मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार के लिए बाबा संकट बने हुए हैं. सरकार ने कम्प्यूटर बाबा को पद क्या दे दिया, सरकार के लिए वे मुसीबत बन गए हैं. अब देव मुरारी बापू ने कम्प्यूटर बाबा के खिलाफ मोर्चा खोला है और उन्हें मारने की धमकी तक दे डाली है.
बयानों को लेकर चर्चा में रहे कथा वाचक देवमुरारी बापू सरकार से खफा हो गए हैं. वे पहले भी अपनी पीड़ा बता चुके हैं. अब उन्हें जब इस बात की जानकारी मिली कि सरकार 17 सितंबर को साधु-संतों का एक सम्मेलन करने जा रही है और इसकी जिम्मेदारी नदी न्यास के अध्यक्ष कम्प्यूटर बाबा को दी गई है तो उनकी नाराजगी और बढ़ गई. उन्होंने कहा कि कम्प्यूटर बाबा होश में रहें, नहीं तो जूतों से पीट-पीट कर बाबा को होश में ला दूंगा. उन्होंने कहा कि कम्प्यूटर बाबा पढ़े-लिखे तो हैं नहीं. मैं अशोक नगर का रहने वाला हूं, जबकि कम्प्यूटर बाबा जबलपुर के रहने वाले हैं. इस दौरान उन्होंने कम्प्यूटर बाबा पर यह आरोप भी लगाया कि कम्प्यूटर बाबा ने इंदौर में करोड़ों की जमीन हड़प रखी है और सरकार को मूर्ख बनाने का ठेका ले लिया है.
यहां उल्लेखनीय है कि 17 सितंबर को आयोजित सम्मेलन में सरकार द्वारा कम्प्यूटर बाबा को जो जिम्मेदारी दी गई, उससे कथा वाचक देव मुरानी बापू खफा हैं. उन्होंने भी विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के पक्ष में प्रचार अभियान में भाग लिया था और कांग्रेस के पक्ष में चुनाव प्रचार किया था. देव मुरारी बापू को उम्मीद थी कि सरकार कोई पद उन्हें देगी,मगर सरकार बनने के बाद ऐसा नहीं हुआ. इसके बाद उन्होंने अगस्त माह की 15 तारीख को उन्होंने धमकी दी थी कि अगर उन्हें गौ संवर्धन बोर्ड का अध्यक्ष नहीं बनाया गया तो वे खुदकुशी कर लेंगे. मगर इस दौरान धर्मस्य मंत्री पी.सी.शर्मा ने उनसे चर्चा कर आश्वस्त कराया था कि सरकार उन्हें पद देगी. इस पर वे मान गए थे, मगर अब तक कोई पद उन्हें नहीं मिला है, बल्कि सरकार ने 17 सितंबर के संतों के सम्मेलन के आयोजन की बागडोर भी कम्प्यूटर बाबा को सौंप दी है.
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