मंगलवार, 24 सितंबर 2019

झाबुआ उपचुनाव में प्रत्याशी को लेकर कांग्रेस में घमासान

 विधायक पहुंची दिग्विजय के घर, भूरिया को टिकट देने की उठी मांग

मध्यप्रदेश  कांग्रेस में झाबुआ उपचुनाव में प्रत्याशी को लेकर घमासान मचना शुरु हो गया. कांग्रेस की जोबट से विधायक कलावती भूरिया आज अपने समर्थकों के साथ पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के निवास पर पहुंची और पूर्व सांसद कांतिलाल भूरिया को टिकट देने की मांग की.
झाबुआ उपचुनाव को लेकर कांग्रेस जहां एकजुटता दिखाने का प्रयास करते हुए जीत के लिए उत्साहित है, वहीं प्रत्याशी चयन को लेकर घमासान भी मचने लगा है. दावेदारों के समर्थकों ने वरिष्ठ नेताओं के यहां पहुंचकर दबाव बनाना शुरु कर दिया है. भोपाल से लेकर दिल्ली तक दावेदारों की सक्रियता दिखाई दे रही है. राजधानी भोपाल में आज झाबुआ जिले की जोबट विधानसभा क्षेत्र की विधायक कलावती भूरिया ने अपने समर्थकों के साथ पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के निवास पर पहुंचकर पूर्व सांसद कांतिलाल भूरिया को उम्मीदवार बनाने की मांग की. उन्होंने कहा कि भूरिया 40 साल से क्षेत्र में सक्रिय हैं, वे आदिवासियों के नेता हैं, उन्हें उम्मीदवार बनाया जाए. 
दरअसल भूरिया सांसद चुनाव हारने और भाजपा के झाबुआ से विधायक जी.एस.डामोर के विधायक पद छोड़ने के बाद से दावेदारी कर रहे हैं. भूरिया अपने पुत्र डा. विक्रांत भूरिया के लिए भी पैरवी कर रहे हैं. उनका लगातार यह प्रयास बना हुआ है कि उन्हें या फिर उनके पुत्र डा. भूरिया को उम्मीदवार बनाया जाए. वैसे पार्टी ने यहां पर ठोस फैसला लेने का निर्णय किया है. भूरिया लोकसभा चुनाव हारे हैं, जबकि डा. विक्रांत भूरिया भी विधानसभा चुनाव हार चुके हैं. इस लिहाज से पार्टी यहां पर प्रत्याशी चयन को लेकर गंभीर है.
वहीं मुख्यमंत्री कमलनाथ भी प्रत्याशी को लेकर सक्रियता दिखा  रहे हैं. वे दिल्ली में हैं और कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से चर्चा कर अपनी पसंद बताएंगे. माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री की मुलाकात के बाद कांग्रेस संगठन जल्द ही प्रत्याशी के नाम की घोषणा करेगा.
जेवियर मेड़ा भी हैं सक्रिय
पूर्व विधायक जेवियर मेड़ा भी अपनी दावेदारी जता रहे हैं. मेड़ा दिल्ली में सक्रिय हैं और वे कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से लगातार संपर्क में हैं और टिकट के लिए दावेदारी कर रहे हैं. वहीं मेड़ा का विरोध भी भूरिया समर्थक यह कहकर कर रहे हैं कि बीते विधानसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के बागी के तौर पर चुनाव लड़ा जिसके चलते कांग्रेस प्रत्याशी को यहां पर हार का सामना करना पड़ा है. हालांकि अभी कांग्रेस की ओर से पत्ते नहीं खोले गए हैं, मगर यह माना जा रहा है कि इस बार कांग्रेस संगठन प्रत्याशी चयन में जिताऊ प्रत्याशी को ही मैदान में उतारेगा.

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