मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार के बाद भाजपा पहला बड़ा प्रदेशव्यापी आंदोलन करने जा रही है. राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ 11 सितंबर को होने वाले इस आंदोलन का नाम दिया गया है, 'घंटानाद'. इस आंदोलन में जिला स्तर पर बड़े नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है.
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार कुंभकर्णी नींद में सो रही है, जनता के हितों की चिंता नहीं है, केवल और केवल भ्रष्टाचार के कीर्तिमान बना रही है. भाजपा 11 सितंबर को कांग्रेस सरकार को नींद से जगाने के लिए प्रदेशव्यापी 'घंटानाद' आंदोलन करने जा रही है. आंदोलन में कार्यकर्ता घंटा-मंजीरे लेकर कलेक्ट्रेट का घेराव करेंगे. हर जिला केन्द्र पर पार्टी के वरिष्ठ नेता आंदोलन का नेतृत्व करेंगे. इस आंदोलन के लिए प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव, सांसद प्रज्ञा ठाकुर, संपतिया उईके सहित अन्य नेताओं को जिले का प्रभारी बनाया गया है.
आंदोलन के लिए मुरैना का उमाशंकर गुप्ता को, भिंड का वेदप्रकाश शर्मा, दतिया का सांसद संध्या राय, ग्वालियर नगर व ग्रामीण का भूपेन्द्र सिंह, श्योपुर का जयसिंह कुशवाहा, शिवपुरी का पूर्व मंत्री माया सिंह, गुना का प्रदीप लारिया व सांसद के.पी.यादव को प्रभारी बनाया गया है. इसी तरह अशोकनगर का जयभान सिंह पवैया, सागर का सांसद प्रभात झा, टीकमगढ़ का पूर्व मंत्री वीरेन्द्र खटीक, छतरपुर का वी.डी. शर्मा, दमोह का जयंत मलैया, पन्ना का पूर्व मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह, रीवा का सीताशरण शर्मा व जनार्दन मिश्रा, सतना का गणेश सिंह, सीधी का सांसद रीति पाठक, सिंगरौली का सुखप्रीत कौर, शहडोल का अजय प्रताप सिंह व हिमाद्री सिंह, उमरिया का रामलाल रौतेल को प्रभारी बनाया गया है. वहीं जबलपुर नगर/ जबलपुर ग्रामीण को गोपाल भार्गव, कटनी अरविंद भदौरिया, डिंडोरी का विनोद गोदिया, मंडला का कैलाश सोनी, संपतिया उइके, बालाघाट का नरेश दिवाकर, सिवनी का ढ़ाल सिंह बिसेन, नरसिंंहपुर का राव उदयप्रताप सिंह, छिंदवाड़ा का गौरीशंकर बिसेन, होशंगाबाद का कृष्णा गौर, हरदा का अभिलाष पाण्डे, कमल पटेल, बैतूल का हेमंत खंडेलवाल, दुर्गादास उइके को प्रभारी बनाया गया है.
कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद भाजपा की ओर से कई आंदोलन किए गए लेकिन यह आंदोलन क्षेत्रीय रहे, मगर पहला बड़ा आंदोलन भाजपा 11 सितंबर को करने जा रही है. इस आंदोलन के जरिए भाजपा अपनी ताकत का प्रदर्शन करने जा रही है.
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार कुंभकर्णी नींद में सो रही है, जनता के हितों की चिंता नहीं है, केवल और केवल भ्रष्टाचार के कीर्तिमान बना रही है. भाजपा 11 सितंबर को कांग्रेस सरकार को नींद से जगाने के लिए प्रदेशव्यापी 'घंटानाद' आंदोलन करने जा रही है. आंदोलन में कार्यकर्ता घंटा-मंजीरे लेकर कलेक्ट्रेट का घेराव करेंगे. हर जिला केन्द्र पर पार्टी के वरिष्ठ नेता आंदोलन का नेतृत्व करेंगे. इस आंदोलन के लिए प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव, सांसद प्रज्ञा ठाकुर, संपतिया उईके सहित अन्य नेताओं को जिले का प्रभारी बनाया गया है.
आंदोलन के लिए मुरैना का उमाशंकर गुप्ता को, भिंड का वेदप्रकाश शर्मा, दतिया का सांसद संध्या राय, ग्वालियर नगर व ग्रामीण का भूपेन्द्र सिंह, श्योपुर का जयसिंह कुशवाहा, शिवपुरी का पूर्व मंत्री माया सिंह, गुना का प्रदीप लारिया व सांसद के.पी.यादव को प्रभारी बनाया गया है. इसी तरह अशोकनगर का जयभान सिंह पवैया, सागर का सांसद प्रभात झा, टीकमगढ़ का पूर्व मंत्री वीरेन्द्र खटीक, छतरपुर का वी.डी. शर्मा, दमोह का जयंत मलैया, पन्ना का पूर्व मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह, रीवा का सीताशरण शर्मा व जनार्दन मिश्रा, सतना का गणेश सिंह, सीधी का सांसद रीति पाठक, सिंगरौली का सुखप्रीत कौर, शहडोल का अजय प्रताप सिंह व हिमाद्री सिंह, उमरिया का रामलाल रौतेल को प्रभारी बनाया गया है. वहीं जबलपुर नगर/ जबलपुर ग्रामीण को गोपाल भार्गव, कटनी अरविंद भदौरिया, डिंडोरी का विनोद गोदिया, मंडला का कैलाश सोनी, संपतिया उइके, बालाघाट का नरेश दिवाकर, सिवनी का ढ़ाल सिंह बिसेन, नरसिंंहपुर का राव उदयप्रताप सिंह, छिंदवाड़ा का गौरीशंकर बिसेन, होशंगाबाद का कृष्णा गौर, हरदा का अभिलाष पाण्डे, कमल पटेल, बैतूल का हेमंत खंडेलवाल, दुर्गादास उइके को प्रभारी बनाया गया है.
कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद भाजपा की ओर से कई आंदोलन किए गए लेकिन यह आंदोलन क्षेत्रीय रहे, मगर पहला बड़ा आंदोलन भाजपा 11 सितंबर को करने जा रही है. इस आंदोलन के जरिए भाजपा अपनी ताकत का प्रदर्शन करने जा रही है.

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