गुरुवार, 3 अक्टूबर 2019

कांग्रेस की प्रदेश और केन्द्रीय इकाई जान ले मुसलमान उनके गुलाम नहीं

 पूर्व राज्यपाल ने स्टार प्रचारकों का उठाया मुद्दा, कहा एक भी मुस्लिम को नहीं बनाया स्टार प्रचारक

मध्यप्रदेश कांग्रेस में स्टार प्रचारक को लेकर विवाद थमने के बजाय बढ़ता जा रहा है. अब राज्य के कद्दावर नेता और पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी ने इसे लेकर मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने इसे लेकर मुस्लिमों की उपेक्षा बताया और प्रदेश एवं केन्द्रीय इकाई को साफ कह दिया कि वह यह जान ले कि मुसलमान उनके गुलाम नहीं हैं.
मध्यप्रदेश में झाबुआ उपचुनाव को लेकर कांग्रेस द्वारा जारी की गई 40 स्टार प्रचारकों की सूची को लेकर पहले दिन से ही विवाद खड़ा हो गया था. पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंंह के खिलाफ मैदान में उतरे वन मंत्री उमंग सिंघार को स्टार प्रचारकों की सूची में शामिल नहीं किया गया तो उनकी नाराजगी साफ दिखाई दी. इतना ही नहीं इस सूची में पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक मंत्रियों की संख्या में नहीं के बराबर है. इससे सिंधिया समर्थक नाराज थे. इसके बाद अब स्टार प्रचारकों की सूची का विरोध राज्य के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी ने किया है. उन्होंने स्टार प्रचारकों में एक भी मुस्लिम नेता को शामिल नहीं किए जाने को मुस्लिमों की उपेक्षा माना है.  मीडिया से चर्चा में कुरैशी ने कहा कि कुछ नेता नेहरू-गांधी खानदान को गुमराह करते आ रहे हैं. वही लोग कांग्रेस पार्टी के इस बिखराव के लिए जिम्मेदार हैं. कुरैशी ने दो टूक शब्दों में कहा कि मध्यप्रदेश और केंद्रीय नेतृत्व को यह बात अच्छी तरह जान लेना चाहिए कि मुसलमान उनका गुलाम नहीं है और न ही दिहाड़ी मजदूर, अब और अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
कुरैशी ने यह भी कहा कि स्टार प्रचारकों की सूची देखकर मुझे 1977 की याद आ गई, जब स्वर्गीय इंदिरा गांधी ने कांग्रेस (ई) की स्थापना करते हुए सभी कांग्रेसियों को उनके साथ शामिल होने का आह्वान किया था.उस वक्त मध्यप्रदेश के दिग्गज नेताओं में शुमार डीपी मिश्रा, डा. शंकरदयाल शर्मा, प्रकाश चंद सेठी, श्यामाचरण शुक्ल और गोविंद नारायण सिंह जैसे नेताओं ने उनका विरोध किया था, तुरंत उनके साथ नहीं आए थे. उन्होंने दावा किया कि मुश्किल की उस घड़ी में सबसे पहले इंदिराजी के पक्ष में झंडा उठाने वाला मैं ही था. जेल भरो आंदोलन की शुरूआत कर गिरफ्तारी भी दी थी. पूर्व राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश नेतृत्व यह भूल गया कि पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनाव में मुसलमान ही कांग्रेस को समर्थन देने वाले थे, लेकिन चिंता की बात यही है कि आज भाजपा के हिंदुत्व को मानने वाले विचारधारा रखने वालों को खुश करने मुसलमानों की उपेक्षा की जा रही है

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