बुधवार, 25 सितंबर 2019

मुझे केन्द्र से पैसा लाना है तो आप कुर्सी पर क्यों बैठे: शिवराज



प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंंह चौहान ने आज कमलनाथ सरकार पर हमला बोला और कहा कि अगर मुझे बाढ़ पीड़ितों के लिए केन्द्र से पैसा लाना है तो आप कुर्सी पर क्यों बैठे हैं. उन्होंने कहा कि यह कैसी सरकार है, मुझे समझ में नहीं आ रहा है.  मंत्री वो हैं, मुख्यमंत्री उनके हैं और कहते हैं कि प्रदेश में बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए केंद्र सरकार से पैसा शिवराज ले आये.
पूर्व मुख्यमंत्री ने यह बात आज राजधानी में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कही. उन्होंने प्रदेश की कमलनाथ सरकार को घेरते हुए कहा है कि बाढ़ पीड़ितों के लिए सरकार राहत की राशि नहीं दे पा रही है और कहते हैं शिवराज सिंह चौहान केंद्र सरकार से पैसा लेकर आएं. जबकि संघीय ढ़ांचे के मुताबिक राज्य सरकार राहत की राशि की मांग केंद्र से कर सकती है. शिवराज सिंह ने कमलनाथ सरकार पर तंज कसते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री और मंत्री ये बने बैठे हैं और कहते हैं शिवराज पैसा लेकर आए, तो काहे के लिए कुर्सी पर बैठे हैं. वहीं खेल मंत्री जीतू पटवारी के शिवराज के घर पर धरना देने के बयान पर उनका कहना है कि वो आएं मेरे घर धरना देने.
चौहान ने कहा कि प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के चलते आई बाढ़ ने कई जिलों की फसलों को बर्बाद कर दिया है. वहीं आम जन-जीवन भी इससे प्रभावित हुआ है और बड़ी संख्या में लोगों का नुकसान हुआ है. इसके चलते प्रदेश सरकार केंद्र पर राहत राशि ना देने का आरोप लगा रही है. एक दिन पहले खेल मंत्री जीतू पटवारी ने कहा था कि पहले शिवराज सिंह चौहान केंद्र सरकार के खिलाफ बहुत धरना देते थे, अब मुझे लगता है केंद्र से पैसा लाने के लिए उनके घर पर धरना देना होगा. इस पर शिवराज ने उनका स्वागत किया है और कहा है कि वो मेरे घर धरना देने आएं. 
उन्होंने कहा कि मैं श्रेय की लड़ाई की संकीर्णता में कभी नहीं रहा.  इंदौर की मेट्रो हो या भोपाल की मेट्रो हो, दोनों के लिए जितनी फारमैलिटी की जरूरत थी, सब फारमैलिटी भाजपा की सरकार ने पूरी कर दी थी.  शिलान्यास शेष रह गया था, अब कांग्रेस करे, लेकिन यह तो न कहे कि उन्होंने 9 महीने में ही सब कर दिया है. 
पार्षदों द्वारा महापौर चुनने का किया विरोध
पूर्व मुख्यमंत्री ने आज कमलनाथ कैबिनेट द्वारा लिए नगरीय निकाय एक्ट में बदलाव के लिए गए फैसले का विरोध किया. उन्होंने कहा कि महापौर, नगर पालिका अध्यक्ष और नगर पंचायत अध्यक्ष को सीधे पार्षदों द्वारा चुनने का जो प्रस्ताव कांग्रेस लाई है, इससे जोड़-तोड़ और खरीद-फरोख्त के उसके कुत्सित प्रयास को बल मिलेगा. हम मांग करते हैं कि जनता पूर्ववत महापौर, नगर पालिका अध्यक्ष और नगर पंचायत के अध्यक्ष को भी चुने.

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