मध्यप्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के बयान से नाराज पटवारी आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं.
पटवारी संघ ने हड़ताल का चेतावनी कल 2 अक्तूबर को दे दी थी, जिसके बाद आज से पूरे प्रदेश में पटवारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं. अपमानित और मानसिक प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाते हुए पटवारी संघ ने कहा है कि गिरे हुए मनोबल के साथ ऐसे हालात में काम करना उनके लिए बेहद मुश्किल है. पटवारियों की हड़ताल से किसानों की परेशानी बढ़ना तय है. क्योंकि बाढ़ और बारिश से बर्बाद हुई फसलों का सर्वे पटवारियों को ही करना है और सर्वे के बाद ही सरकार किसानों के नुकसान की भरपाई करेगी, लेकिन जब पटवारी ही हड़ताल पर चले गए, तो किसानों की फसलों का सर्वे कैसे होगा. ऐसे में अब पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और प्रदेश के उच्छ शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी को चौतरफा आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है.
उल्लेखनीय है कि जीतू पटवारी ने पटवारी समूह को रिश्वतखोर बताते हुए कहा था कि पटवारी रिश्वतखोर होते हैं. इंदौर के रंगवासा गांव में आयोजित आपकी सरकार, आपके द्वार कार्यक्रम में पहुंचे मंत्री जीतू पटवारी ने कहा कि सौ फीसदी पटवारी रिश्वत लेते हैं. उच्च शिक्षा मंत्री ने कलेक्टर से कहा कि इन पर लगाम कसना जरूरी है. उन्होंने शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कोई लापरवाही सामने आई तो कड़ी कार्रवाई होगी.
प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री के इस बयान के बाद पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी कहा कि पटवारी लाखों रूपए की रिश्वत ले रहे हैं. भाजपा के जमाने से यह परंपरा चली आ रही है, जिसे खत्म करने की जरूरत है. इंदौर में गांधी जयंती के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में दिग्विजय सिंह ने यह बयान दिया था. पूर्व मुख्यमंत्री दिग्वजिय सिंह का कहना था कि मध्यप्रदेश में नामांतरण और बंटवारे के नाम पर पटवारी लाखों रुपए की रिश्वत ले रहे हैं.
माननियों के द्वारा अपमान किए जाने से गिरा मनोबल
मध्यप्रदेश पटवारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष उपेन्द्र सिंह बघेल ने कहा कि पहले उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी और फिर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने पटवारियों पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया है. माननियों के इन बयानों से प्रदेश के पटवारियों का अपमान तो हुआ है साथ ही उनका मनोबल भी गिरा है. हमने उच्च शिक्षा मंत्री से माफी मांगने को कहा था, उन्होंने माफी तो मांगी नहीं. वहीं गांधी जयंती के अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी पटवारियों पर रिश्वत लेने का आरोप लगा दिया है. इससे दुखी होकर आज से प्रदेश के पटवारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं.
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