कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी के निर्देश पर अब प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में नई व्यवस्था शुरु की जा रही है. इस व्यवस्था के तहत अब मंत्रियों को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पहुंचकर कार्यकर्ताओं से चर्चा करना जरुरी होगा. इसकी शुरुआत कल 20 सितंबर से मुख्यमंत्री कमलनाथ करेंगे, जबकि 26 सिंतबर को पूर्व सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में बैठेंगे और कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगे.
सत्ता और संगठन में तालमेल बैठाने के लिए कांग्रेस पार्टी प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में नई व्यवस्था शुरू करने जा रही है. इसके तहत मंत्रियों को भी प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पहुंचकर कार्यकर्ताओं की समस्याओं को सुनना पड़ेगा. इस नई व्यवस्था के तहत प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ कल 20 सितंबर को कांग्रेस कार्यालय में बैठेंगे और वे कार्याकर्ताओं की बातों को सुनेंगे. इसके अलावा 26 सितंबर को पूर्व सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पहुंचेंगे वे भी कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगे. उल्लेखनीय है कि सिंधिया ने हाल ही में इंदौर, ग्वालियर और भोपाल में कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मुलाकात की है. वे सत्ता और संगठन में तालमेल की बात भी कह चुके हैं. इसके साथ ही पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा एआईसीसी में मंत्रियों के यहां उनकी सुनवाई न होने की शिकायत की गई थी, जिससे पार्टी आलाकमान ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में मंत्रियों की रोस्टर प्रक्रिया के तहत उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं.
दरअसल, कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी ने प्रदेश में मंत्रियों के लिए रोस्टर प्रणाली शुरू करने की बात कही है. वर्तमान में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है कि मंत्री प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आएं और कार्यकर्ताओं की दिक्कतों के बारे में जानें. कांग्रेस पार्टी लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद प्रदेश की कांग्रेस इकाईयों को चुस्त-दुरुस्त करना चाहती है, ताकि कार्यकतार्ओं की नाराजगी का सामना न करना पड़े. कांग्रेस के संगठन महामंत्री चंद्रप्रभाष शेखर का कहना है कि इस बारे में एआईसीसी से जैसे ही निर्देश प्राप्त होते हैं, उन्हें प्रदेश में लागू किया जाएगा.
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