किसान आत्महत्या के लिए मुख्यमंत्री कमलनाथ जिम्मेदारमध्यप्रदेश के रायसेन जिले में किसान द्वारा आत्महत्या करने को लेकर फिर से सियासत गर्मा गई है. भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने प्रदेश मेंं किसान आत्महत्या के लिए मुख्यमंत्री कमलनाथ को जिम्मेदार ठहराया है. वहीं उन्होंने कहा कि राज्य में सिंधिया और दिग्विजय सिंह की अलग-अलग कांगे्रस हैं. कब कौन किससे गठबंधन करता है, यह पता नहीं चलता.यही कांग्रेस के संस्कार हैं.
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव ने यह बात आज राजधानी भोपाल में मीडिया से चर्चा करते हुए कही. वे आज राज्यपाल लालजी टंडन से भाजपा प्रतिनिधिमंडल के साथ मिले. विजयवर्गीय ने कहा कि प्रदेश में दिग्विजय सिंह की कांग्रेस अलग है, सिंधिया की कांग्रेस अलग है, इसलिए कब कौन किसके साथ गठबंधन करता है, समझ नहीं आता है. कांग्रेस में यह खेल चलता रहता है और यही कांग्रेस के संस्कार हैं. उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसानों की आत्महत्या के लिए सिर्फ कांग्रेस और मुख्यमंत्री कमलनाथ जिम्मेदार हैं, क्योंकि उन्होंने 2 लाख तक की कर्जमाफी का अपना वादा पूरा नहीं किया. किसानों ने अपना बजट यह मानते हुए बनाया था कि उनका कर्जा माफ हो जाएगा, लेकिन कर्जा माफ नहीं हुआ, जिससे उनका बजट बिगड़ रहा है. उन्होंने कहा कि इसे लेकर पूरे प्रदेश के किसान सरकार के खिलाफ आंदोलन करेंगे.
राज्य के कृषि मंत्री सचिन यादव ने कैलाश विजयर्गीय के आरोपों को नकारा है. उन्होंने कहा कि बीते 15 सालों में मध्यप्रदेश में करीब 21 हजार किसानों ने आत्महत्या की है. यादव ने कहा कि भाजपा की सरकार के दौरान किसानों की आत्महत्याओं को देखते हुए कमलनाथ सरकार ने ऋणमाफी योजना शुरू की है, जिससे किसानों का कर्ज माफ हो सके. उन्होंने ये भी कहा कि जो भी सूदखोर किसानों को परेशान करते हैं, उनके खिलाफ सरकार सख्ती बरतेगी.
यह है मामला
राजधानी भोपाल के निकट रायसेन जिले के सिलवानी में एक बुजुर्ग किसान तुलसीराम साहू उम्र 60 वर्ष ने कर्ज से परेशान होकर आत्महत्या कर ली. किसान द्वारा आत्महत्या करने का कारण साहूकार द्वारा कर्ज के लिए परेशान करना बताया जा रहा है. भाजपा ने आरोप लगाया है कि किसान कर्ज माफी का लाभ अब तक किसान को नहीं मिला था.
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