
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि राज्य में बाढ़ के हालात के लिए प्रदेश की सरकार जिम्मेदार है. उन्होंने इसे आपराधिक लापरवाही करार दिया. उन्होंंने सरकार से पूछा कि प्रदेश के बांधों में क्षमता से अधिक पानी भरा गया, इसका कारण क्या है. शिवराज सिंह ने राज्य में आपदा को लेकर सरकार से श्वेतपत्र जारी करने की मांग की.
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि सरकार को यह बताना चाहिए कि बांधों को किस तारीख तक कितना भरा जाना चाहिए था, वे उस तारीख तक कितने भरे गए. बांधों में क्षमता से अधिक पानी क्यों भरा गया.उन्होंने कहा कि गांधी सागर बांध से पानी छोड़ने के कारण भी तबाही आई है. पूर्व मुख्यमंत्री ने बताया कि ये आपदा मैनमेड भी है, क्योंकि बांध में किस महीने में कितना पानी भरना है ये तय रहता है. गांधी सागर के मामले में प्रशासन और सरकार सोती रही. शिवराज ने कहा कि समय पर पानी रिलीज नहीं किया गया.
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं प्रदेश सरकार से पूछना चाहता हूं कि राहत राशि के लिए कितने पत्र आपने केंद्र सरकार को अब तक लिखें हैं? क्यों क्षति का आकलन करके केंद्र सरकार को नहीं भेजा? अगर केंद्र सरकार से मदद भी मैं ही माँगू तो फिर आप कुर्सी पर क्यों बैठे हैं? कांग्रेस के मंत्रियों को शर्म आनी चाहिए!
आपदा को बताया शताब्दी का बड़ा जलप्रलय
शिवराज ने कहा कि मौसम केंद्र की चेतावनी भी नजरअंदाज कर दिया गया. गांधी सागर में लिमिट से ज्यादा पानी भरा गया. उन्होंने मंदसौर-नीमच में आई आपदा को शताब्दी का सबसे बड़ा जलप्रलय बताया. उनकी माने तो समय से पहले पानी छोड़ दिया जाता तो आज ये स्थिति नहीं देखनी पड़ती. प्रशासन की लापरवाही के कारण मंदसौर, नीमच और श्योपुर, भिंड, मुरैना इस आपदा का शिकार हो गया. मैं सरकार से इस पर श्वेत पत्र जारी करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करता हूं.
काले कारनामों को लेकर जारी करेंगे काला पत्र
जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने श्वेत पत्र को लेकर शिवराज सिंह पर जमकर निशाना साधा और कहा कि पहले 15 साल के काले कारनामों को लेकर काला पत्र जारी किया जाएगा. डंपरकांड में नए इनपुट मिले हैं. उन्हें तत्काल उजागर करेंगे. वहीं राहत राशि को लेकर कहा कि केंद्र से 10 हजार करोड़ राहित राशि के रूप मे देने की मांग की गई है. प्रदेश में सरकार ने 45 हजार लोगों का रेस्क्यू किया है, सरकार का हर मंत्री ने केंद्र से सहयोग की मांग की है. जबकि भाजपा सहयोग के नाम पर सिर्फ नौटंकी कर रही है, शिवराज और राकेश सिंह में से दोनों तय कर ले कि अधिकृत कौन है ?
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