बुधवार, 25 सितंबर 2019

अब पार्षद चुनेंगे महापौर और अध्यक्ष

नगरीय निकाय एक्ट में बदलाव को कैबिनेट की हरी झंडी

राज्य सरकार ने आज कैबिनेट बैठक में नगरीय निकाय चुनाव को अप्रत्यक्ष प्रणाली से कराने पर अपनी मोहर लगा दी है. इसके बाद अब मध्यप्रदेश में महापौर और नगर पालिका एवं नगर पंचायत के अध्यक्षों का चुनाव पार्षदों से कराने का रास्ता साफ हो गया है.  
राज्य मंत्रिमंडल की बैठक के बाद राज्य के जनसंपर्क मंत्री पी.सी.शर्मा ने मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि आज कैबिनेट की  बैठक में नगरीय निकाय चुनाव को अप्रत्यक्ष प्रणाली से कराने का फैसला लिया गया है. उन्होंने बताया कि  इस फैसले के बाद अब पार्षद का चुनाव सीधे जनता द्वारा होगा, लेकिन नगर निगम महापौर और जनपद पंचायत एवं नगर पंचायत अध्यक्ष का चुनाव अप्रत्यक्ष प्रणाली से कराए जाएंगे. इस फैसले के बादअब पार्षद सीधे तौर पर अपना महापौर और अध्यक्ष चुन सकेंगे. इससे पहले अभी तक जनता सीधे महापौर को चुनती थी, लेकिन इस फैसले के बाद अप्रत्यक्ष तरीके से महापौर और नगर निगम के सभापति का चुनाव होगा.
शर्मा ने बताया कि आज एक्ट में बदलाव किए जाने के फैसले के बाद  आपराधिक छवि वाले पार्षदों की अब खैर नहीं होगी.  नगरीय निकाय चुनाव में गलत जानकारी देने पर प्रत्याशियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के साथ 6 महीने की जेल और 25 हजार रुपए जुर्माने के प्रावधान को भी कैबिनेट ने मंजूर किया है. 

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