मंगलवार, 17 सितंबर 2019

बाढ़ को लेकर विपक्ष ने की दो दिवसीय विशेष सत्र बुलाने की मांग, सरकार ने नकारा


मध्यप्रदेश में तेज बारिश के चलते आई बाढ़ के बाद किसानों को हुए भारी नुकसान को लेकर मुख्य विपक्षी दल भाजपा, कमलनाथ सरकार पर हमलावर हो गई है. विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने बाढ़ के मुद्दे पर विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र बुलाने की मांग की है. वहीं सरकार की ओर से नेता प्रतिपक्ष की मांग को अस्वीकार करते हुए कहा गया है कि विशेष सत्र बुलाने की आवश्यकता नहीं है.
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र बुलाने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री कमलनाथ को पत्र लिखा है. उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में हो रही तेज बारिश के चलते कई जिलों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है. नदी-नाले उफान पर हैं और खेतों में पानी भर गया है, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है. ऐसी स्थिति में विधानसभा का दो दिवसीय सत्र बुलाकर इस पर चर्चा कर यह प्रयास किया जाना चाहिए कि किसानों को ज्यादा से ज्यादा मिल मिल सके. मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में भार्गव ने कहा कि है कि किसान हमारी पहली प्राथमिकता है इसलिए राजनीति से हटकर इस समय किसानों के साथ हमें खड़े रहने एवं उनकी हर संभव मदद करने की जरूरत है. प्रदेश की जनता एवं किसान को इस समय प्रदेश सरकार से इस विकट समस्या से राहत की आवश्यकता हैं किसानों को राहत देने के लिए प्रतिपक्ष सरकार के साथ खड़ा है.  उन्होंने कहा कि किसान हमारी पहली प्राथमिकता है इसलिए राजनीति से हटकर इस समय किसानों के साथ हमें खड़े रहने एवं उनकी हर संभव मदद करने की जरूरत है. प्रदेश की जनता एवं किसान को इस समय प्रदेश सरकार से इस विकट समस्या से राहत की आवश्यकता हैं किसानों को राहत देने के लिए प्रतिपक्ष सरकार के साथ खड़ा है.
नेता प्रतिपक्ष द्वारा मुख्यमंत्री को पत्र लिखे जाने पर राज्य के जनसंपर्क मंत्री पी.सी.शर्मा ने कहा कि भाजपा केवल इस मुद्दे पर सियासत कर रही है. प्रदेश में बाढ़ की स्थिति नियंत्रण में है और विशेष सत्र बुलाने की कोई जरूरत नहीं है.  जहां तक विधानसभा का सत्र बुलाए जाने की बात है तो नेता प्रतिपक्ष को विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखना चाहिए. यदि आवश्यक होगा तो इस पर विचार किया जाएगा. 
श्वेतपत्र जारी करने के निर्देश दें राज्यपाल
पूर्व मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा ने राज्यपाल लालजी टंडन को पत्र लिखकर मांग की है कि वे सरकार को निर्देशित करें कि सरकार बाढ़ पीढ़ितों को राहत पहुंचाने का काम करें. राज्यपाल को लिख पत्र में डा. मिश्रा ने कहा कि  पूरे मध्यप्रदेश में बाढ़ के हालात से जनता त्राहिमाम कर रही है ऐसी विषम परिस्थितियों में न तो मुख्यमंत्री कमलनाथ, न सरकार के मंत्री बाढ़ प्रभावितो के बीच पहुँचे है, सरकार बाढ़ प्रभावितों पर राजनीति कर केंद्र सरकार पर झूठा दोषारोपण कर रही है.  उन्होंने कहा कि मेरा  आपसे अनुरोध है कि सरकार को प्रभावित लोगों की मदद हेतु निर्देशित करे व आज तक सरकार द्वारा की गई मदद के बारे में श्वेत पत्र जारी करने के लिए आदेशित करे.

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