मुख्यमंत्री कमल नाथ की वजह से गुजरात, राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली राज्य में फैले हुए अरावली पर्वत की रक्षा हो सकी है.
यह बात मैगसेसे पुरस्कार प्राप्त जल पुरुष राजेन्द्र सिंह ने कही. राजेन्द्र सिंह ने 'पानी का अधिकार' एक्ट का प्रारूप बनाने के लिए गठित विशेषज्ञ समिति की बैठक में बताया कि 7 मई 1992 को अरावली पर्वत में हो रहे अवैध उत्खनन एवं अतिक्रमण को लेकर वे तत्कालीन केन्द्रीय पर्यावरण मंत्री कमल नाथ से मिले थे. नाथ ने अरावली पर्वत को बचाने के लिए उस समय जो नोटिफिकेशन जारी किया, उसके कारण न केवल अरावली पर्वत सुरक्षित है, बल्कि चारों राज्यों में उसके कारण हरियाली है.

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