मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार संत समाज को साधने की तैयारी कर चुकी है. इसके तहत सरकार राजधानी भोपाल में 17 सितंबर को एक बड़ा संत सम्मेलन करने जा रही है. सम्मेलन की जिम्मेदारी सरकार ने नर्मदा क्षिप्रा न्यास के अध्यक्ष कंम्प्यूटर बाबा को सौंपी है. सम्मेलन में करीब 2 हजार साधु-संत शामिल होंगे और सरकार के सामने संतों की विभिन्न मांगों को रखा जाएगा.
इस आशय की जानकारी खुद नर्मदा-क्षिप्रा न्यास के अध्यक्ष कंम्प्यूटर बाबा ने दी. बाबा ने आज धर्मस्थ मंत्री पी.सी.शर्मा ने उनके निवास पर मुलाकात की. इसके बाद उन्होंने मीडिया में यह जानकारी दी कि संत समाज का एक बड़ा सम्मेलन राजधानी भोपाल में 17 सितंबर को होगा. सम्मेलन में शामिल होने के लिए 2 हजार साधु-संतों को आमंत्रण भेजा जा रहा है. सम्मेलन में मुख्यमंत्री कमलनाथ और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह शामिल होंगे. कंप्यूटर बाबा ने बताया कि सम्मेलन के दौरान आध्यात्म, नदी संरक्षण और अवैध खनन के अलावा कई और अहम मुद्दों पर चर्चा होगी. संत समाज विभिन्न मुद्दों पर एक प्रस्ताव सरकार को सौंपेगा, जिसमें सरकार से उन्हें पूरा करने की मांग की जाएगी.
शिवराज सरकार नहीं सुनती थी संतों की बात
कम्प्यूटर बाबा ने कहा कि शिवराज सरकार में केवल सम्मेलन होते थे, संतों की बात नहीं सुनी जाती थी. उन्होंने कहा कि सम्मेलन में संत अपनी मांगों का एक प्रस्ताव सरकार को सौंपेंगे. आध्यात्म मंत्री पी.सी. शर्मा ने कहा कि जो संत कहेंगे कमलनाथ सरकार वह करेगी. मध्यप्रदेश के मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री के साथ हम सब संतों से आशीर्वाद लेंगे. संत सम्मेलन के लिए कंप्यूटर बाबा के साथ बैठकर हमने रूपरेखा तैयार की है.

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