
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि विधान परिषद का गठन कोई नई सोच नहीं है, बल्कि 20 साल से प्रदेश में इस पर विचार किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि विपक्ष तो हर चीज का विरोध करता है और यह उसका काम है.
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने विधान परिषद को लेकर मीडिया से बात करते हुए कहा कि विधान परिषद का गठन कोई नई सोच नहीं हैं. 20 साल से प्रदेश में इस पर विचार किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि विधान परिषद में लोग जुड़े, प्रतिनिधि बनें, ये अच्छा है. विपक्ष के सवालों पर जवाब दे तुए उन्होंने कहा कि विपक्ष तो हर चीज का विरोध करता है ये उसका काम ही है.
उल्लेखनीय है विधान परिषद के गठन को लेकर कवायदें तेज हो गई हैं. मंगलवार को प्रदेश के मुख्य सचिव एस आर मोहंती ने अन्य विभाक के सचिवों व अधिकारियों के साथ बैठक की थी. वहीं भाजपा द्वारा इसका विरोध किया जा रहा है. भाजपा का आरोप है कि सरकार असंतोष को दबाने के लिए इसका गठन कर रही है.
किसान यूनियन भी कर रही विरोध
किसान यूनियन के नेता अनिल यादव का कहना है कि सरकार द्वारा विधान परिषद के गठन का रास्ता चुना गया है. वह किसानों के लिए काफी दयनीय स्थिति है. उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की बात नहीं कर रही है, वहीं दूसरी तरफ विधायकों को फायदा पहुंचाने और करोड़ों रुपए खर्च करने की बात कर रही है. ऐसे में प्रदेश का किसान चुप नहीं बैठेगा. यादव ने कहा प्रदेश में एक बड़ा आंदोलन होगा और कहा कि विधायकों को फायदा पहुंचाकर सरकार नहीं बनी है, बल्कि सरकार किसानों के बलबूते पर बनी हैं और उन्हीं के बलबूते पर टिकेगी. अगर सरकार नहीं मानी तो एक बार फिर मंदसौर जैसे हालात बनेंगे. उन्होंने कहा सरकार अपने फैसले को वापस ले और विधान परिषद का गठन ना करें.
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