन्होंने कहा सासंद होने के नाते पत्र लिखना मेरा अधिकार व कर्तव्य है, इसलिए मैंने पत्र लिखकर जानकारी मांगी. सिंह ने कहा कि हर पार्टी में अनुशासन होना चाहिए आगे मैं फैसला कांगे्रस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी और मुख्यमंत्री एवं प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ पर छोड़ता हूं. वन मंत्री उमंग सिंघार के आरोपों से आहत हैं, इस सवाल पर सिंह ने कहा कि मुझे राजनीति में 50 साल हो गए हैं. मुझ पर लगातार हमले हुए हैं, लेकिन मैं कभी विचलित नहीं हुआ, इसलिए ऐसे आरोपों से आहत होने का सवाल ही नहीं है. उमंग सिंघार से मिलने और उन्हें माफ करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मैं फिलहाल तो उनसे नहीं मिल रहा हूं. उन्होंने उमंग द्वारा चाय पर बुलाने को लेकर कहा कि मैं डायबटिक नहीं, कड़वी नहीं, मीठी चाय पीता हूं. सुपर सीएम वाले बयान पर उन्होंने कहा कि कमलनाथ इतने कमजोर नहीं कि उन्हें किसी की जरूरत पड़े. मुझे जो भी कहना है वह मैं पार्टी फोरम पर रखूंगा. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता अनुशासन बनाए रखें और भाजपा को कोई मौका न दें. पोस्टर लगाने का हर किसी को अधिकार है, लोग अनुशासन का पालन करें. उन्होंने कहा कि मेरी सिंधियाजी से कोई नाराजगी नहीं है, उनके अलावा किसी और से भी नाराजगी नहीं है. सिंधियाजी से मेरी चर्चा की और दीपक बावरियाजी से भी चर्चा की है.
झूठा फंसाया गया चिदंबरम को
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि पूर्व वित्त मंत्री चिदंबरम को झूठा फंसाया जा रहा है. केन्द्र सरकार, गुजरात सरकार आफ गवर्नेंस लागू कर रही है.
सिंघार ने फिर किया ट्वीट
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह से वन मंत्री उमंग सिंघार का चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. दिग्विजय सिंह ने आज शुक्रवार को मीडिया से चर्चा की, उसके कुछ देर बाद ही फिर उमंग सिंघार ने ट्वीट कर अपने तेवर दिखाए. हालांकि आज किए गए ट्वीट में उन्होंने सिंह का नाम तो नहीं लिया, मगर संकेत देते हुए कहा कि ‘मेरा यह सुझाव है कि सभी को अनुशासन में रहना चाहिए.’ सिंह द्वारा मीडिया से की गई बातचीत के बाद सिंघार के इस ट्वीट को अपरोक्ष रुप से सिंह पर हमला माना जा रहा है.
नहीं है सब कुछ आल इज वेल
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह द्वारा मीडिया से चर्चा करने के बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भाजपा पर हमला बोला है. पूर्व मंत्री मिश्रा ने कहा कि सच्चाई तो यह है कि सब कुछ आल इज वेल नही है. प्रदेश की जनता को उन सवालों के जवाब चाहिए जिसके कारण देशभर में प्रदेश की बदनामी हो रही है. उन्होंने कहा कि मंत्री द्वारा दिग्विजय को ब्लैकमेलर, रेत माफिया, सरकार चलाने वाला, शराब माफिया ना जाने क्या-क्या कहा गया, दिग्विजय को इस पर सफाई देनी चाहिए. दिग्विजय सिंह पहले तो अपना मौन तोड़े और सारे सवालों के जवाब जनता को दे. उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह और वन मंत्री के बीच अगर मुलाकात होगी तो क्या होगा, सब जानते हैं. चर्चा के बाद दोनों मीडिया के सामने गले में हाथ डालकर निकलेंगे और कहेंगे सब ठीक है.
सोनिया ने कांग्रेस नेताओं को दी हिदायत
कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कांग्रेस नेताओं को हिदायत दी है कि बेवजह की बयानबाजी न करें. सोनिया गांधी ने कहा कि अगर किसी को किसी भी नेता या सरकार से कोई दिक्कत है तो वो पार्टी के अंदर उचित फोरम पर उठाए, उसकी समस्या का निदान जरूर होगा. अगर उचित फोरम बात न सुनी जाए तो पार्टी अध्यक्ष को भी मामलों से अवगत करा सकते हैं.
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