मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर कांग्रेस ने हमला बोला है. कांगे्रस के नेता के.के. मिश्रा ने कहा कि शिवराज सिंह प्रदेश के जयप्रकाश नारायण बनने का असफल ख्वाब देख रहे हैं. मंदसौर में जो उन्होंने कहा वह राष्ट्रदोह की श्रेणी में आता है.
कांग्रेस नेता ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान द्वारा मंदसौर जिले में बाढ़ पीड़ित किसानों के बीच जाकर उनसे सार्वजनिक रूप से यह आव्हान करना कि ‘आपको अपने भाई की कसम है, किसान बिजली के बिलों का भुगतान नहीं करें,वहीं महिलाएं भी समूह लोन की राशि नहीं भरे, समूह लोन की राशि की वसूली करने कोई आये तो उसे झाड़ू से पीटना.’
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कमलनाथ, एक पूर्व मुख्यमंत्री का यह कृत्य राज्यद्रोह की श्रेणी में आता है, यह एक अक्षम्य राजनैतिक अपराध, अराजकता होकर भविष्य के लिए एक घातक राजनैतिक संदेश संकेत है. लिहाजा, ऐसे मामलों को कृपाकर नजरअंदाज न करने की अतिकृपा कीजिएगा. मिश्रा ने कहा कि लगता है शिवराज प्रदेश के जयप्रकाश नारायण बनने का कभी भी सफल न होने वाला ख्वाब देख रहे हैं.
उल्लेखनीय है कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सरकार को जगाने के लिए मंदसौर में 24 घंटे का धरना प्रदर्शन किया था. दूसरे दिन रविवार को उन्होंने सुबह सरकार को फिर से अपनी मांगों की याद दिलाई और कहा कि मैं जनता का दुख सुनने के लिए यहां आया हूं. मुझे सत्ता से कोई लगाव नहीं है. चौहान ने कहा कि यदि सरकार नहीं सुनती है तो दिवाली के बाद आंदोलन किया जाएगा. उन्होंने किसानों और लोगों की समस्याओं को लेकर मंदसौर कलेक्टर मनोज पुष्प को एक ज्ञापन भी सौपा. शिवराज ने इस दौरान किसानों और लोगों से कहा था कि इतना बिल मत भरना और यदि कोई वसूली के लिए आता है तो भी मत देना. इसके लिए हर वार्ड में एक निगरानी समित बनेगी जो वसूली व बिजली बिल कनेक्शन काटने का विरोध करेगी. इसके बाद ऐसी समिति पूरे प्रदेश में बनाई जाएगी.

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