शुक्रवार, 6 सितंबर 2019

पार्टियों के चुनाव चिन्ह पर ही लड़े जाएंगे नगरीय चुनाव


नगरीय निकाय के चुनाव में महापौर और अध्यक्ष का चुनाव जनता करे या फिर पार्षद इस पर जल्द ही फैसला सरकार लेगी, मगर सरकार की ओर से आज इस बात के संकेत दिए गए हैं ये चुनाव पार्टियों के चुनाव चिन्ह पर ही लड़े जाएंगे.
राज्य के विधि मंत्री पी.सी.शर्मा ने आज मीडिया से चर्चा में इस बात के संकेत दिए हैं. उन्होंने कहा कि राज्य में नगरीय निकाय चुनाव पार्टियों के चुनाव चिन्ह पर ही लड़े जाएंगे. इसके अलावा महापौर और अध्यक्ष पद का चयन जनता करे या फिर पार्षद करेंगे, इस बात का जल्द ही फैसला लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि कैबिनेट बैठक में यह फैसला ले लिया जाएगा. शर्मा ने कहा कि बीते 15 सालों में राजेनताओं और कार्यकर्ताओं पर दर्ज राजनीतिक मामले भी वापस लिए जाएंगे. उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि कांग्रेस के अलावा अगर भाजपा के कार्यकर्ताओं ने भी संघर्ष किया होगा और उन पर मामले दर्ज होंगे तो वे भी मामले वापस लिए जाएंगे. 
उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश में होने वाले आगामी निकाय चुनाव पार्टी चुनाव चिह्न पर नहीं कराए जाने की बात सामने आ रही थी. माना जा रहा था कि नगरीय निकाय चुनावों में संशोधन के लिए वरिष्ठ सचिव समिति सहित विधि विभाग मंजूरी दे सकता है. अगर यह मंजूरी मिल जाती है तो फिर नगरीय निकाय के चुनाव पाटियों के चुनाव चिन्ह पर नहीं कराए जाते. मगर आज विधि मंत्री शर्मा ने इस बात को खारिज करते हुए साफ कर दिया कि सरकार राज्य में नगरीय निकाय चुनाव पाटियों के चुनाव चिन्ह पर ही कराएगी. इस बात का फैसला कैबिनेट बैठक में लिया जाएगा.  दूसरी ओर भाजपा भी नकरीय निकाय चुनाव को लेकर गंभीर है. वह भी पार्टियों के चुनाव चिन्ह पर ही ये चुनाव कराना चाहती है. वहीं कांग्रेस इस चुनाव को लेकर गंभीर है. वह लोकसभा चुनाव जैसे प्रदर्शन की अपेक्षा नहीं रखते हुए ज्यादा से ज्यादा सीटों पर कब्जा जमाने के लिए सक्रिय है. 

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